उच्चतम न्यायालय ने कलकत्ता उच्च न्यायालय के अलग-अलग आदेशों पर लिया स्वत: संज्ञान
कलकत्ता हाईकोर्ट खंडपीठ-एकल पीठ आदेश विवाद पर सुप्रीम कोर्ट सोमवार को करेगा सुनवाई
नयी दिल्ली : उच्चतम न्यायालय ने फर्जी जाति प्रमाणपत्र घोटाले में मामला केन्द्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपने के मुद्दे पर कलकत्ता उच्च न्यायालय की दो पीठों के अलग-अलग सुनाए गए फैसलों पर स्वत: संज्ञान लिया है।उच्चतम न्यायालय ने 27 जनवरी को छुट्टी के दिन पांच न्यायाधीशों की विशेष पीठ का गठन किया है।
शीर्ष अदालत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) डीवाई चंद्रचूड़ की अगुवाई में गठित यह विशेष पीठ शनिवार को इस मामले की सुनवाई करेगी।गौरतलब है कि कलकत्ता उच्च न्यायालय के न्यायाधीश अभिजीत गंगोपाध्याय ने बुधवार सुबह एक आदेश पारित कर पश्चिम बंगाल पुलिस से मामले से संबंधित दस्तावेज सीबीआई को सौंपने को कहा था। वहीं अदालत की एक दूसरी पीठ ने उसी दिन न्यायमूर्ति गंगोपाध्याय के आदेश पर रोक लगा दी थी। उसके बावजूद, न्यायमूर्ति गंगोपाध्याय की एकल-पीठ ने बुधवार दोपहर को मामले के कागजात सीबीआई को सौंपने की अनुमति दे दी थी।
कलकत्ता हाईकोर्ट खंडपीठ-एकल पीठ आदेश विवाद पर सुप्रीम कोर्ट सोमवार को करेगा सुनवाई
उच्चतम न्यायालय ने पश्चिम बंगाल में एमबीबीएस की पढ़ाई में दाखिले के लिए कथित फर्जी जाति प्रमाण पत्र के मामले की केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने का कलकत्ता उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति अभिजीत गंगोपाध्याय की एकल पीठ के आदेश देने और उसके एक खंडपीठ के आदेश को अवैध घोषित करने से उत्पन्न अभूतपूर्व घटनाक्रम के बाद शनिवार को सभी कार्यवाहियों पर रोक लगाते हुए कहा कि वह इस मामले में सोमवार को सुनवाई करेगा।मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति संजीव खन्ना, न्यायमूर्ति बी आर गवई, न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति अनिरुद्ध बोस की पांच सदस्यीय विशेष संविधान पीठ ने ‘स्वत: संज्ञान’ लेकर सुनवाई की और आदेश पारित किया।(वार्ता)



