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यात्रियों के लिए खुशखबरी : अचानक बढ़ी ट्रेनें, अब सफर होगा आसान

भारतीय रेलवे ने ग्रीष्म 2026 में बढ़ती यात्रा मांग को देखते हुए 908 विशेष ट्रेनों को मंजूरी दी है, जो 15 अप्रैल से 15 जुलाई के बीच 18,262 ट्रिप संचालित करेंगी। इससे वेटिंग लिस्ट कम होगी और यात्रियों को अधिक कंफर्म टिकट मिलेंगे। विभिन्न जोनों में संतुलित संचालन से कनेक्टिविटी बेहतर होगी। साथ ही यूडीआईडी कार्डधारक दिव्यांगजन अब मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों के अनारक्षित कोच में यात्रा कर सकेंगे, जिससे समावेशी और सुविधाजनक यात्रा सुनिश्चित होगी।

  • ग्रीष्मकालीन विशेष ट्रेनों की बढ़ी हुई उपलब्धता से यात्रा में अधिक सुविधा मिलेगी, प्रतीक्षा सूची कम होगी और गर्मियों की भीड़भाड़ के दौरान लाखों यात्रियों के लिए सुगम यात्रा सुनिश्चित होगी

भारतीय रेलवे ग्रीष्म ऋतु 2026 के दौरान यात्रियों की बढ़ती मांग को देखते हुए और सुगम एवं सुविधाजनक यात्रा सुनिश्चित करने के लिए विशेष ट्रेनें चला रहा है। रेलवे ने देश भर में बड़ी संख्या में विशेष ट्रेन सेवाओं को मंजूरी देकर गर्मी के चरम मौसम में यात्रियों के लिए सुगम और आरामदायक यात्रा सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। 15 अप्रैल, 2026 से 15 जुलाई, 2026 तक की अवधि के लिए कुल 908 ग्रीष्मकालीन विशेष ट्रेनों को मंजूरी दी गई है, जो बढ़ी हुई यात्रा मांग को पूरा करने के लिए 18,262 ट्रिप संचालित करेंगी।

इनमें से 660 ट्रेनों को पहले ही अधिसूचित किया जा चुका है, जिनमें 11,294 यात्राएं शामिल हैं, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि नियोजित सेवाओं का एक बड़ा हिस्सा यात्रियों के लिए बुकिंग और यात्रा योजना बनाने के लिए काफी पहले से ही उपलब्ध है।यह व्यापक योजना भारतीय रेलवे के यात्रियों के अधिक भीड़-भाड़ वाले सीजन, विशेष रूप से छुट्टियों, त्योहारों और यात्रा के व्यस्त महीनों के दौरान, के प्रबंधन के लिए सकारात्‍मक दृष्टिकोण को दर्शाती है।

क्षेत्रवार विवरण

भारतीय रेलवे के सभी प्रमुख जोनों में ग्रीष्मकालीन विशेष ट्रेनों का संचालन किया जाता है, जिससे संतुलित क्षेत्रीय संपर्क और कुशल यात्री प्रबंधन सुनिश्चित होता है।

  • दक्षिण मध्य रेलवे 124 ट्रेनों (1,184 ट्रिप) की मंजूरी और 76 ट्रेनों (324 ट्रिप) की अधिसूचना के साथ सबसे आगे है।
  • पश्चिमी रेलवे ने 106 ट्रेनों (2,078 ट्रिप) को मंजूरी दे दी है, जिनमें से 92 ट्रेनों (1,667 ट्रिप) को अधिसूचित किया गया है।
  • उत्तर पश्चिमी रेलवे ने 76 ट्रेनों (2,245 ट्रिप) को मंजूरी दे दी है और 62 ट्रेनों (1,878 ट्रिप) को अधिसूचित कर दिया है।
  • उत्तरी रेलवे ने 76 ट्रेनों (2,090 ट्रिप) को मंजूरी दे दी है, जिनमें से 56 ट्रेनों (1,535 ट्रिप) को अधिसूचित किया गया है।
  • सेंट्रल रेलवे ने 74 ट्रेनों (3,082 ट्रिप) को मंजूरी दे दी है, जिनमें से 70 ट्रेनों (2,238 ट्रिप) को अधिसूचित किया गया है।
  • दक्षिणी रेलवे ने 72 ट्रेनों (558 ट्रिप) को मंजूरी दे दी है, जिनमें से 38 ट्रेनों (133 ट्रिप) को अधिसूचित किया गया है।
  • ईस्ट सेंट्रल रेलवे ने 64 ट्रेनों (2,711 ट्रिप) को मंजूरी दे दी है, जिनमें से 38 ट्रेनों (1,060 ट्रिप) को अधिसूचित किया गया है।
  • उत्तर मध्य रेलवे ने 54 ट्रेनों (1,163 ट्रिप) को मंजूरी दे दी है, जिनमें से 46 ट्रेनों (688 ट्रिप) को अधिसूचित किया गया है।
  • उत्तर पूर्वी रेलवे ने 52 ट्रेनों (814 ट्रिप) को मंजूरी दे दी है, जिनमें से 34 ट्रेनों (477 ट्रिप) को अधिसूचित किया गया है।
  • ईस्ट कोस्ट रेलवे ने 28 ट्रेनों (410 ट्रिप) को मंजूरी दे दी है, जिनमें से 18 ट्रेनों (88 ट्रिप) की सूचना जारी कर दी गई है।
  • पश्चिम मध्य रेलवे ने 28 ट्रेनों (408 ट्रिप) को मंजूरी दे दी है, जिनमें से 18 ट्रेनों (192 ट्रिप) को अधिसूचित किया गया है।
  • पूर्वी रेलवे ने 24 ट्रेनों (392 ट्रिप) को मंजूरी दे दी है, जिनमें से 10 ट्रेनों (276 ट्रिप) को अधिसूचित किया गया है।
  • नॉर्थ फ्रंटियर रेलवे ने 24 ट्रेनों (220 ट्रिप) को मंजूरी दे दी है, जिनमें से 20 ट्रेनों (141 ट्रिप) को अधिसूचित किया गया है।
  • दक्षिण पूर्वी रेलवे ने 20 ट्रेनों (276 ट्रिप) को मंजूरी दे दी है, जिनमें से 18 ट्रेनों (250 ट्रिप) को अधिसूचित किया गया है।
  • दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने 10 ट्रेनों (122 ट्रिप) को मंजूरी दे दी है, जिनमें से 8 ट्रेनों (70 ट्रिप) को अधिसूचित किया गया है।
  • दक्षिण पश्चिमी रेलवे ने 76 ट्रेनों (509 ट्रिप) को मंजूरी दे दी है, जिनमें से 56 ट्रेनों (277 ट्रिप) को अधिसूचित किया गया है।

यात्री लाभ:

ग्रीष्मकालीन विशेष ट्रेनों की बड़े पैमाने पर शुरुआत से यात्रियों को निम्नलिखित रूप से महत्वपूर्ण लाभ होने की उम्मीद है:

  • यात्रा के व्यस्त मौसम के दौरान प्रतीक्षा सूची को कम करना।
  • अतिरिक्त बर्थ और यात्रा के पुष्ट विकल्प उपलब्ध कराना।
  • प्रमुख शहरों और क्षेत्रों के बीच संपर्क को बढ़ाना।
  • सुगम और अधिक आरामदायक यात्रा सुनिश्चित करना।
  • अधिक मांग वाले मार्गों पर विशेष ट्रेनों को तैनात करके, भारतीय रेलवे यह सुनिश्चित कर रहा है कि गर्मियों की भीड़भाड़ के दौरान यात्रियों को कम से कम असुविधा हो।

समय पर योजना बनाकर और विशेष रेल सेवाओं का बड़े पैमाने पर संचालन करके, भारतीय रेलवे यात्रियों की सुविधा और आराम को प्राथमिकता देना जारी रखे हुए है। विभिन्न ज़ोनों में व्यापक कवरेज और अधिसूचित ट्रेनों की बड़ी संख्या, गर्मियों के मौसम में यात्रियों की मांग को कुशलतापूर्वक पूरा करने और परेशानी मुक्त यात्रा सुनिश्चित करने की रेलवे की दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

वैध यूडीआईडी कार्ड धारक दिव्यांगजन मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों में अनारक्षित दिव्यांगजन कोच में यात्रा कर सकते हैं

भारतीय रेल ने समावेशी यात्रा और बेहतर पहुंच सुनिश्चित करते हुए, स्पष्ट किया है कि वैध ‘यूनिक डिसेबिलिटी आईडी’ (यूडीआईडी) कार्ड धारक दिव्यांगजनों को मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों में दिव्यांगजनों के लिए चिह्नित अनारक्षित कोचों में यात्रा करने की अनुमति होगी। दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग द्वारा जारी वैध यूडीआईडी कार्ड धारक दिव्यांगजन और भारतीय रेल द्वारा रियायती किराया सुविधा प्रदान किए गए दिव्यांगजन, दिव्यांगजनों के लिए चिह्नित ‘सेकंड क्लास लगेज-कम-ब्रेक वैन विद कम्पार्टमेंट फॉर दिव्यांगजन’ (एसएलआरडी) या ‘लगेज-कम-सेकंड क्लास लगेज-कम-ब्रेक वैन विद कम्पार्टमेंट फॉर दिव्यांगजन’ (एलएसएलआरडी) कोचों में यात्रा करने के लिए वैध यात्री माने जाएंगे; बशर्ते उनके पास यात्रा करने का वैध अधिकार (टिकट) हो।

रेलवे ने यह भी कहा है कि इन निर्धारित कोचों में यात्रा करते पाए गए अनाधिकृत यात्रियों पर रेल अधिनियम, 1989 के प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि लक्षित लाभार्थी बिना किसी असुविधा के इन सुविधाओं का लाभ उठा सकें। सभी रेल मंडलों को संबंधित अधिकारियों के लिए आवश्यक निर्देश जारी करने की सलाह दी गई है, ताकि इन प्रावधानों का उचित कार्यान्वयन सुनिश्चित हो सके।

यह भी ध्यान दिया जाना चाहिए कि ‘दिव्यांगजन कार्ड’ (जिसे ‘ई-टिकटिंग फोटो पहचान पत्र’ या ईपीआईसीएस के नाम से भी जाना जाता है) दिव्यांगजनों के लिए रेलवे पहचान पत्र है, जो उन्हें ट्रेन यात्रा पर रियायतें प्राप्त करने की अनुमति देता है। यह कार्ड वैध दिव्यांगता/रियायत प्रमाण पत्र के आधार पर जारी किया जाता है, जिसमें कुछ श्रेणियों के लिए यूडीआईडी कार्ड भी स्वीकार्य है। कार्ड जारी करवाने या उसके नवीनीकरण के लिए आवेदन भारतीय रेल के ‘दिव्यांगजन पोर्टल’ या केंद्र सरकार के ‘सेवा पोर्टल’ के माध्यम से जमा किए जा सकते हैं।

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