
रामपुर : बहुचर्चित कारतूस घोटाले में रामपुर की एक विशेष अदालत ने केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) में रामपुर ग्रुप सेंटर के दो हवालदार के अलावा उत्तर प्रदेश पुलिस के 22 जवानों को 10-10 साल की सजा सुनाई है। साथ ही अदालत ने सभी पर 10-10 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है।
अधिकृत सूत्रों के अनुसार एसटीएफ के एक अधिकारी ने कारतूस घोटाले को लेकर 29 अप्रैल 2010 को थाना सिविल लाइन में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसी दिन दो सीआरपीएफ के हवलदारों की गिरफ्तारी हुई थी। इनसे भारी मात्रा में कारतूस और हथियारों के पुर्जे बरामद हुए थे। साथ ही इन हवलदारों की निशानदेही पर 23 और वर्दीधारियों को गिरफ्तार किया गया था। यह अन्य वर्दीधारी दूसरे जिलों के आर्मोरर हैं। इनमें से एक आरोपी की मौत हो चुकी है। इन सभी पर आरोप था कि इन्होंने नक्सलियों को सरकारी हथियारों की आपूर्ति की थी। (वार्ता)



