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हिमाचल में बादल फटने और भूस्खलन से अब तक 51 लोगों की मौत

शिमला : हिमाचल प्रदेश में ऑरेंज अलर्ट के बीच भारी बारिश से तबाही का दौर जारी है। राज्य जगह-जगह बादल फटने तथा भूस्खलन से अब तक 51 लोगों की मौत हो गई है, जबकि लगभग 30 लोग अभी भी लापता हैं। यह जानकारी मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज यहां दी। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार आपदा के कारण राज्य में 752 सड़कें बंद हैं। कालका-शिमला रेल मार्ग बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। जगह-जगह बादल फटने और भूस्खलन से अब 51 लोगों की मौत हो चुकी है। करीब 30 लोग मलबे में दबने और बहने से लापता हैं। मंडी जिले में 18, राजधानी शिमला में 14, सोलन में 11, कांगड़ा-हमीरपुर में क्रमशह 3-3, चंबा और सिरमौर में क्रमश: एक-एक व्यक्ति की जान गई है।

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज यहां कहा कि प्रदेश में भारी बारिश तथा बाढ़ के कारण हुए भारी नुकसान के दृष्टिगत 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में किसी प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित नहीं किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि यह समारोह केवल सेरेमोनियल होगें। उन्होंने कहा कि बारिश के कारण प्रदेश में जानमाल की भारी क्षति हुई है। प्रदेश सरकार आपदा की इस घड़ी में पीड़ित परिवारों के साथ है। मुख्यमंत्री ने आज इंदिरा गांधी चिकित्सा महाविद्यालय शिमला का दौरा भी किया। शिमला शहर के विभिन्न स्थानों में भूस्खलन से घायल हुए लोगों का कुशलक्षेम पूछा और उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की।

शिमला के उपनगर समरहिल में भूस्खलन की चपेट में आने से प्रचीन शिव बावड़ी मंदिर ध्वस्त हो गया। हादसा सुबह सवा सात बजे के करीब हुआ, जब मंदिर में लोग सावन के सोमवार को जलाभिषेक करने पहुंचे थे। मंदिर में हवन यज्ञ और प्रसाद बनाने की भी तैयारी चल रही थी। इसी बीच सैलाब संग आए मलबे और विशालकाय पत्थरों ने मंदिर को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया। पल भर में मंदिर का नामो-निशान मिट गया। हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई। प्रशासन ने रेस्कयू आपरेशन में चलाकर अब तक पांच शव बरामद किए गए हैं। करीब दो दर्जन लोगों के मलबे में फंसने की आशंका है। मृतकों की पहचान प्रदीप पुत्र सुखराम उम्र 25 साल निवासी समरहिल शिव बावड़ी विद्यासागर पुत्र अमित कुमार उम्र 19 साल निवासी समरहिल शिव बावड़ी, अंकुश कुमार पुत्र बाबू सिंह उम्र 26 साल निवासी शिव बावड़ी समरहिल राहुल पुत्र अमित कुमार उम्र 19 साल निवासी शिव बावड़ी समरहिल, सावन कुमार पुत्र श्रवण कुमार उम्र 33 साल निवासी शिव बावड़ी समरहिल, अरुण कुमार पुत्र दयाचंद उम्र 28 साल निवासी शिव बावड़ी समरहिल के रूप में हुई है।

इसके अलावा शिमला में ही फागली इलाके में भी भूस्खलन से कई अस्थायी घर क्षतिग्रस्त हुए। यहां मां व बेटी सहित चार लोगों की मौत हो गई। मृतक मां व बेटी की पहचान कमला ठाकुर (52) पत्नी जनक ठाकुर और पूजा ठाकुर (21) पुत्री जनक ठाकुर के रूप में हुई है। जबकि कई लोग मलबे में दबे हैं। सोलन जिला के कंडाघाट के जड़ोन गांव में एक मकान के गिरने से एक परिवार के सात लोगों की जान गई। इसी जिले के अर्की उपमण्डल के चलोग गांव में मलबे की जद में आने से एक युवक व युवती की मौत हुई। इसी तरह मंडी जिला में मकानों के जमीदोंज होने से कई लोगों की जान गई। राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल और मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शिमला और सोलन के घटनास्थलों का दौरा कर हालात का जायजा लिया।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को बचाव कार्यों में और तेज़ी लाने के लिए कहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 48 घण्टे से जारी बारिश के कारण सोमवार को पूरे प्रदेश में 21 लोगों की मौत की सूचना मिली है। यह आंकड़ा अभी बढ़ सकता है, क्योंकि काफी लाग अभी भी मलबे में दबे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार हालात पर लगातार नज़र बनाए हुए है। वह स्वयं सभी जिलों के उपायुक्तों के साथ निरंतर सम्पर्क में हैं और उनसे पल-पल की जानकारी ले रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की नदियों का जल स्तर बढ़ गया है और ऐसे में प्रशासन को सतर्क रहने की आवश्यकता है। उन्होंने प्रदेशवासियों से भी सावधान रहने की अपील करते हुए नदी-नालों से दूर रहने की सलाह दी।

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