
नारायणपुर,छत्तीसगढ़ । कुत्तों को वफादारी के लिए ही जाना जाता है। जब मालिक पर कोई समस्या आती है तो ये फुर्तीला जानवर खुद मौत के मुंह में कूद पड़ता है और वफादारी की मिसाल पेश करता है। ऐसा ही मामला छत्तीसगढ़ के नारायणपुर में सामने आया है, जहां पालतू कुत्ता मालिक की जान बचाने के लिए अपनी जान जोखिम में डालकर मादा भालू से लड़ गया।दरअसल, यह मामला नाराणपुर जिला मुख्यालय से 40 किलोमीटर दूर तहसील छोटेडोंगर का है। छोटेडोंगर से आठ किलोमीटर की दूरी पर मौजूद घने जंगलों के बीच बसे ग्राम तुरुसमेटा के रहने वाले 40 वर्षीय किसान घसियाराम अपने भाई और साले के साथ जंगल में मवेशियों को ढूंढने गया हुआ था। इसी दौरान अपने तीन बच्चों के साथ जंगल में विचरण कर रही मादा भालू ने घसियाराम पर अचानक हमला कर घायल कर दिया।
पालतू कुत्ते ने मादा भालू पर हमला कर बचाई किसान की जान
मादा भालू के हमले के बाद घसियाराम का भाई और साला डरकर उसे छोड़कर पेड़ पर चढ़ गए। तभी किसान के साथ गए पालतू कुत्ते ने वफादारी का परिचय देते हुए मालिक पर हमला कर रही मादा भालू पर धावा बोल दिया।करीब आधे घंटे तक मालिक की जान बचाने के लिए पालतू कुत्ते और मादा भालू के बीच संघर्ष चला। अंत में घबरा कर मादा भालू अपने बच्चों के साथ घने जंगलों की तरफ भाग खड़ी हुई। इस घटना में ग्रामीण घसिया राम के चेहरे पेट और घुटनों पर गंभीर चोट आई है।मादा भालू के हमले में घायल किसान को नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र लाया गया, जहां प्राथमिक इलाज के बाद उसे जिला अस्पताल रेफर किया गया। जख्मी किसान का इलाज जिला अस्पताल में जारी है। फिलहाल किसान की हालत खतरे से बाहर है।
भालू के हमले से युवक घायल
कोरबा । जिले में पंडो जनजाति के युवक पर भालू ने हमला कर दिया। वह अपनी जान बचाने के लिए भालू से भिड़ गया। करीब 10 मिनट तक चले संघर्ष के बाद भालू जंगल की ओर भाग गया। गंभीर रूप से घायल युवक का इलाज अस्पताल में जारी है।घटना में गंभीर युवक किसी तरह घर तक तो पहुंच गया, लेकिन उसे अस्पताल ले जाने में भारी मशक्कत का सामना करना पड़ा। घटना कटघोरा वनमंडल के पसान वन परिक्षेत्र अंतर्गत सेमरा सर्किल की है।
दरअसल तिलईडांड वन परिसर में घने जंगल के बीच ग्राम बनखेता स्थित है, जिसके आश्रित ग्राम रानीगढ़ी में पंडो जनजाति के परिवार निवास करते हैं। रानीगढ़ी में रहने वाला बनसराम पंडो (36 वर्ष) एक दिन पहले किसी काम से घर से बाहर निकला हुआ था। कल शाम करीब 7 बजे वो तेज बारिश के बीच पहाड़ी के रास्ते घर लौट रहा था।इसी दौरान भालू ने बनसराम पर हमला कर दिया। वह अपनी जान बचाने के लिए भालू से भिड़ गया। उनके बीच करीब 10 मिनट तक संघर्ष चलता रहा। आखिरकार भालू जंगल की ओर भाग गया। घटना में बनसराम गंभीर रूप से घायल हो चुका था। भालू ने उसके पैर और पिंडली को नोंच लिया था। वह खून से लथपथ होकर घर पहुंचा।(वीएनएस)



