Varanasi

वाराणसी में 2022-23 सत्र के 60 प्रतिशत बच्चे घोषित हुए ‘निपुण’

  • निपुण भारत स्कीम से बच्चों की शैक्षिक नींव मजबूत कर रही सरकार
  • सरकारी स्कूलों को मंहगे कॉन्वेंट स्कूलों के मुकाबले में मजबूत बना रही योगी सरकार
  • नई शिक्षा नीति के अंतर्गत चल रहा निपुण भारत मिशन, बनारस के 281 स्कूल भी निपुण घोषित

वाराणसी। भारत के भविष्य की नींव मजबूत करने के लिए सरकार की नई शिक्षा नीति के अंतर्गत नेशनल इनिशिएटिव फॉर प्रोफिशिएंसी इन रीडिंग विद अंडरस्टैंडिंग एंड न्यूमेरसी भारत प्रोग्राम (निपुण) चल रही है। निपुण भारत स्कीम से बच्चों के शैक्षिक नींव को मजबूत किया जा रहा है। इससे बच्चों को उनकी आगे की शिक्षा को समझने में आसानी हो। प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में निपुण भारत मिशन के अंतर्गत सत्र 2022-23 में 60 प्रतिशत बच्चे निपुण घोषित हो चुके हैं।

योगी सरकार ने प्राथमिक पाठशाला को मंहगे कॉन्वेंट स्कूल के मुकाबले खड़ा करने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है। स्कूल के भवन हो या मूलभूत सुविधाएं सभी को दुरुस्त कर रही है। लर्निंग मैटेरियल को अपग्रेड किया गया है। साथ ही निपुण भारत के माध्यम से नौनिहालों की शिक्षा की बुनियादी समझ बढ़ाई जा रही है। जिला बेसिक अधिकारी अरविन्द पाठक ने बताया कि वाराणसी में निपुण भारत निशान के तहत सत्र 2022-23 में 1009 स्कूलों में से 281 स्कूल स्व निपुण घोषित हो चुके है।

वाराणसी में कक्षा 1 से 3 तक में कुल 96,098 बच्चे पंजीकृत हैं। इसमे 60 प्रतिशत बच्चे स्वनिपुण घोषित हो चुके हैं। 2024 में थर्ड पार्टी द्वारा मूल्यांकन के बाद निपुण विद्यालयों पर अंतिम मोहर लगेगी। निपुण भारत मिशन में कक्षा 1 से 3 तक हिंदी और गणित विषय को लिया गया है।

निपुण भारत मिशन का उद्देश्य देश के सभी प्राइमरी कक्षा में पढ़ रहे छात्रों को शिक्षा के प्रति प्रोत्साहन करके उनके संख्यात्मक और साक्षरता के बुनियादी शिक्षा स्तर को मजबूत करना है। रिसर्च में पाया गया है कि आज भी कई ऐसे बच्चे हैं जो बेसिक ना क्लियर होने के कारण आगे पढ़ाई में कमजोर हो जाते हैं, ऐसे में इन छात्रों के मानसिक विकास के लिए इस निपुण स्कीम को शुरू किया गया है। स्कूल शिक्षा व साक्षरता विभाग के द्वारा इस योजना का संचालन किया जाएगा।

सत्र 2022-23 में निपुण विद्यालयों की ब्लॉकवार सूची और संख्या

ब्लॉक          स्कूलों की संख्या

1 – आरजी लाइन        – 62
2 – बड़ागॉव              – 21
3 – चिरईगॉव              – 13
4 – चोलापुर              – 33
5 – हरहुआ              – 17
6 – काशी विद्यापीठ  – 28
7 – नगर क्षेत्र              – 14
8 – पिंडरा                – 9
9 – सेवापुरी            – 84

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