
वाराणसी। विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम चतुर्थ) अशोक कुमार सिंह यादव की अदालत ने गाड़ी के रिलीज आर्डर देने के एवज में 1500 रुपए रिश्वत लेने के आरोप में भांवरकोल, गाजीपुर निवासी व तत्कालीन एआरटीओ सोनभद्र अभियुक्त श्यामनाथ राम को तीन साल के कठोर कारावास व दो हजार रुपए जुर्माना की सजा सुनाई है।
अभियोजन के एडीजीसी विक्रमशील चतुर्वेर्दी के अनुसार शिकायतकर्ता अशोक कुमार ने चार फरवरी 2002 को एन्टी करप्शन विभाग, वाराणसी में शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप था कि उसके वाहन के समस्त कागजात व परमिट वैध होने के बावजूद एआरटीओ सोनभद्र श्यामनाथ राम ने चेकिंग के दौरान उसकी गाड़ी को सीज कर दिया और उसपर 3050 रुपये का जुर्माना लगा दिया।
जुर्माना जमा करने के बाद जब वह अपने कागजात रिलीज कराने के लिए एआरटीओ के पास पहुंचा तो वह 1500 रुपये घूस मांगने लगे और बिना 1500 रुपये दिए गाड़ी का रिलीज आर्डर देने से मना कर दिया। साथ ही भविष्य में गाड़ी चलाने पर प्रतिमाह 500 रुपये देने की बात कही। शिकायत पर 8 फरवरी 2002 को एन्टी करप्शन की टीम ने एआरटीओ सोनभद्र को उनके आवास से शिकायकर्ता से 1500 रुपये घूस लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया गया था।



