
वाराणसी। हत्या के मामले में एक आरोपी को बड़ी राहत मिल गयी। सत्र न्यायाधीश डॉ अजय कृष्ण विश्वेश की अदालत ने आरोप तय न होने पर लहंगपुरा, थाना सिगरा निवासी मोहम्मद अहमद उर्फ मन्नू को संदेह का लाभ मिला और कोर्ट ने उसे दोषमुक्त किया। बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता अनुज यादव व बृजपाल सिंह यादव व नरेश यादव ने पक्ष रखा।
अभियोजन पक्ष के अनुसार वादी मोहम्मद अहमद उर्फ मन्नू ने 25 मार्च 2013 को सिगरा थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप था कि 25 मार्च 2013 को वह अपने ससुराल मोहनसराय में था उसी दौरान दोपहर 2 बजे मुहल्ले वालों से सूचना मिली की लल्लापुरा स्थित उसके घर में उसके माता-पिता मृत अवस्था में पडेÞ है। सूचना पर वह तत्काल लल्लापुरा स्थित घर आया तो देखा कि पिता मोहम्मद हनीफ व मां अनवरी बेगम उर्फ मुन्नी घर के अलग-अलग कमरों में मृत अवस्था में पड़े है।
शरीर से खून रिस रहा था और चोटो के निशान थ। उसे आशंका है कि उसके परिवार के स्व. अली बाबा के लड़कों कल्लू, लल्लू, हैदर व बाबू एवं उसकी मां से रास्ते, सीड़ी व बरामदा बनाने को लेकर अक्सर लड़ाई झगड़ा करते रहते थे। इन्हीं लोगों न उसके माता-पिता की हत्या की है। विवेचना के दौरान प्रकाश में आया कि मोहम्मद अहमद उर्फ मन्नू द्वारा मकान बेचने को लेकर माता-पिता की हत्या कर दी गई थी, जिसके बाद उसे मुल्जिम बनाया गया था।



