- सबूत न रहे इसके लिए स्कूटी जलाई और अवशेष को कुंए में फेंका
- गिरफ्तार मुन्ना पर पहले भी हत्या का दर्ज है मुकदमा, पांच बार जा चुका है जेल
वाराणसी। कपसेठी थाना क्षेत्र में वरूणा नदी पर इसरवार पुल के नीचे रंजीत सिंह की हत्या कर 15 जनवरी को फेंकी गई लाश के मामले का पुलिस ने शनिवार को पर्दाफाश किया। पुलिस ने कपसेठी बनौली गांव निवासी मुन्ना राम और भगवान राम को गिरफ्तार किया है। डीसीपी गोमती जोन विक्रांत वीर ने बताया कि हत्या शराब पीने के दौरान मामूली विवाद को लेकर हुई।
हत्यारों में शामिल मुन्ना राम पर इसके पहले हत्या समेत आपराधिक मुकदमें दर्ज हैं और करीब आधा दर्जन बार वह जेल भी जा चुका है जबकि दूसरा आरोपी भगवान का आपराधिक इतिहास खंगाला जा रहा है। हत्यारोपितों की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त ईंट, जली स्कूटी का अवशेष बरामद हुआ। गिरफ्तार करने वाली टीम को 20 हजार का इनाम दिया जायेगा।
पुलिस उपायुक्त गोमती जोन विक्रांत वीर ने बताया कि रंजीत सिंह की हत्या के बाद जांच में सीसीटीवी और सर्विलांस के माध्यम से संदिग्धों की तलाश की गयी। इस दौरान पाया गया कि मृतक के साथ मुन्ना राम और भगवान राम थे। दोनों को हिरासत में लेकर जब कड़ाई से पूछताछ की गयी तो पता चला कि 15 जनवरी की शाम रंजीत सिंह से ये दोनों मिले थे। साथ में शराब खरीदी और तीनों ने ब्रह्मबाबा बलुआ इसरवार पुल के नीचे जाम छलकाया। रंजीत सिंह पहले से ही नशे में था। शराब ज्यादा पीने की जिद करने लगा।
इस बाद को लेकर दोनों से विवाद हुआ और गाली गलौच होने लगी। इस बात को लेकर दोनों ने मिलकर र्इंट से कूंचकर रंजीत की हत्या कर दी और उसकी स्कूटी लेकर भाग निकले। सुराग मिटाने के लिए घर के पास स्कूटी में आग लगा दी और स्कूटी के पाटर््स को पास के कूंए में फेंक दिया। गिरफ्तार करने वाली टीम में थाना प्रभारी निरीक्षक सतीश कुमार यादव, एसआई अरविन्द यादव, गौरव सिंह, चन्द्रभूषण आदि पुलिसकर्मी थे।



