
कानपुर । जीएसटी इंटेलिजेंस महानिदेशक अहमदाबाद की टीम ने इत्र कारोबारी पीयूष जैन के घरों से 196 करोड़ रुपए नकद बरामद किए थे। इस मामले में डीजीजीआई ने अब पीयूष जैन पर टैक्स अधिरोपित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके साथ ही तीन अन्य फर्मों के जरिये जीएसटी चोरी का मामला सामने आया है। इन सभी मामलों में अब पीयूष जैन को 496 करोड़ रुपए का टैक्स चुकाना होगा और टैक्स की नोटिस दी गई है। डीजीजीआई के अधिकारियों ने स्पेशल सीजेएम श्रद्धा त्रिपाठी की कोर्ट में यह जानकारी साझा की है।
कानपुर कोर्ट के लोक अभियोजक अंबरीश टंडन ने बताया कि डीजीजीआई और डीआरआई यानी डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस के अधिकारी इस बाबत कोर्ट में गवाही देने पहुंचे। लेकिन बचाव पक्ष की आपत्ति के चलते उनकी गवाही नहीं हो सकी। इस मामले में अब 21 दिसंबर को अगली सुनवाई होगी। बताया कि कानपुर के आनंदपुरी निवासी कारोबारी पीयूष जैन पर 196 करोड़ रुपए नगद और 23 किलोग्राम विदेशी सोना मामले में दो अलग-अलग मामले विचाराधीन हैं। इन दोनों ही मामलों की सुनवाई स्पेशल सीजेएम कोर्ट में शुरू हो चुकी है।
कोर्ट नहीं पहुंचा पीयूष जैन
विशेष लोक अभियोजक भारत सरकार अंबरीश टंडन और अभियोजन अधिकारी राजेंद्र कुमार यादव ने गवाही शुरू करने की अपील कोर्ट से की। अभियोजन अधिकारियों की मानें तो अहमदाबाद डीजीजीआई से विवेचक शंभूनाथ सिंह और डीआरआई लखनऊ से संतोष तिवारी एसआईओ बद्रीश राय असूचना अधिकारी इमरान असूचना अधिकारी उपस्थित हुए। बचाव पक्ष के अधिवक्ता चिन्मय पाठक ने विरोध करते हुए कहा कि विवेचना चल रही है या फिर समाप्त हो चुकी है।
इसकी कोई जानकारी अभियोजन ने बचाव पक्ष को नहीं दी है। इस पर अभियोजन की ओर से कहा गया कि पीयूष समेत चार अज्ञात पर चार्जशीट दाखिल की गई है। अज्ञात के संबंध में विवेचना चल रही है। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने निर्णय लिया कि 21 दिसंबर को इस मामले में आगे सुनवाई होगी। सुनवाई के दौरान पीयूष जैन कोर्ट में हाजिर नहीं रहा। बीमारी की वजह बताते हुए वकील की तरफ से हाजिरी माफी लगाई गई थी।(हि.स.)



