
रामनगर। रामनगर स्थित संप्रेक्षण गृह के केबल का सहारा लेकर चोरी के आरोप में बंद एक किशोर भाग निकला। घटना की जानकारी मिलते ही संप्रेक्षण गृह के कर्मचारियों ने उसकी तलाश शुरू की, लेकिन सफलता नहीं मिली। गृह अधीक्षक दीपचंद मौर्या ने किशोर के खिलाफ शनिवार को रामनगर थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। घटना के बाद संप्रेक्षण गृह की निगरानी बढ़ा दी गई है। रामनगर स्थित संप्रेक्षण गृह में 93 किशोर बंद हैं।
संप्रेक्षण गृह के लोगों के अनुसार, 17 वर्षीय किशोर सारनाथ क्षेत्र के बरईपुर में किराये के मकान में रह कर आॅटो चलाता था। मूल रूप से वह आजमगढ़ जिले के कंधरापुर थाना के सैदा गांव का रहने वाला है। वह चोरी के आरोप में पकड़ा गया था। उसके खिलाफ चोरी के आरोप में 5 मुकदमे दर्ज हैं। बीती 12 अक्टूबर को उसे जिला जेल से संप्रेक्षण गृह में दाखिल किया गया था। जानकारी के अनुसार रामनगर स्थित संप्रेक्षण गृह के सुरक्षा कर्मी और कर्मचारी गुरुवार की रात एक कमरे में बैठे हुए थे।
उसी दौरान एक किशोर हॉल से होते हुए बिजली के केबल तक पहुंचा। इसके बाद केबल पकड़ कर छत पर चढ़ा और फिर नीचे कूद गया। भोजन की व्यवस्था में लगे कर्मचारियों ने किशोर को छत से कूदते हुए देखा तो शोर मचाया। आनन-फानन सुरक्षा कर्मियों ने उसकी तलाश शुरू की लेकिन अंधेरा होने की वजह से सफलता नहीं मिली। शुक्रवार को भी उसकी खोजबीन की गई, लेकिन कहीं पता नहीं लगा। तब जाकर पुलिस को सूचना दी गई।
कुछ दिन पहले लगभग चार युवकों ने सारनाथ में क्राइम ब्रांच के दरोगा के घर से चोरी किया था। दो युवक जिला जेल में बंद हैऔर दो युवक की 18 साल से कम उम्र होने के कारण बाल संप्रेक्षण गृह रामनगर भेजा गया था। फरार किशोर का पिता चंद्रशेखर ग्राम बरईपुर सारनाथ में किराए पर रह कर टेंपो चलाता था। घटना के बाद फरार बंदी के साथी की निगरानी बढ़ा दी गई है। इस समय संप्रेषण गृह में 93 बंदी किशोर विभिन्न मुकदमों में वांछित है।



