Crime

18 दिन के अंदर लगी एफआर को कोर्ट ने नकारा

पीड़ित ने कोर्ट में दाखिल की प्रोटेस्ट, पुन: विवेचना का आदेश  

वाराणसी। नीट प्रतियोगी छात्र की हत्या के मामले में दर्ज मुकदमे में वाराणसी पुलिस ने 18 दिन में ही फाइनल रिपोर्ट लगा दिया था। 302 जैसे संगीन धाराओं में नामजद हत्यारोपियों को पुलिस ने इतनी जल्दी क्लीन चिट देते हुए फाइनल रिपोर्ट लगा दिया था। जिस पर पीड़ित पीड़ित वाराणसी जिला अदालत में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के वादी की तरफ से अधिवक्ता रितेश मौर्य के द्वारा प्रोटेस्ट दाखिल किया। जिस पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने पुलिस द्वारा दाखिल फाइनल रिपोर्ट को अस्वीकृत करते हुए पुन: विवेचना करने का आदेश दिया है।

पट्टी कोतवाली क्षेत्र के शेषपुर अठगवां गांव निवासी धर्मेंद्र मिश्रा का 20 वर्षीय इकलौता बेटा नितेश मिश्रा सुंदरपुर शुकुलपुरा में किराए के मकान में रहकर नीट प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था। बीते 12 जुलाई मंगलवार की शाम उसकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतक के चाचा रविंद्र मिश्रा की तहरीर पर पुलिस ने आठ दिन बाद 20 जुलाई को भेलूपुर थाने में 11 नामजद व एक अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया।

लेकिन पुलिस ने बगैर कोई जांच किए ही मात्र 18 दिन के भीतर फाइनल रिपोर्ट लगाकर न्यायालय में प्रस्तुत कर दिया। जिस पर वादी मुकदमा ने इस मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के यहां अधिवक्ता रितेश मौर्य के माध्यम से प्रोटेस्ट दाखिल किया। जिसे न्यायालय ने स्वीकार करते हुए पुर्नविवेचना करने का आदेश दिया है। जिससे पुलिस कर्मियों में हड़कंप मच गया है। वहीं पीड़ित परिवार ने न्यायालय पर भरोसा जताते हुए कहा कि अदालत से ही उस व परिवार को न्याय मिलने की उम्मीद है।

पीड़ित का आरोप हैं कि पुलिस पहले से ही हत्या के मामले में खेल कर रही थी। जैसे तहरीर न लेना, फिर आठ दिन बाद मुकदमा दर्ज करना, वादी मुकदमा का बयान ठीक से न लेना तथा केस से संबंधित और किसी का बयान न लेना, फॉरेंसिक जांच लखनऊ की टीम ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि केस से संबंधित सभी का नार्को कराया जाएं। इन सब के बावजूद विवेचक द्वारा किसी भी साक्ष्य व सबूत की जरूरत नहीं समझी और मात्र 18 दिन में ही फाइनल रिपोर्ट लगा दिया था।

BABA GANINATH BHAKT MANDAL  BABA GANINATH BHAKT MANDAL

Related Articles

Back to top button