नयी दिल्ली : केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री मनसुख मांडविया ने भविष्य की वैश्विक चुनाैतियों से निपटने के लिए तैयारी करने पर जोर देते हुए कहा है कि इसके लिए एक मंच बनाया जाना चाहिए जिसमें निरंतर विचार विमर्श की प्रक्रिया जारी रहनी चाहिए।श्री मांडविया ने शुक्रवार को इंडोनेशिया के बाली में जी-20 देशों के स्वास्थ्य मंत्रियों की बैठक के दूसरे सत्र के समापन को संबोधित करते हुए कहा कि वैश्विक स्वास्थ्य सेवाओं के आधारभूत ढ़ांचे को भविष्य की चुनौतियों के अनुरुप विकसित किया जाना चाहिए और इसके लिए एक स्थायी मंच का निर्माण का किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि कोविड महामारी के प्रबंधन के लिए समेकित प्रयास किये जाने चाहिए। इससे चुनौतियों का सामने करने में मदद मिलेगी और सुरक्षित, गुणवत्ता और सस्ते नैदानिक टीके और चिकित्सीय की उपलब्धता सुनिश्चित करना संभव हो सकेगा।उन्होंने कहा कि भारत स्वास्थ्य आपातकालीन रोकथाम, तैयारियों और प्रतिक्रिया को प्राथमिकता देगा और सुरक्षित, प्रभावी, गुणवत्ता और सस्ते चिकित्सा उपायों की उपलब्धता और पहुंच पर ध्यान केंद्रित करते हुए फार्मा क्षेत्र में सहयोग को मजबूत करेगा।
उन्होंने कहा कि वैश्विक स्वास्थ्य देखभाल का आधारभूत ढ़ांचा बनाने के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन, जी -7 और जी – 20 G7 के सदस्य देशों में अंतर सरकारी वार्ता निकाय के बीच स्थायी वित्तपोषण, सुधार और निर्बाध चर्चा सुनिश्चित करने की आवश्यकता है।केंद्रीय मंत्री ने अपने इंडोनेशिया के इस प्रस्ताव का समर्थन किया कि भविष्य की वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए विनिर्माण और अनुसंधान को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।(वार्ता)



