विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर एजेंट ने फंसाया
सात लोग अभी फंसे है ओमान में, थानाध्यक्ष ने बताया करेंगे जांच
हरहुआ। विदेश में अच्छी नौकरी दिलाने का सपना दिखाकर एजेंट द्वारा एक महिला से 90 हजार रुपए ले लिए गए। रुपए लेने के बाद एजेंट ने महिला के पति को ओमान भेज दिया लेकिन वहां नौकरी नहीं मिली बल्कि उसे प्रताड़ित किया जाने लगा। किसी तरह वह व्यक्ति वापस लौट कर आया और अपने रुपए मांगे तो उसे धमकी दी जाने लगी। इस मामले में महिला द्वारा हरहुआ पुलिस चौकी पर शिकायत की गई। पुलिस ने एजेंट को पकड़ भी लिया, लेकिन आरोपी पर कार्रवाई करने की बजाय हरहुआ पुलिस ने बीस दिन में 40 हजार रुपए वापस करवाने की बात कहते हुए सुलह करवा दिया। पीड़ित का यह भी कहना है कि उसके साथ के सात अन्य लोग भी अभी ओमान में ही फंसे हैं, उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है।
बड़ागांव थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली महिला आंगनवाड़ी कार्यकत्री है। महिला का पति मजदूरी करता था और कुछ माह पूर्व उसने पासपोर्ट के लिए आवेदन किया था। उसने बताया कि जब वह पासपोर्ट बनवाने के लिए पासपोर्ट कार्यालय महमूरगंज पहुंचा तो वहां पर उसकी मुलाकात पांडेयपुर निवासी मोहम्मद शाहनवाज नामक व्यक्ति से हुई। मोहम्मद शाहनवाज ने उसे ओमान में अच्छी नौकरी दिलाने का आश्वासन दिया। विदेश भेजने और अन्य खर्च के लिए शाहनवाज द्वारा 90 हजार रुपए की डिमांड की गई। महिला का पति शाहनवाज की बातों पर विश्वास कर लिया। पति पत्नी ने अपने रिश्तेदारों और परिचितों से कर्ज मांग कर 90 हजार रुपए का इंतजाम किया। महिला ने 35 हजार रुपए उसके सितंबर माह में शाहनवाज के खाते में ट्रांसफर किए गए जबकि अन्य रुपए नगद दिया गया। 12 सितंबर को महिला का पति अन्य आठ लोगों के साथ विमान से मुंबई से मस्कट गया, लेकिन वहां उसे नौकरी नहीं मिली।
पीड़ित ने बताया कि जहां उसे ठहराया गया था, उस बंकरनुमा कमरे में पहले से ही काफी संख्या में लोग मौजूद थे। अच्छी नौकरी दिलाने की बात कही गई थी लेकिन वहां पर सफाई कर्मी और भेड़ बकरी चराने जैसे काम दिए जाने की बात कही जाने लगी। बंकर में ही लोगों को खाना मिल जाता था और उसी में दिन और रात गुजारनी पड़ती थी। बंकर में रखे गए लोगों का पासपोर्ट भी वहां के लोग ले लिए थे। नौकरी न मिलने के बाद महिला का पति रोते हुए उसे वीडियो कॉल पर पूरी बात बताया। पति को अपने देश वापस बुलाने के लिए महिला ने एजेंट से संपर्क किया तो उसके द्वारा कोई मदद नहीं की गई। उसके बाद महिला कई अन्य लोगों से संपर्क की। काफी प्रयास के बाद उसका पति दो अक्टूबर को ओमान से अपने देश वापस लौट आया। रुपए वापस मांगने पर एजेंट द्वारा महिला और उसके पति को धमकी दी जाने लगी।
परेशान पीड़िता द्वारा इस मामले की शिकायत हरहुआ पुलिस चौकी पर की गई। पुलिस चौकी पर मौजूद एक दरोगा ने एजेंट से 20 दिन में 40 हजार रुपए लौटाने की बात कहते हुए सुलह समझौता करवा दिया गया। पीड़ित ने बताया कि उसके समेत कुल नौ लोग एजेंट के माध्यम से ओमान भेजे गए थे। बताया कि अभी ओमान में सात लोग फंसे हैं। उनको नौकरी नहीं मिल रही है और वहां पर उनका पासपोर्ट भी ले लिया गया है। इस बारे में थानाध्यक्ष बड़ागांव ने बताया कि इस मामले की जानकारी हमें अभी नहीं है, यदि ऐसा कोई मामला है तो पूछताछ करते हुए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।



