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लॉकडाउन के दौरान बच्चों की तस्करी बढ़ने के आरोपों पर न्यायालय ने केन्द्र से मांगा जवाब

नयी दिल्ली । उच्चतम न्यायालय ने कोविड-19 लॉकडाउन के दौरान देश में अचानक ही बच्चों की तस्करी के मामलों में कथित रूप से वृद्धि होने को लेकर दायर जनहित याचिका पर सोमवार को केन्द्र सरकार और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण से जवाब मांगा।

प्रधान न्यायाधीश एस ए बोबडे, न्यायमूर्ति ए एस बोपन्ना और न्यायमूर्ति ऋषिकेश रॉय की पीठ ने एक गैर सरकारी संगठन की याचिका पर वीडियो कांफ्रेन्सिंग के माध्यम से सुनवाई के दौरान सालिसीटर जनरल तुषार मेहता से इस मामले में सहयोग करने का आग्रह किया। पीठ ने इसके साथ ही संकेत दिया कि बाल तस्करी के मसले पर गौर करने के लिये वह विशेषज्ञों की समिति गठित कर सकती है।

गैर सरकारी संगठन ‘बचपन बचाओ आन्दोलन’ की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुये पीठ ने राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण से भी जवाब मांगा है । इस संगठन की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता एच एस फूलका ने कहा कि इस मामले में सभी जिला प्राधिकारियों को समावेशी दृष्टिकोण अपनाना होगा ताकि इस तरह की बढ़ रही घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके। न्यायालय इस मामले में अब दो सप्ताह बाद आगे सुनवाई करेगा। न्यायालय ने संबंधित पक्षकारों से कहा है कि वे इस विषय पर शोध करें और ऐसे उपाय खोजें जिनसे शोषण से बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके ।

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