
नयी दिल्ली । देश में कोरोना वायरस संक्रमण के एक दिन में रिकॉर्ड 27,114 नए मामले सामने आए हैं और इसी के साथ देश में संक्रमण के कुल मामले शनिवार को आठ लाख के आंकड़े को पार कर गए। स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों में यह जानकारी दी गई। यह लगातार आठवां दिन है जब देश में कोरोना वायरस संक्रमण के मामले 22,000 से ज्यादा बढ़े हैं। सुबह आठ बजे अद्यतन किए गए आंकडों के अनुसार पिछले 24 घंटे में 519 लोगों की मौत होने से मृतक संख्या बढ़कर 22,123 हो गई है। शनिवार को देश में संक्रमण के मामले बढ़कर 8,20,916 हो गए जिनमें से 2,83,407 लोगों का उपचार चल रहा है और 5,15,385 लोग उपचार के बाद संक्रमणमुक्त हो चुके हैं।
इस संबंध में एक अधिकारी ने कहा, ‘‘इस प्रकार से करीब 62.78 प्रतिशत मरीज अब तक ठीक हो चुके हैं। पिछले 24 घंटे में संक्रमण से हुईं 519 मौतों में से 226 महाराष्ट्र में, 64 तमिलनाडु में, 57 कर्नाटक में, 42 दिल्ली में, 27 उत्तर प्रदेश और और पश्चिम बंगाल में 26 लोगों की मौत हुई है।
इनके अलावा आंध्र प्रदेश में 15 लोगों की, गुजरात में 14, तेलंगाना में आठ और राजस्थान में छह लोगों की मौत हुई है। असम और जम्मू कश्मीर में पांच लोगों की, बिहार, मध्य प्रदेश, ओडिशा और पंजाब में चार-चार लोगों की, हरियाणा और पुडुचेरी में तीन-तीन तथा दो लोगों की मौत छत्तीसगढ़ में हुई है।
औषधि नियामक ने कोविड-19 मरीजों के इलाज के लिए इंजेक्शन को दी मंजूरी
भारत के औषधि नियंत्रक ने त्वचा रोग के उपचार में काम आने वाले ‘आइटोलीजुमैब’ इंजेक्शन का कोविड-19 के उन मरीजों के उपचार में सीमित इस्तेमाल किए जाने की मंजूरी दे दी है जिन्हें सांस लेने में मध्यम और गंभीर स्तर की दिक्कत हो।
अधिकारियों ने बताया कि कोविड-19 के इलाज की चिकित्सीय आवश्यकताओं पर विचार करते हुए भारत के औषधि महानियंत्रक डॉ. वी जी सोमानी ने कोरोना वायरस के कारण शरीर के अंगों को ऑक्सीजन न मिलने की गंभीर अवस्था के इलाज में आपात स्थिति में मोनोक्लोनल एंटीबॉडी इंजेक्शन ‘आइटोलीजुमैब’ के सीमित इस्तेमाल की मंजूरी दे दी है।
इस संबंध में एक अधिकारी ने कहा, ‘‘एम्स समेत अन्य अस्पतालों के श्वसन रोग विशेषज्ञों, औषधि विज्ञानियों और दवा विशेषज्ञों की समिति द्वारा भारत में कोविड-19 मरीजों पर चिकित्सकीय परीक्षणों के संतोषजनक पाए जाने के बाद ही इस इंजेक्शन के इस्तेमाल की मंजूरी दी गई है।’’ अधिकारी ने कहा, ‘‘पिछले कई वर्षों से त्वचा रोग के इलाज के लिए बायोकॉन कंपनी की यह पहले से स्वीकृत दवा है।’’ उन्होंने बताया कि इस दवा के इस्तेमाल से पहले हर मरीज की लिखित में सहमति आवश्यक है।



