योगी सरकार ने बुनकरों को दिया बड़ा सम्मान, वाराणसी के दो शिल्पकार बने नंबर-1
राष्ट्रीय हथकरघा दिवस पर लखनऊ में आयोजित संत कबीर राज्यस्तरीय हथकरघा पुरस्कार समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के उत्कृष्ट बुनकरों और लाभार्थियों को सम्मानित किया। वाराणसी के जमालुद्दीन और प्यारेलाल सहित विभिन्न जिलों के शिल्पकारों को पुरस्कार, चेक और ट्रॉफी प्रदान की गई। साथ ही हथकरघा उद्योग को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने के लिए कई महत्वपूर्ण एमओयू भी किए गए, जिससे बुनकरों को नए अवसर और कारोबार का विस्तार मिलेगा।
लखनऊ : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर संत कबीर राज्यस्तरीय हथकरघा पुरस्कार वितरण कार्यक्रम में विभिन्न श्रेणियों के अंतर्गत बुनकरों व लाभार्थियों को सम्मानित करने के साथ चेक भी दिए। इसके साथ ही हथकरघा उत्पादों के प्रमुख क्रेताओं के साथ समझौता ज्ञापनों का आदान-प्रदान भी किया गया।
साड़ी, ब्राकेड एवं ड्रेस मेटेरियल श्रेणी
वाराणसी से जमालुद्दीन को प्रथम पुरस्कार – 1 लाख रुपये का चेक, प्रशस्ति पत्र व ट्रॉफी
सूती दरी, ऊनी दरी, आसनी एवं दरेट श्रेणी
सीतापुर से अकील अमहद को प्रथम पुरस्कार – 1 लाख रुपये का चेक, प्रशस्ति पत्र व ट्रॉफी
बेडशीट, बेड कवर एवं होम फर्निशिंग श्रेणी
बिजनौर से कफील अहमद को प्रथम पुरस्कार – 1 लाख रुपये का चेक, प्रशस्ति पत्र व ट्रॉफी
स्टोल, अंगवस्त्र या अन्य पारंपरिक वस्त्र उत्पाद श्रेणी
वाराणसी से प्यारेलाल को प्रथम पुरस्कार – 1 लाख रुपये का चेक, प्रशस्ति पत्र व ट्रॉफी
झलकारी बाई कोरी हथकरघा एवं पावरलूम विकास योजना के तहत बुनकरों का सम्मान
मऊ से सुरेंद्र कुमार – 93 हजार रुपये का चेक
इटावा से सोनी – 93 हजार रुपये का चेक
झांसी से मीरा बाई – 93 हजार रुपये का चेक
मुख्यमंत्री हैंडलूम एवं पावरलूम उद्योग विकास योजना के लाभार्थी
मुरादाबाद से गुलाम वारिस – 78 हजार रुपये का चेक
बरेली से मो. साजिद अंसारी – 93 हजार रुपये का चेक
मेरठ से जय किशन राजपूत – 93 हजार रुपये का चेक
हथकरघा उत्पादों के प्रमुख क्रेताओं के साथ समझौता ज्ञापनों का आदान-प्रदान
उत्तर प्रदेश हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग निदेशालय और हैंडलूम एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल चेन्नई के बीच एमओयू
दमेरा टाटा ग्रुप बैंगलोर के साथ एमओयू
कार्गो डीटीडीसी के साथ एमओयू
इंटरनेशनल फैशन बिजनेस एक्सचेंज काउंसिल (मुंबई) के साथ एमओयू
कानपुर के प्रतीक कुमार के साथ एमओयू ।
हथकरघा को नई पहचान दिला रही योगी सरकार, बुनकरों का बढ़ा उत्साह
राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संत कबीर राज्यस्तरीय हथकरघा पुरस्कार वितरण कार्यक्रम में प्रदेश के बुनकरों और लाभार्थियों को सम्मानित किया। शुक्रवार को लखनऊ स्थित लोकभवन में मुख्यमंत्री ने विभिन्न श्रेणियों में चयनित प्रतिभागियों को पुरस्कार और चेक प्रदान किए। कार्यक्रम में सम्मान पाने वाले बुनकरों ने इसे अपने लिए गौरव का क्षण बताते हुए योगी सरकार के प्रति आभार जताया।
योजनाओं व प्रोत्साहन से बढ़ा बुनकरों का भरोसा
बनारसी साड़ियों का काम करने वाले वाराणसी के जमालुद्दीन ने कहा कि राष्ट्रीय हथकरघा दिवस का कार्यक्रम उनके लिए गौरवान्वित करने वाला है हथकरघा क्षेत्र को और बेहतर तरीके से आगे बढ़ाने के लिए योगी सरकार प्रयासरत है। जमालुद्दीन ने बताया कि 2017 के बाद इस क्षेत्र में कई बेहतर कार्य हुए हैं और पहली बार उन्हें पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार व्यक्त किया।
योगी सरकार में बुनकर बेहतर तरीके से अपना काम आगे बढ़ा पा रहे
सीतापुर के बुनकर अकील अहमद ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा सम्मानित किए जाने से उन्हें बेहद प्रसन्नता हुई है। योगी सरकार आने के बाद प्रदेश में अनेक बदलाव हुए हैं और इन्हीं बदलावों का परिणाम है कि बुनकर बेहतर तरीके से अपना काम आगे बढ़ा पा रहे हैं। वाराणसी के साड़ी बुनकर प्यारेलाल ने कहा कि सीएम योगी बुनकर समाज के लिए लगातार काम कर रहे हैं। रोजगार और कारोबार को आगे बढ़ाने के प्रयासों से उन्हें लाभ मिल रहा है। समय पर आर्थिक सहायता मिलने से काम को आगे बढ़ाने में मदद मिल रही है और सम्मान मिलने से उनका मनोबल भी बढ़ा है।
महिलाओं व हस्तशिल्पकारों ने सरकार के प्रयासों को सराहा
ललितपुर की मीराबाई ने कार्यक्रम में बुलाकर सम्मानित करने के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया। इटावा की बिनाई कारीगर सोनी ने कहा कि सरकार महिलाओं को आगे बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है, जिसका सकारात्मक असर उनके काम और तरक्की पर दिखाई दे रहा है।
बुनकरों को आगे बढ़ने का मिल रहा भरोसा
हाथरस के रूप किशोर ने कहा कि सीएम योगी का विजन बुनकरों और हस्तशिल्प से जुड़े लोगों को आगे बढ़ाने में मददगार साबित हो रहा है। 2017 के बाद हस्तशिल्प और हथकरघा क्षेत्र की उन्नति के लिए बेहतर प्रयास किए जा रहे हैं। टांडा के शाहनवाज अहमद ने बताया कि वे गमछा, साड़ी और दुपट्टा बनाने का काम करते हैं। हस्तशिल्पकारों के लिए किए जा रहे प्रयासों से काम को मजबूती मिल रही है। वहीं सम्मान मिलने पर मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में बुनकरों को आगे बढ़ने का भरोसा और मजबूती मिल रही है।
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