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भारत में लॉकडाउन की अवधि बढ़ाने के फैसले की डब्ल्यूएचओ ने सराहना की

नयी दिल्ली,।  विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने मंगलवार को भारत में लॉकडाउन की अवधि बढ़ाने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फैसले की सराहना करते हुये कहा है कि भारत की यह पहल कोरोना को परास्त करने के लिये समय से उठाये गये कठोर कदम का परिचायक है।

मोदी ने 25 मार्च को लागू किये गये लॉकडाउन की अवधि 14 अप्रैल से बढ़ाकर तीन मई तक करने की घोषणा की है।

डब्ल्यूएचओ की क्षेत्रीय निदेशक डा पूनम खेत्रपाल सिंह ने कहा, ‘‘कोरोना को रोकने के लिये, समय से किये गये भारत के कठोर फैसले की डब्ल्यूएचओ सराहना करता है। संक्रमण को रोकने के लिये मरीजों की संख्या में कितनी कमी आयेगी, अभी बारे में कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी, लेकिन लोगों के बीच सुरक्षित दूरी (सोशल डिस्टेंसिंग) बनाये रखने सहित अन्य प्रभावी उपायों को करने में छह सप्ताह का देशव्यापी लॉकडाउन, वायरस के संक्रमण को बढ़ने से रोकने में मददगार साबित होगा।’’

डा सिंह ने कहा कि बहुत सी बड़ी चुनौतियों के बावजूद, इस महामारी को परास्त करने में भारत पूरी प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि इस वायरस को परास्त करने के लिये परीक्षा की इस घड़ी में प्रत्येक व्यक्ति से अधिकतम योगदान अपेक्षित है।

आम्बेडकर जयंती पर सूनी रही उनकी जन्मस्थली
महू, (मप्र)  संविधान निर्माता एवं दलितों के मसीहा डॉ बी आर आम्बेडकर की जन्मस्थली महू उनकी 129 वी जयंती के अवसर पर मंगलवार को सुनसान रही।

आंबेडकर जयंती पर मंगलवार को स्थानीय प्रशासन के कुछ अधिकारी सुबह आंबेडकर स्मारक गए और मोमबत्तियां जलाकर उन्हें याद किया।

कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए देशव्यापी बंद को देखते हुए इसबार बाबा साहेब के अनुयायियों को स्मारक स्थल पर आने की अनुमति नहीं दी गयी अन्यथा उनकी जयंती पर बढ़ी संख्या में लोग इकट्ठा होते थे।

एक अधिकारी ने बताया कि कोरोना वायरस संक्रमण को रोकने के लिए सामाजिक दूरी के दिशानिर्देशों के चलते परिसर में लोगों को जाने की अनुमति नहीं दी गयी। गौरतलब है कि संविधान निर्माता डॉ बी आर आंबेडकर का जन्म 14 अप्रैल 1891 को महू कस्बे के काली पल्टन क्षेत्र में हुआ था। इन्दौर जिले में स्थित यह कस्बा भारतीय सेना का एक प्रमुख छावनी केन्द्र भी है।

प्रदेश सरकार ने यहां वर्ष 2003-04 में उनकी याद में एक भव्य स्मारक बनवाया था।

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