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कोरोना वैक्सीन का बूस्टर डोज़ जरुरी है या नहीं, 2-3 महीने में होगा तय…

भारत-अमेरिका समेत कई देशों में बूस्टर डोज पर जारी है शोध

नई दिल्ली । वैज्ञानिक व डॉक्टर यह पता लगाने में जुटे हैं कि क्या बूस्टर डोज लंबे समय तक कोरोना रोक सकता है। भारत में टीकाकरण शुरू हुए पांच महीने बीत चुके हैं। हर कोई सरकार, डॉक्टरों और वैज्ञानिकों की ओर एक ही सवाल के साथ देख रहा है कि क्या वे सुरक्षित है या फिर उन्हें बूस्टर डोज लगवानी पड़ेगी।

एम्स के वरिष्ठ डॉक्टर संजीव सिन्हा ने मंगलवार को बताया कि कोरोना की रोकथाम के लिए बूस्टर डोज की जरूरत को लेकर भारत अमेरिका समेत दुनिया के कई देशों में शोध जारी हैं। बूस्टर डोज कितनी जरूरी है इस अगले दो तीन महीने में निर्णय लिया जा सकता है।

भारत, अमेरिका समेत कई देशों में बूस्टर डोज की जरूरत पर शोध जारी
डॉ सिन्हा ने कहा, भारत में टीकाकरण शुरू हुए पांच महीने बीत चुके हैं। हर कोई सरकार, डॉक्टरों और वैज्ञानिकों की ओर एक ही सवाल के साथ देख रहा है कि क्या वे सुरक्षित है या फिर उन्हें बूस्टर डोज लगवानी होगी? यह एक महत्वपूर्ण सवाल है और पूरी दुनिया में इसको लेकर शोध जारी है। उन्होंने बताया कि हम अगले दो से तीन महीनों के आंकड़ों का इंतजार कर रहे हैं। इनके बाद यह फैसला लिया जा सकेगा कि क्या बूस्टर डोज जरूरी है या नहीं?

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