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आदिवासी सिखेंगे हस्तकला के गुर, सूक्ष्म, लघु, मध्यम उद्यम एवं निर्यात प्रोत्साहन यूपी ने शुरू किया प्रयास

वाराणसी। उत्तर प्रदेश डिज़ाइन एवं अनुसंधान संस्थान ( इंस्टिट्यूट ऑफ़ डिज़ाइन एंड रीसर्च UPIDR) 20 जनवरी 2021 से “काशी में आदिवासी “कार्यक्रम के माध्यम से अनुसूचित जनजाति के कारीगरों को हस्तकला का तकनीकी प्रशिक्षण देगी। दो महीने चलने वाले इस प्रशिक्षण में उत्तर प्रदेश के देवरिया, गाजीपुर, मिर्जापुर, सोनभद्र, चंदौली और आजमगढ़ के लगभग 280 लाभार्थी होंगे। इसके साथ साथ वाराणसी के अन्य क्राफ़्ट के भी कारीगरो की सहभागिता रहेगी। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में 14 डिजाइन विशेषज्ञ हिस्सा लेंगे जो कि हस्तकला तकनीकी प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करेंगे। साथ ही इस कार्यक्रम के दौरान 7 जिलों के शिल्प को प्रदर्शित किया जाएगा।


उत्तर प्रदेश के मंत्री चौधरी उदयभान जी ने कहा की शरीर पाँच तत्वों से बना है तथा हर मानव में काम, क्रोध, लोभ, मोह होता है परंतु हमारा आदिवासी समाज हर उस अवगुण से दूर रहा एसे आदिवासी समाज के चरणो में अपना मस्तक रख कर वंदन करता हूँ। उन्होंने यू॰पी॰आई॰डी॰आर के कामों की सराहना की। अध्यक्ष यूपीआईडीआर श्री मती क्षिप्रा शुक्ला ने कहा कि हमारे आदिवासी बंधु जब तप कर निखरते है तो मिसाल बनते है। इस ट्रेनिंग प्रोग्राम के बाद, हमारे आदिवासी कारीगर भी अपने हुनर से नयी मिसाल क़ायम करेंगे। उनके बनाए हुए उत्पाद की मार्केटिंग के लिए संस्थान पूरी मदद करेगा तथा उन्हें प्रधानमंत्री माननीय मोदी जी के द्वारा दिए हुए “आत्मनिर्भर भारत“ के मूलमंत्र से जोड़ कर उनको और अधिक सशक्त करेंगे। प्रदेश कोषाध्यक्ष मनीष कपूर, महानगर अध्यक्ष विद्यासागर राय, ज़िला अध्यक्ष हंसराज, ज़िला महामंत्री नवीन कपूर, जगदीश त्रिपाठी आदि कार्यक्रम में उपस्थित थे।

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