पटना । बिहार में जन सुराज पदयात्रा पर चल रहे चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर (पीके) ने अतीक अहमद से जुड़े सवाल के जवाब में कहा है कि मैं उन लोगों में से हूं, जो रूल ऑफ लॉ फॉलो करने में विश्वास करता हूं। किसी का एनकाउंटर करना, जो कानून के खिलाफ है या न्यायसंगत नहीं है, मैं उसके पक्ष में नहीं हूं। उन्होंने कहा किआज जनता ताली बजा रही है या फिर समाज का एक वर्ग इसे अच्छा मान रहा है, इससे यह जाहिर होता है कि जनता कितनी त्रस्त थी।
मैं पुलिस राज के पक्ष में नहीं हूं
प्रशांत किशोर ने कहा कि मैं पुलिस राज के पक्ष में नहीं हूं। हमलोगों की ताकत लोकतंत्र है, संविधान संगत जो व्यवस्था बनाई गई है, उन कमियों को सुधारने के लिए हम संविधान को ही बदल दें, यह ठीक नहीं है। संविधान में जो व्यवस्था है उसमें कुछ कमी हो सकती है। मगर उस कमियों को सुधारने की जगह संविधान के प्रावधानों को ही बदल दें, यह किसी भी सूरत में सही नहीं है। देश को पुलिस राज बनाना सही नहीं है। आज जो पुलिस वाला गोली किसी और पर चला रहा है, हो सकता है वह गोली हम पर या आप पर चला दे, इसलिए यह तरीका सही नहीं है।
राजद और जदयू पर साधा निशाना
प्रशांत किशोर ने कहा कि 2014 के और आज के नीतीश कुमार में प्रशासक, नेता और व्यक्ति के तौर पर जमीन-आसमान का फर्क है। प्रशासक के तौर पर उन्होंने 2005 से 2012 में जो काम किया था, जिसका असर बिहार में दिखा भी था। जिस समय वो लोकसभा का चुनाव हारे थे, तब उन्होंने मुख्यमंत्री की कुर्सी भी छोड़ दी थी। लेकिन आज के मौजूदा दौर में नीतीश कुमार कोई न कोई जुगत लगाकर कभी भाजपा का पैर पकड़ कर, कभी लालटेन पर लटककर मुख्यमंत्री की कुर्सी पर चिपके हुए हैं। आज के नीतीश कुमार अपनी विश्वसनीयता खत्म कर चुके हैं।(वीएनएस)



