
यूक्रेन से चिकित्सक के सकुशल वतन वापसी पर परिजनों की खुशी से नम हुई आंखे
दुद्धी,सोनभद्र– भारत सरकार की तरफ से यूक्रेन में फंसे भारतीय नागरिकों को निकालने के लिए चलाए जा रहे आपरेशन गंगा के जरिए दुद्धी में तैनात चिकित्सक शाह आलम अंसारी सहित 150 छात्रों के दल को सुरक्षित लाने में सफलता मिल गई है। यूक्रेन के रोमानिया से स्पेशल विमान के जरिए उड़ान भरने वाला यह दल बृहस्पतिवार की सुबह सात बजे मुंबई एयरपोर्ट पहुंच गया। वहां से दोपहर 1.20 बजे स्पेशल चार्टर फ्लाइट के जरिए चिकित्सक अंसारी सहित अन्य वाराणसी के लिए उड़ान भरेंगे। यह फ्लाइट 3 बजे शाम को वाराणसी पहुंच गई। सकुशल वापसी को लेकर चिकित्सक सहित अन्य के परिवारीजनों में हर्ष का माहौल बना रहा।
तहसील मुख्यालय दुद्धी में तैनात मुलतः वाराणसी में पठानी टोला थाना आदमपुर वाराणसी निवासी स्व. हाजी अब्दुल लतीफ के पुत्र डा. शाह आलम अंसारी 2014 से सोनभद्र में तैनात हैं। इन दिनों उनकी तैनाती दुद्धी इलाके के कटौली में पीएचसी प्रभार के रूप में है। उन्होंने वर्ष 2002 में क्रीमाया स्टेट मेडिकल यूनिवर्सिटी सेंफोरो पोल क्रीम से मेडिकल की पढ़ाई पूरी कर थी। यह जगह उस समय यूक्रेन में थी। 2014 के बाद रसिया में चली गई है। पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने वर्ष 2000 में यूक्रेन के ओडिसा में शादी कर ली थी। बताते हैं कि वह अपनी बेटी को बारहवीं की पढ़ाई पूरी करने के बाद यूक्रेन के पड़ोसी देश चेक रिपब्लिक स्थित चार्ट यूनिवर्सिटी ब्राग में एडमिशन कराने के लिए 23 फरवरी को गए हुए थे। पत्नी भी साथ थी। वहां से 27 फरवरी को उन्हें इंडिया के लिए उड़ान भर लेनी थी।
इस बीच रूस की तरफ से भी बमबारी शुरू हो गई तो पत्नी-बेटी को ब्राग में ही सुरक्षित छोड़ दिया और वहां से रोमानिया चले आए। आपरेशन गंगा के जरिए बुधवार को वह भारतीय दल के संपर्क में आए थे और उनके साथ वहां मौजूद 150 छात्रों के दल को स्पेशल चार्टर विमान से बृहस्पतिवार की सुबह छत्रपति शिवाजी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा मुंबई लाया गया और अब गुरुवार को दिन में 1.20 पर मुम्बई से वाराणसी चलने वाली विस्त्रा से चलकर से शाम 3 बजे वाराणसी सकुशल पहुंच गए। एयरपोर्ट पर परिजनों से मिलकर न केवल डॉ शाह आलम बल्कि परिजनों में भाई, भतीजे, भांजे और खासकर बहनों की आंखें भर आईं।



