तमिलनाडु के राज्यपाल ने मंत्री सेंथिलबालाजी को बर्खास्त किया
राज्यपाल के पास मंत्री को बर्खास्त करने का अधिकार नहीं : स्टालिन
चेन्नई : तमिलनाडु के राज्यपाल आर.एन.रवि ने राज्य के बिना विभाग वाले मंत्री वी. सेंथिलबालाजी को गुरुवार की शाम तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया।प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने श्री सेंथिलबालाजी को धनशोधन मामले में गिरफ्तार किया है।राज्यपाल के इस कदम से हड़कंप मच गया।मंत्री वी सेंथिल बालाजी नौकरियों के बदले पैसे लेने और मनी लॉन्ड्रिंग सहित भ्रष्टाचार के कई मामलों में गंभीर आपराधिक कार्यवाही का सामना कर रहे हैं। वहीं बुधवार को चेन्नई सत्र न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश एस अल्ली ने मंत्री सेंथिल बालाजी की न्यायिक हिरासत 12 जुलाई तक बढ़ाने का आदेश दिया था।
राज्यपाल के पास मंत्री को बर्खास्त करने का अधिकार नहीं : स्टालिन
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के.स्टालिन ने गुरुवार की शाम को कहा कि राज्यपाल आर.एन.रवि के पास राज्य मंत्रिमंडल के ‘बिना विभाग के मंत्री’ वी. सेंथिलबालाजी को बर्खास्त करने का कोई अधिकार नहीं है।श्री सेंथिलबालाजी को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने धन शोधन मामले में गिरफ्तार किया हैं।श्री स्टालिन ने आज यहां पत्रकारों के साथ एक संक्षिप्त बातचीत में कहा, “हम कानूनी रूप से इसका सामना करेंगे।”श्री स्टालिन ने श्री सेंथिलबालाजी को मंत्रिपरिषद से बर्खास्त किये जाने प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि उनके (राज्यपाल के) पास कोई अधिकार नहीं हैं।
उन्होंने कहा , “हम इसका कानूनी तौर पर सामना करेंगे।”राज्यपाल ने श्री सेंथिलबालाजी को पद बने रहने की अपनी असहमति व्यक्त करने के तुरंत बाद उनके द्वारा रखे गए विभागों को दो अन्य मंत्रियों को फिर से आवंटित कर दिया, तमिलनाडु सरकार ने एक आदेश जारी किया जिसमें कहा गया कि श्री सेंथिलबालाजी मंत्रिमंडल में बने रहेंगे।इस बीच, कई राजनीतिक नेताओं और पर्यवेक्षकों ने निजी तमिल टीवी चैनलों पर अपनी प्रतिक्रियाओं में कहा कि राज्यपाल स्वतंत्र तरीके रूप से यह नहीं कर सकते।
राज्यपाल को केवल मुख्यमंत्री की सिफ़ारिशों के अनुसार ही कार्य करना होता है और वह इस तरह एकतरफा कार्रवाई नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि यह असंवैधानिक है।विधानसभा अध्यक्ष एम.अप्पावु ने यह भी कहा कि राज्यपाल के पास कोई शक्ति नहीं हैं। सिर्फ इसलिए कि मंत्री ईडी जांच का सामना कर रहे हैं और न्यायिक हिरासत में हैं राज्यपाल के पास उन्हें बर्खास्त करने की कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने जोर दिया कि अभी तक किसी भी अदालत ने श्री सेंथिलबालाजी को दोषी नहीं ठहराया है।(वार्ता)



