
भारत वैक्सीन की मांग दुनियाभर में बढ़ती जा रही है। इस बारे में राज्यसभा में मंगलवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन ने कहा कि सोमवार तक 72 देशों को भारत ने वैक्सीन की 5.94 करोड़ खुराक पहुंचाई है। ऐसा करते समय देश के लोगों की आवश्यकता का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। देश की शुरू से यह सोच है कि पूरी दुनिया एक परिवार है। विज्ञान का लाभ पूरी दुनिया को मिलना चाहिए।
उन्होंने कहा कि वैक्सीन विदेशों में भेजने के संबंध में उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया है। समिति देश में वैक्सीन की जरूरतों व विदेशों से वैक्सीन की मांग का आकलन करती है। दोनों के बीच संतुलन बना कर निर्णय लेती है। उन्होंने कहा कि पिछले 24 घंटे में 30.4 लाख लोगों को टीका लगाया गया है। अब तक 3.15 करोड़ लोगों को टीका लगाया जा चुका है।
लैंसेट जर्नल ने भी किया परीक्षण
वहीं स्वदेशी कोवैक्सीन की लैंसेट जर्नल आदि ने काफी सराहना की गई है, इस बारे में मैक्स हॉस्पिटल के डॉ डॉ बलवीर सिंह ने बताया कि कोवैक्सीन एक भारतीय वैक्सीन है जो भारत बायोटेक द्वारा बनाई गई है। इसके बारे में लैंसेट जर्नल में छपना बड़ी बात है क्योंकि इसमें पूरी तरह से जांच पड़ताल करने के बाद ही ऐसी चीजे छपती हैं। लैंसेट में बताया गया है कि हमने तीन चरण में कोवैक्सीन की पड़ताल की है। पहले चरण में एंटीबॉडी, दूसरे में सुरक्षा और तीसरे में प्रभाविता की जांच। 25 हजार लोगों में वैक्सीन की प्रभाविता की जांच की गई। उन 25 हजार लोगों में वैक्सीन 81 प्रतिशत तक प्रभावी रही जबकि वैक्सीन से सुरक्षा 100 प्रतिशत तक रही। 81 प्रतिशत तक होना बहुत ज्यादा है, यानी संक्रमण ही नहीं होगा। लोगों को ये नहीं सोचना चाहिए कि भारत में बनी है तो अच्छी नहीं होगी, बल्कि अब देश बदल रहा है।



