वाराणसी: अग्रकुल जनक श्री महाराज अग्रसेन जी की जयंती के अवसर पर नवरात्र के प्रथम दिन गुरुवार को मैदागिन स्थित श्री अग्रसेन वाटिका में स्थापित 1008 श्री श्री महाराज अग्रसेन जी की प्रतिमा पर सामाजिक संस्था संकल्प के सदस्यों ने उन्हें नमन करते हुए पुष्पांजलि अर्पित की। इस मौके पर सभी ने “एक रुपए और एक ईंट” के सिद्धांत को प्रासंगिक बताया और कहा कि यह सिद्धांत समाज और देश के विकास के लिए जरूरी है।
अग्रणी सामाजिक संस्था संकल्प के संरक्षक अनिल कुमार जैन ने कहा कि श्री महाराज अग्रसेन के राज्य में जब कोई नया परिवार वहां बसने के लिए आता था तब वहां के लोग एक रुपए और एक ईंट का सहयोग उसे परिवार को करते थे। यह सहयोग का सिद्धांत ही उनके राज्य के वैभवशाली होने का आधार था। इस सहयोग के सिद्धांत को अपने जीवन में अपना कर के ही हम देश और समाज को वैभवशाली और समृद्ध बना सकते है।

उन्होने बताया कि श्री महाराज अग्रसेन जी के सिद्धान्त का अनुसरण करते हुए संकल्प संस्था ने वर्ष 1999 में “क्षय मुक्त काशी, निरोग काशी” अभियान की शुरूवात की, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर क्षय रोगियों का इलाज हो सकें। अपने 25 वर्षों के सफ़र में “क्षय मुक्त काशी, निरोग काशी” अभियान के तहत संकल्प संस्था ने 16000 से अधिक क्षय रोगियों को क्षय मुक्त किया है। अपने कुछ चिकित्सकों, दानदाताओं व सहयोगियों के शुरू हुआ है सफर आज भी निरंतर जारी है।
125 सप्ताह पूर्व संकल्प अन्न क्षेत्र की स्थापना हुई, ताकि जरूरतमंद लोगों, काशी दर्शन को आने वाले श्रद्धालु जनों को प्रसाद के स्वरुप एक पहर का भोजन उपलब्ध हो सके। साथ ही समय-समय पर पर्वों एवं विशेष तिथियां के अवसर पर फलाहार, फल, चाय, जल आदि से लोगों की सेवा की जाती है। जब कभी संकल्प संस्था ने कुछ सहयोगियों के साथ किसी मुहिम की शुरुआत की या फिर समाज सेवा की पहल लोग जुड़ते गए और सहयोगियों का कारवां बनता गया।
इस मौके पर प्रमुख रूप से संकल्प संस्था के संरक्षक अनिल कुमार जैन, संतोष कुमार अग्रवाल (कर्णघंटा), सन्तोष अग्रवाल (आढ़त वाले), गिरधर दास अग्रवाल (मद्रास क्लॉथ), विष्णु जैन, पंकज अग्रवाल (एलआईसी), सचिन अग्रवाल प्रमुख रूप से मौजूद रहे।



