नयी दिल्ली : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने रेड क्रॉस सोसायटी से रक्तदान से संबंधित गलत धारणाओं को दूर करने और लोगों, विशेषकर युवाओं को इस महान सामाजिक उद्देश्य से जोड़ने के लिए काम करने का आग्रह किया है।श्रीमती मुर्मू ने सोमवार को यहां राष्ट्रपति भवन सांस्कृतिक केंद्र में इंडियन रेड क्रॉस सोसायटी की वार्षिक बैठक के औपचारिक सत्र की अध्यक्षता की।इस अवसर पर राष्ट्रपति ने कहा कि परोपकार को भारतीय परंपरा में सबसे महत्वपूर्ण मानवीय मूल्य माना गया है।
उन्होंने कहा कि यह खुशी की बात है कि इंडियन रेड क्रॉस सोसायटी 100 से अधिक वर्षों से लोगों की सेवा कर रही है। रेड क्रॉस ने प्राकृतिक आपदाओं और स्वास्थ्य आपात स्थितियों के दौरान राहत कार्यों के माध्यम से अपनी प्रतिबद्धता दिखाई है। उन्होंने मानवता के प्रति समर्पण और सेवा के लिए सोसायटी के सभी सदस्यों तथा स्वयंसेवकों की सराहना की। उन्होंने कहा कि मानव सेवा के प्रति उनका समर्पण, करुणा और निस्वार्थ भाव अन्य लोगों को प्रेरित करती है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इंडियन रेड क्रॉस सोसायटी मानवता के कल्याण के लिए काम करना जारी रखेगी।
राष्ट्रपति ने रेड क्रॉस सोसायटी की सराहना करते हुए कहा कि वह देश भर में 100 से अधिक रक्तदान केंद्रों और मोबाइल अभियानों के माध्यम से, देश में रक्त की कुल आवश्यकता का लगभग 10 प्रतिशत पूरा करती है। उन्होंने कहा कि इंडियन रेड क्रॉस सोसायटी जरूरतमंद लोगों के लिए सुरक्षित रूप से रक्त संग्रह करके और स्वैच्छिक रक्तदान की संस्कृति को बढ़ावा देकर उत्कृष्ट भूमिका निभा रही है। उन्होंने रेड क्रॉस सोसायटी के सदस्यों से रक्तदान से संबंधित गलत धारणाओं को दूर करने और लोगों, विशेषकर युवाओं को इस महान सामाजिक उद्देश्य से जोड़ने के लिए काम करने का आग्रह किया। (वार्ता)
हमारी संस्कृति में नर सेवा को नारायण सेवा माना गया है।
Indian Red Cross Society 100 से अधिक वर्षों से सेवा कार्य कर रही है। चाहे प्राकृतिक आपदाएँ हों अथवा स्वास्थ्य संबंधी आपात स्थितियाँ हों, Red Cross ने राहत कार्यों द्वारा अपनी प्रतिबद्धता प्रदर्शित की है। pic.twitter.com/7e97BFgQYY
— President of India (@rashtrapatibhvn) July 17, 2023



