
भारत में टीकाकरण करने की तैयारी शुरू, इस योजना में 70 हजार सरकारी और 30 हजार निजी क्षेत्र के कर्मचारी होंगे शामिल
नई दिल्ली : कोरोना को हराने के लिए अलग अलग कंपनियों ने अगले साल तक बाजार में वैक्सीन लाने का दावा किया हैं। सरकार ने भी अपनी तैयारी पूरी करते हुए टीकाकरण अभियान के लिए सूची बना ली है। इस क्रम में सरकारी स्वास्थ्यकमियों को टीकाकरण के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा। इसके साथ ही निजी अस्पताल के ऐसे कर्मी जो टीकाकरण करने में सक्षम हैं उनकी सूची भी तैयार की जा रही हैं।
टीकाकर्मियों की बनाई जा रही लिस्ट
जानकारी के अनुसार सार्वजनिक क्षेत्र में 70 हजार टीकाकर्मियों को इस अभियान में शामिल किया जाएगा। इसके साथ ही निजी क्षेत्र के 30 हजार टीकाकर्मियों को भी अभियान में शामिल करने की रणनीति बनाई जा रही है। इनमें डॉक्टर, नर्स और लैब टेक्नीशियन शामिल होंगे। वैक्सीन के आने के बाद, पहले चरण में किसे दिया जाना है और किस क्षेत्र में कौन वैक्सीनेटर होगा इसका भी ब्लूप्रिंट ऑनलाइन किया जाएगा।
मेडिकल विद्यार्थी का भी रहेगा सहयोग
अधिकारी के अनुसार एक सहयोगी के साथ कोई कुशल प्रशिक्षित टीकाकर्मी हर घंटे 20 से 25 लोगों को टीका लगा सकता है। कोरोना वैक्सीन टीकाकरण में सहयोग के लिए सरकारी मेडिकल कालेज व नर्सिंग कालेज के अंतिम वर्ष के छात्र-छात्राओं की भी मदद ली जा सकती है। उनकी भी सूची तैयार की जा रही है। नियमित टीकाकरण अभियान में हर स्तर पर मेडिकल विद्यार्थी स्वास्थ्य विभाग का सहयोग करेंगे।
पीएम मोदी ने की थी समीक्षा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कोरोना वायरस के टीके के विकास कार्य की समीक्षा के लिए अहमदाबाद, हैदराबाद और पुणे का दौरा किया। उन्होंने अहमदाबाद में जायडस बायोटेक पार्क, हैदराबाद में भारत बायोटेक और पुणे में सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया का दौरा किया। एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि वैज्ञानिकों ने खुशी जताई कि प्रधानमंत्री ने उनके साथ मुलाकात कर उनके साहस को बढ़ाया और टीका विकास के इस महत्वपूर्ण चरण में उनके प्रयासों में तेजी लाने के लिए उत्साहवर्धन किया।



