
पीएम मोदी ने विश्व मुक्केबाजी प्रतियोगिता में कांस्य पदक जीतने वाले भारतीय मुक्केबाज आकाश कुमार को उनकी शानदार सफलता के लिए बधाई दी है और कहा है कि इससे युवाओं को प्रेरणा मिलेगी। 54 किलो ग्राम भार वर्ग में जीता कांस्य पदक बेलग्रेड में आयोजित विश्व बॉक्सिंग चैंपियनशिप में गुरुवार 04 नवम्बर को नवोदित भारतीय मुक्केबाज आकाश कुमार ने 54 किलो ग्राम भार वर्ग में कांस्य पदक जीतकर इतिहास रच दिया। विश्व बॉक्सिंग चैंपियनशिप के सफर में आकाश को सेमीफाइनल मुकाबले में पहुंचने के बाद कजाकिस्तान के मखमूद सबीरखान के हाथों 5-0 से हार का सामना करना पड़ा था।
विश्व चैंपियनशिप में पदक जीतने वाले सातवें भारतीय बता दें कि आकाश विश्व चैंपियनशिप में पदक जीतने वाले सातवें भारतीय बने हैं। आकाश से पहले विजेंदर सिंह (कांस्य, 2009), विकास कृष्ण (कांस्य, 2011), शिव थापा (कांस्य, 2015), गौरव भिदुरी (कांस्य, 2017), अमित पंघाल (रजत, 2019) और मनीष कौशिक (कांस्य 2019) इस प्रतिष्ठित मुक्केबाजी टूर्नामेंट में पदक जीत चुके हैं। इस उपलब्धि पर पीएम मोदी ने दी बधाई आकाश की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर पीएम मोदी ने ट्वीट किया, “वेलडन आकाश! विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप में प्रतिष्ठित पदक के लिए बधाई। यह सफलता युवा मुक्केबाजों को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी। आपको आपके भविष्य के प्रयासों के लिए बहुत-बहुत शुभकामनाएं।”
It's BRONZE 🥉for Akash😀#AkashKumar (54kg) becomes 7th male boxer from 🇮🇳 to win a 🏅at the World 🥊🥊 Championships
Fantastic Performances by Akash at the #aibawchs2021
Way to go Champ! More power to you 💪💪
Check out the 🇮🇳 medal winners at the C'ships👇🏻 pic.twitter.com/7ACbdyoZIj
— SAI Media (@Media_SAI) November 5, 2021
त्रासदी से अनजान पहुंचे इस मुकाम पर पुणे के आर्मी स्पोर्ट्स इंस्टीट्यूट के छात्र आकाश ने इसी वर्ष सितंबर माह में फेफड़ों के संक्रमण से पीड़ित अपनी मां को खो दिया था। इस त्रासदी से अनजान उन्होंने राष्ट्रीय चैंपियनशिप में भाग लिया था। पदक जीतने के बाद आकाश ने कहा… पदक जीतने के बाद आकाश ने कहा, “मैं यह पदक अपनी दिवंगत मां और पिता व अपने कोचों को समर्पित करता हूं। मैंने अपने जीवन में पहली बार इतने बड़े टूर्नामेंट में भाग लिया और मुझे अच्छा प्रदर्शन करने पर गर्व है।” WBC 2021 पहला सीनियर अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट गौरतलब है कि विश्व चैंपियनशिप आकाश का पहला सीनियर अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट है, जो उनके अब तक के प्रदर्शन को और भी खास बनाता है। बॉक्सिंग की शुरुआत करने के बाद उनके पिता की एक दशक से अधिक समय पहले मृत्यु हो गई थी।



