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उत्तर प्रदेश में अब सिफारिश नहीं, बल्कि योग्यता और मेहनत के दम पर हासिल हो रहे हैं रोजगार के अवसर

अनुदेशक बोले- यह सफलता केवल उनकी मेहनत ही नहीं, बल्कि सरकार की प्रतिबद्धता का भी परिणाम

  • मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया से नई पीढ़ी को मिला सुनहरा अवसर
  • नियुक्ति पत्र पाने वाले नवनियुक्त अनुदेशकों ने सफलता के लिए मुख्यमंत्री योगी को कहा धन्यवाद

लखनऊ । उत्तर प्रदेश में रोजगार के अवसर अब योग्यता और मेहनत के दम पर हासिल हो रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पारदर्शी और निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया ने हजारों युवाओं के जीवन को नई दिशा दी है। रविवार को लोकभवन के सभागार में नियुक्ति पत्र पाने वाले नवचयनित अनुदेशकों ने मुख्यमंत्री जी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सफलता केवल उनकी मेहनत ही नहीं, बल्कि सरकार की प्रतिबद्धता का परिणाम है। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री का कहना है कि उत्तर प्रदेश में अब रोजगार के अवसर योग्यता और मेहनत करने वाले अभ्यर्थियों को ही मिलेंगे, न कि सिफारिश वालों को। सीएम योगी के इसी मिशन को उनकी टीम धरातल पर उतारने में लगी है।

मेहनत को मिला सही मंच – सीमा, मैनपुरी

मैनपुरी की सीमा ने मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए कहा कि मैंने राजकीय महिला पॉलीटेक्निक, बरेली से इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग ट्रेड में प्रशिक्षण प्राप्त किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जी के प्रयास से यह भर्ती प्रक्रिया पूर्ण पारदर्शिता के साथ पूरी हुई, जिसकी वजह से उनकी मेहनत रंग लाई।

बेटियों के सपनों को मिला सहारा – अल्पना श्रीवास्तव, लखनऊ

लखनऊ की अल्पना श्रीवास्तव ने फिरोजगांधी पॉलीटेक्निक, रायबरेली से प्रशिक्षण प्राप्त किया और एनएसटीआई कानपुर से सीआईटीएस कोर्स किया। उन्होंने बताया कि समाज की चुनौतियों के बावजूद उनके माता-पिता ने कभी पढ़ाई में कमी नहीं रखी। उन्होंने बताया कि अनुदेशक की नियुक्ति मिलने पर उनके माता-पिता की आंखों में खुशी के आंसू थे। उन्होंने वादा किया कि वह अपनी जिम्मेदारी पूरी ईमानदारी से निभाएंगी। उत्तर प्रदेश को उत्तम और कुशल प्रदेश बनाने में सहयोग करूंगी।

किसान परिवार का पहला सरकारी रोजगार – श्यामू विश्वकर्मा, गोरखपुर

गोरखपुर के श्यामू विश्वकर्मा ने भावुक होकर कहा कि वह किसान परिवार से आते हैं और परिवार में पहले व्यक्ति हैं जिन्हें सरकारी नौकरी मिली है। यह अवसर उन्हें इसलिए मिल पाया क्योंकि प्रदेश सरकार ने निष्पक्ष भर्ती की परंपरा स्थापित की है। उन्होंने मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए विश्वास दिलाया कि वह पूरी लगन और मेहनत से काम कर अपने चयन को सार्थक करेंगे।

रोजगार से बढ़ा आत्मविश्वास – पवन कुमार, पीलीभीत

पीलीभीत के पवन कुमार ने बताया कि उन्होंने राजकीय पॉलीटेक्निक पीलीभीत से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा किया और फिर सीआईटीएस की परीक्षा हैदराबाद से पास की। उन्होंने कहा कि निजी क्षेत्र से सरकारी सेवा तक की उनकी यात्रा आसान नहीं थी। लेकिन सरकार की पारदर्शी प्रक्रिया ने उनके सपनों को पंख लगा दिए। नवचयनित अनुदेशकों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों नियुक्ति पत्र पाकर खुद को गौरवान्वित महसूस किया। उन्होंने कहा कि यह नियुक्ति न सिर्फ उनके लिए गर्व का क्षण है, बल्कि प्रदेश सरकार के युवाओं को रोजगार देने की प्रतिबद्धता का प्रमाण भी है।

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