भोजपुरी सिनेमा का पतन: जहाँ कभी गूंजते थे बिरहा-भजन, वहाँ अब अश्लीलता का बोलबाला
भोजपुरी फिल्में अब परिवार के साथ देखना नामुमकिन कला और संस्कृति की जगह सस्ती लोकप्रियता का खेल भोजपुरी सिनेमा… कभी यह नाम सुनते ही मन में गाँव-देहात की सादगी, लोकगीतों की मिठास और संस्कृति की सुगंध ताजा हो उठती थी। 1963 में पहली भोजपुरी फिल्म गंगा मईया तोहे पियरी चढ़ाइबो … Continue reading भोजपुरी सिनेमा का पतन: जहाँ कभी गूंजते थे बिरहा-भजन, वहाँ अब अश्लीलता का बोलबाला
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