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परिवार के मुखिया को उपलब्ध कराया जाएगा 18,400 रुपये का मासिक वेतन

स्किल्ड ट्रेनिंग के बाद राष्ट्रीय स्तर की कंपनियों में दिलायी नौकरी, गरीब परिवारों को आत्मनिर्भर बनाने को उठाया कदम.योगी सरकार होटल ताज, एसबीआई बैंक, एल एंड टी लि. जैसी प्रतिष्ठित कंपनियों में दिलायी नौकरी.स्किल प्रोग्राम के तहत दी जाएगी 360 डिग्री के फार्मूले पर ट्रेनिंग, 7 प्रकार के कौशल से होंगे दक्ष .

  • योगी सरकार जीरो पावर्टी अभियान के चिन्हित परिवार के सदस्यों को देगी स्किल ट्रेनिंग
  • अभियान के तहत पहले चरण में चिन्हित निर्धन 300 परिवार के मुखिया को देगी ट्रेनिंग
  • अभियान के तहत पहले चरण में चिन्हित निर्धन 300 परिवार के मुखिया को देगी ट्रेनिंग

लखनऊ : योगी सरकार ने जीरो पावर्टी अभियान के तहत प्रदेश में गरीबी को जड़ से खत्म करने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया है। योगी सरकार जीरो पावर्टी अभियान के तहत चिन्हित निर्धन परिवारों के सदस्यों को न केवल गारंटीड स्किलिंग प्रोग्राम से जोड़ेगी बल्कि उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित कंपनियों में रोजगार भी दिलाएगी। योगी सरकार का उद्​देश्य निर्धन परिवार को रोजगार से जोड़कर उन्हे एक निश्चित आय उपलब्ध कराना है ताकि उनका जीवन स्तर सामान्य हो सके। अभियान के तहत योगी सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश में कोई भी परिवार ऐसा न हो जिसे गरीबी के कारण दो वक्त की रोटी के लिए संघर्ष करना पड़े।

यूपी कौशल विभाग देगा ट्रेनिंग, एक हजार ट्रेनिंग पार्टनर भी देंगे सहयाेग

मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का जीरो पावर्टी अभियान योगी सरकार की उन योजनाओं में से है, जो गरीबों को वास्तविक सशक्तिकरण की ओर ले जा रही है। यह पहल न केवल आर्थिक आत्मनिर्भरता को बढ़ावा दे रही है, बल्कि सामाजिक समरसता और समान अवसर की दिशा में भी एक सशक्त कदम साबित हो रही है। योगी सरकार का यह प्रयास भविष्य में पूरे देश के लिए एक आदर्श मॉडल बन सकता है, जहां सरकार और उद्योग जगत मिलकर गरीबी के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ रहे हैं।

इसी के तहत योगी सरकार ने जीरो पावर्टी अभियान के तहत चिन्हित परिवार के मुखिया को गारंटीड स्किलिंग प्रोग्राम से जोड़ा जाएगा। इसके तहत पहले फेज में अभियान के तहत चिन्हित 300 निर्धन परिवार के मुखिया को स्किल ट्रेनिंग की जाएगी। इसके बाद प्रदेश भर में अभियान के तहत चिन्हित सभी परिवार के मुखिया को स्किल ट्रेनिंग दी जाएगी। यह ट्रेनिंग उत्तर प्रदेश कौशल विकास विभाग की आेर से दी जाएगी। इससे एक हजार ट्रेनिंग पार्टनर भी जुड़ेंगे। यह ट्रेनिंग पूरी तरह से व्यावसायिक और रोजगारोन्मुखी होगी, जिसमें प्रतिभागियों को उन क्षेत्रों में दक्ष बनाया जाएगा, जहां नौकरी की संभावनाएं अधिक हैं। इसके बाद उन्हें सीधे नौकरी से जोड़ा जाएगा।

360 डिग्री फार्मूले पर दी जाएगी ट्रेनिंग, प्रतिष्ठित कंपनियों में मिलेगा रोजगार का अवसर

मुख्य सचिव ने बताया कि परिवार के मुखिया को 360 डिग्री फार्मूले के तहत संपूर्ण प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसमें ऑफिस, टॉयलेट क्लीनिंग, गेस्ट अटेंडेंट, हाउसकीपिंग, हॉस्पिटैलिटी जैसे सात प्रकार की ट्रेनिंग शामिल हैं। इसके अतिरिक्त उन्हें लैंग्वेज स्किल की भी शिक्षा दी जाएगी ताकि वे कॉर्पोरेट सेक्टर में आत्मविश्वास के साथ काम कर सकें। यह ट्रेनिंग कार्यक्रम सुनिश्चित करेगा कि प्रशिक्षण का स्तर गुणवत्ता युक्त और उद्योग की जरूरतों के अनुसार हो।

उन्होंने बताया कि ट्रेनिंग पूरी होने के बाद होटल ताज, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई), एल एंड टी लिमिटेड, मेदांता, अडानी ग्रुप जैसी प्रतिष्ठित राष्ट्रीय और अंतरराष्टीय स्तर की कंपनियों में नौकरी दिलायी जाएगी। यह पहली बार है जब काेई सरकार सीधे गरीबों को स्किल ट्रेनिंग देकर प्राइवेट सेक्टर की टॉप कंपनियों में रोजगार उपलब्ध कराने जा रही है। वहीं योगी सरकार की ओर से यह भी सुनिश्चित किया गया है कि प्रशिक्षित मुखिया को कम से कम 18,400 रुपये मासिक वेतन मिले, जिससे वे अपने परिवार का सम्मानजनक तरीके से भरण-पोषण कर सकें।

योगी सरकार की पहल को देश, प्रदेश और विदेश के उद्योग जगत का मिला समर्थन

योगी सरकार की गारंटीड स्किलिंग प्रोग्राम और गारंटेंड प्लेसमेंट प्रोग्राम को देश, प्रदेश और विदेश के उद्योग जगत का भी व्यापक समर्थन मिला है। अब तक 40 बड़े उद्यमियों ने जीरो पावर्टी अभियान से जुड़े परिवारों को नौकरी देने की प्रतिबद्धता जताई है। यह सहयोग इस अभियान की व्यापकता और सफलता का संकेत देता है। योगी सरकार का प्रयास केवल आर्थिक विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक न्याय और समानता को भी सुनिश्चित कर रहा है।

जीरो पावर्टी अभियान इसी सोच का विस्तार है, जो गरीब परिवारों को दया या अनुदान नहीं, बल्कि सम्मान और अवसर देने की दिशा में काम करता है। योगी सरकार का मननना है जब तक प्रदेश का सबसे गरीब व्यक्ति मुख्यधारा से नहीं जुड़ता, तब तक विकास अधूरा है। यह अभियान उस अंतिम व्यक्ति को आगे लाने का प्रयास है, जो अब तक हाशिए पर रहा। ऐतिहासिक पहल से यह स्पष्ट है कि उत्तर प्रदेश अब सिर्फ विकास की बात नहीं कर रहा, बल्कि उसके हर नागरिक को विकास से जोड़ने की दिशा में ठोस काम कर रहा है।

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