National

देश में प्राकृतिक गैस की हिस्सेदारी होगी दुगुनी : मोदी

नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को ऊर्जा क्षेत्र को लेकर अपनी सरकार का खाका देश के समक्ष रखते हुये कहा कि ऊर्जा उपभोग में स्वच्छ प्राकृतिक गैस की हिस्सेदारी को दोगुने से अधिक किया जायेगा और पूरे देश को एक गैस पाइपलाइन ग्रिड से जोड़ा जायेगा ताकि लोगों और उद्योगों को किफायती ईंधन मुहैया कराया जा सके। प्रधानमंत्री ने 450 किलोमीटर लंबी कोच्चि-मंगलुरू प्राकृतिक गैस पाइपलाइन राष्ट्र को समर्पित करते हुए कहा कि उनकी सरकार आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिये राजमार्ग, रेलवे, मेट्रो, विमानन, जल, डिजिटल और गैस संपर्क पर अभूतपूर्व काम कर रही है। इस पाइपलाइन को तीन हजार करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया है।

मोदी ने कहा कि एक तरफ पांच-छह साल में प्राकृतिक गैस पाइपलाइन के नेटवर्क को दोगुना कर करीब 32 हजार किलोमीटर का बनाया जा रहा है, दूसरी ओर गुजरात में सौर व पवन ऊर्जा को मिलाकर दुनिया के सबसे बड़े हाइब्रिड अक्षय ऊर्जा संयंत्र पर काम चल रहा है। इनके अलावा आवागमन के इलेक्ट्रिक साधनों के साथ ही जैव ईंधन के विनिर्माण पर जोर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ये उपाय देश को प्रदूषण फैलाने वाले कोयला तथा तरल ईंधनों पर उच्च निर्भरता कम करने में मदद करेंगे। अभी देश की कुल ऊर्जा जरूरत में 58 प्रतिशत की पूर्ति कोयले से होती है, जबकि पेट्रोलियम व अन्य तरल ईंधन 26 प्रतिशत योगदान देते हैं। देश में उपयोग किये जाने वाले विभिन्न ऊर्जा संसाधनों में प्राकृतिक गैस की महज छह प्रतिशत और अक्ष्य ऊर्जा की दो प्रतिशत से भी कम हिस्सेदारी है।

उन्होंने कहा कि ऊर्जा संसाधनों में प्राकृतिक गैस की हिस्सेदारी अभी के 6.2 प्रतिशत से बढ़ाकर 2030 तक 15 प्रतिशत तक करने का लक्ष्य है। यह अपेक्षाकृत स्वच्छ विकल्प है और इसे पाइपलाइन से ढोया जा सकता है, जिससे वाहनों के माध्यम से होने वाली ढुलाई में खर्च होने वाले ईंधन की बचत में भी मदद मिलेगी। इसके साथ ही 10 साल की अवधि में गन्ना व अन्य कृषि उत्पादों से तैयार इथेनॉल करीब 20 प्रतिशत पेट्रोल का स्थानापन्न कर देगा। यह ईंधन की जरूरतों की पूर्ति के लिये तेल के आयात पर देश की निर्भरता के साथ ही कार्बन का उत्सर्जन कम करेगा।

BABA GANINATH BHAKT MANDAL  BABA GANINATH BHAKT MANDAL

Related Articles

Back to top button