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मोदी ने आसियान को दिया संतुलन एवं आत्मनिर्भरता का मंत्र

नयी दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हिन्द प्रशांत क्षेत्र में टिकाऊ वैल्यू चेन एवं आपूर्ति श्रृंखला के लिए आसियान को पारिस्थिकीय संतुलन और आत्मनिर्भरता का मंत्र दिया।श्री मोदी ने बुधवार की शाम को 16वें पूर्वी एशियाई शिखर सम्मेलन में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भाग लिया। सम्मेलन की अध्यक्षता ब्रुनेई ने की और इसमें आसियान के दस सदस्यों -म्यांमार, ब्रुनेई, थाईलैंड, कंबोडिया, लाओस, मलेशिया, सिंगापुर, फिलीपीन्स, विएतनाम एवं इंडोनेशिया के अलावा भारत, ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका, चीन, जापान, दक्षिण कोरिया और रूस ने भी भाग लिया। यह प्रधानमंत्री का सातवां पूर्वी एशिया सम्मेलन था।

श्री मोदी ने अपने संबोधन में पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन की महत्ता को रेखांकित करते हुए कहा कि इसने हिन्द प्रशांत क्षेत्र के नेताओं को महत्वपूर्ण रणनीतिक विषयों पर चर्चा के लिए एक मंच पर आने का अवसर प्रदान किया है।श्री मोदी ने कोविड महामारी से निपटने के लिए वैक्सीन एवं मेडिकल आपूर्ति के माध्यम से किये गये प्रयासों की जानकारी साझा की। उन्होंने कोविड महामारी के उबरने एवं टिकाऊ वैश्विक वैल्यू चेन सुनिश्चित करने के लिए आत्मनिर्भर भारत अभियान के बारे में भी चर्चा की। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अर्थव्यवस्था, पारिस्थितकी एवं जलवायु अनुकूल जीवनशैली में एक बेहतर संतुलन स्थापित करने की जरूरत है।

सोलहवें पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन में हिन्द प्रशांत क्षेत्र, दक्षिण चीन सागर, संयुक्त राष्ट्र समुद्री नौवहन की स्वतंत्रता, समुद्री सुरक्षा, आतंकवाद, कोरियाई प्रायद्वीप की स्थिति और कोविड सहयोग सहित क्षेत्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय हितों के विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई। प्रधानमंत्री ने हिन्द प्रशांत क्षेत्र में आसियान के केन्द्र बिन्दु होने की बात दोहरायी और आसियान के हिन्द प्रशांत क्षेत्र को दृष्टिकोण तथा भारत के हिन्द प्रशांत सागरीय पहल के बीच अंतरसंबंधों को रेखांकित किया।सम्मेलन में नेताओं ने मानसिक स्वास्थ्य, पर्यटन एवं हरित तकनीक के माध्यम से आर्थिक रिकवरी पर घोषणापत्र जारी किये गये जिनका सहप्रायोजक भारत था।

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