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जेईई में महामना शिक्षण संस्थान का फहरा परचम

पहले बैच के 7 में से 5 विद्यार्थी प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग शिक्षण संस्थानों में चयनित.आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को आवसीय व्यवस्था के तहत निशुल्क कोचिंग देता है संस्थान.इस वर्ष से बालकों के साथ बालिकाओं को भी मौका, आवदेन 20 जुलाई तक, लिखित परीक्षा 24 जुलाई को.

लखनऊ । ‘आ चलके तुझे मैं लेकर चलूं एक ऐसे गगन के तले।’ महामना शिक्षण संस्थान के पहले बैच के होनहारों की सफलता और संस्थान के मार्गदर्शन का संगम इन्हीं पंक्तियों की याद दिलाता है। भाऊराव देवरस सेवा न्यास से जुड़े समाज के प्रबुद्ध व्यक्तियों की अनूठी पहल से अर्जुनगंज में संचालित यह आवासीय संस्थान आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को इंजीनियरिंग और मेडिकल की निशुल्क कोचिंग देता है।

संस्थान के पहले ही बैच के 7 में से 5 विद्यार्थियों का चयन जेईई (JEE) के जरिये प्रदेश के प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग कॉलेजों में हुआ है। संस्थान कामयाबी का परचम फहराते हुए इस उक्ति की नई मिसाल भी बना है कि प्रतिभावान बच्चों को मौका मिले तो उनके लिए कुछ भी असंभव नहीं। और हां, इस वर्ष से संस्थानआर्थिक रूप से कमजोर छात्राओं को भी आवासीय व्यवस्था के तहत निशुल्क कोचिंग देने जा रहा है। छात्र-छात्राओं के प्रवेश हेतु ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो गई है।

इस मुहिम से जुड़े आईआईटी बीएचयू के पूर्व छात्र और महामना शिक्षण संस्थान के सचिव रंजीव तिवारी का कहना है कि 2019 में एक प्रयोग शुरू किया गया था। भाऊराव देवरस सेवा न्यास के अंतर्गत शुरू हुए इस प्रयास में हमारी सफलता यही है कि इंजीनियरिंगसमूह के 7 बच्चों के पहले ही बैच में पांच छात्र एचबीटीयू कानपुर, एनआईटी दिल्ली, एमएमएमयूटी गोरखपुर जैसे संस्थानों में कम्प्यूटर साइंस, इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रिकल ब्रांच में दाखिला ले सके।

ये सभी 5 छात्र आर्थिक दृष्टि से अत्यधिक कमजोर परिवारों से संस्थान में प्रवेश पाये थे। इनमें उन्नाव के अनुभव मिश्रा, काकोरी के अनुराग गौतम, लालगंज रायबरेली के शिवेंद्र मौर्य, अंबेडकरनगर के सूरज यादव और सीतापुर के रामजीवन शुक्ल शामिल हैं। इस वर्ष की जेईई और नीट (मेडिकल प्रवेश परीक्षा) दे रहे 18 बच्चों से और अच्छे परिणाम की उम्मीद है।

रंजीव तिवारी ने बताया कि अभी तक बालिकाओं के लिए ऑनलाइन कोचिंग की व्यवस्था थी, लेकिन इस बार 10 छात्राओं को भी आवासीय कोचिंग के लिए चुना जाएगा। ये ऐसी छात्राएं होंगी जो काबिल तो हैं लेकिन आर्थिक या दूसरे कारणों से अपनी क्षमता के मुताबिक तैयारी कर डॉक्टर या इंजीनियर नहीं बन पा रहीं। महामना शिक्षण संस्थान की वेबसाईट www.mahamanasansthan.org
पर ऐसे छात्र-छात्राएं आवेदन कर सकते हैं।

उन्होंने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों के इंटर कॉलेजों के प्राचार्यों को भी इसके लिए पत्र भेजे जा रहे हैं। 2022 -23 बैच के लिए विद्यार्थियों का चयन किया जाएगा। इसमें इस वर्ष हाई स्कूल परीक्षा में 80% से अधिक अंक प्राप्त करने वाले बालक-बालिका आवेदन कर सकते हैं। उनके परिवार की वार्षिक आय 3.5 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। आवेदन 20 जुलाई तक किया जा सकता है। लिखित परीक्षा लखनऊ में 24 जुलाई को होगी।

श्री तिवारी बताते हैं कि पहले बैच में आर्थिक रूप से कमजोर 10 छात्रों को चुना गया। किराए के मकान में इन्हें आवासीय सुविधा देकर तैयारी कराई गई। इसके परिणाम सुखद रहे। 10 में से 7 बच्चे जेईई और तीन बच्चे नीट की परीक्षा में अच्छी रैंक लेकर आए। संस्थान के संचालकों का मानना है कि इससे दूसरे विद्यार्थियों को प्रेरणा मिलेगी और वे और मेहनत कर अपना लक्ष्य पा सकेंगे।

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