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खेलो इंडिया यूथ गेम्स : कम उम्र में ही खिलाड़ियों ने लहराया परचम

देश के युवाओं को खेल से जोड़ कर उनका सर्वांगीण विकास करने के उद्देश्य से खेलो इंडिया यूथ गेम की शुरुआत की गई। हाल ही में खेल मंत्री किरण रिजिजू ने दूसरे खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स को कर्नाटक में आयोजन करने की घोषणा की। इसी दौरान खेलो इंडिया गेम्स में योगासन और मल्लखंब भी शामिल कर लिया गया। इन खेलों में दो श्रेणियों, अंडर 17 और अंडर 21 में प्रतिभागी हिस्सा ले सकते हैं। इसमें कॉलेज और विश्वविद्यालय के खिलाड़ी भी हिस्सा ले सकते हैं। देश में खेल के विकास के लिए राष्ट्रीय कार्यक्रम खेलो इंडिया के तहत विभिन्न स्तरों पर प्राथमिकता वाले खेल में नई प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए सहायता भी दी जा रही है। खेलो इंडिया योजना के तहत चुने गए 1000 खिलाड़ियों को इंटरनेशनल चैंपियनशिप की तैयारी के लिए 8 साल तक हर साल 5 लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य खेल गतिविधियों में भारतीय नागरिकों की भागीदारी को बढ़ाना है।

इस योजना से खेलो खेलो इंडिया के तहत चयनित कई खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मेडल भी जीत चुके हैं, तो कई ओलिंपिक की तैयारियों में जुटे हैं। स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (साई) के अधिकारी के मुताबिक, वेटलिफ्टर जेरेमी लालरिननुंगा, शूटर सौरभ चौधरी, मनु भाकर, स्वीमर श्री हरी नटराज खेलो इंडिया से ही निकले हैं। मनु भाकर, सौरभ चौधरी ओलिंपिक कोटा भी हासिल कर चुके हैं। आज ऐसे ही कुछ खिलाड़ियों के बारे में जानेंगे, जिन्होंने खेलो इंडिया के जरिए देश में कई रिकॉर्ड बनाए हैं, जो आने वाले भविष्य में अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे।

खेल की दुनिया में अपनी जगह बना रहे ये खिलाड़ी

अभिनव शॉ

जनवरी 2020 में 10 साल के अभिनव शॉ ने मेहुली घोष के साथ मिलकर खेलो इंडिया यूथ गेम्स में 10 मीटर एयर राइफल मिश्रित टीम स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता। इससे वह खेलो इंडिया में सबसे कम उम्र के स्वर्ण पदक विजेता बने। वर्तमान में वह इंडिया ट्रायल (युवा, जूनियर और सीनियर वर्ग) की तैयारी कर रहे हैं। अभिनव ने अभी तक कोई अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट नहीं खेला है। हालांकि, युवा निशानेबाज को राष्ट्रीय स्तर पर शुरुआती सफलता मिली है। खास बात ये है कि 2008 में जन्मे अभिनव शॉ का नाम भारत में शूटिंग में अपना पहला व्यक्तिगत ओलंपिक स्वर्ण पदक जीतने वाले देश के सबसे बड़े राइफल शूटर – अभिनव बिंद्रा के नाम पर रखा गया था। शॉ के पिता रूपेश कुमार शॉ ने अभिनव का नाम बिंद्रा के नाम पर रखा और तय किया कि उनका बेटा निशानेबाज बनेगा।

फिलिप महेश्वरन तबिता

तबिता ने पिछले साल हांगकांग में तीसरे एशियाई युवा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतकर देश को गौरवान्वित किया। युवा खिलाड़ी ने 13.86 सेकंड के समय के साथ 100 मीटर बाधा दौड़ में शीर्ष स्थान हासिल किया। तबिता को खेलो इंडिया के शानदार प्रदर्शन के बाद एशियाई युवा एथलेटिक्स चैंपियनशिप के लिए चुना गया। जब भारतीय सीनियर टीम ने एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप में दो स्वर्ण पदक के साथ वापसी की, तो 16 वर्षीय तबिता ने अकेले ही एशियाई युवा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में एक समान पदक हासिल किया।

सौरभ चौधरी

सौरभ चौधरी एक भारतीय निशानेबाज हैं। सौरभ के नाम जूनियर और सीनियर दोनों ही स्तर पर पुरुष 10 मीटर एयर पिस्टल का वर्ल्ड रिकॉर्ड एक ही प्वाइंट पर दर्ज है। जो उन्होंने 16 साल की उम्र में हासिल किया था। 2019 में नई दिल्ली में आयोजित शूटिंग वर्ल्ड कप में सौरभ चौधरी ने बेहतरीन अंदाज़ में सीनियर मेंस टीम में अपना डेब्यू किया था, जो इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया। उन्होंने अपने पहले ही टूर्नामेंट में रिकॉर्ड स्कोर के साथ स्वर्ण पदक जीता और टोक्यो ओलंपिक के लिए भी क्वालीफाई कर लिया।

जेरेमी लालरिनुगा

17 वर्ष की आयु में जेरेमी भारोत्तोलक में छह अंतरराष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ चुके हैं। उनमें तीन युवा विश्व और तीन युवा एशियन रहे। वहीं राष्ट्रीय स्तर के नौ कीर्तिमानों में तीन युवा राष्ट्रीय, तीन जूनियर राष्ट्रीय और तीन सीनियर राष्ट्रीय रहे।

स्वदेश मंडल

दिल्ली के युवा तैराक स्वदेश मंडल ने 2018 में नेशनल एक्वेटिक चैंपियनशिप में भाग लेने वाली पांच स्पर्धाओं में से प्रत्येक में स्वर्ण पदक जीतने और राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ने की अभूतपूर्व उपलब्धि हासिल की। उन्होंने पहले ही चार स्वर्ण पदक जीते हैं। उन्होंने 2014 में अपनी पहली राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में तीन स्वर्ण पदक और 2015 में अपना पहला राष्ट्रीय पदक जीता।

कोमोलिका बारी

17 साल उम्र में कोमोलिका बारी 2020 में स्पेन में विश्व युवा तीरंदाजी और कैडेट चैंपियनशिप में भारत की तीसरी महिला विश्व चैंपियन बनी। 2006 में झारखंड की पलटन हांसदा ने यह उपलब्धि हासिल की। कोमोलिका दीपिका कुमारी के बाद अंडर-18 रिकर्व महिला वर्ग में भारत की तीसरी महिला तीरंदाज विश्व विजेता बनीं, जिन्होंने 2009 में खिताब जीता था।

मानुष शाह

गुजरात के मानुष शाह साल 2019 में खेले गए इंडिया यूथ गेम्स में टेबल टेनिस में अंडर -21 सेक्शन में चैंपियन रहे। मानुष ने इंटरनेशनल टेबल टेनिस फेडरेशन (ITTF) 2016 इंडिया जूनियर और कैडेट ओपन टेबल टेनिस चैंपियनशिप में रजत पदक (कैडेट लड़कों में) जीतकर भारत को गौरवान्वित किया। इसके अलावा, उन्हें 22 वीं एशियाई जूनियर और कैडेट टेबल टेनिस चैंपियनशिप के लिए भारतीय सब-जूनियर टीम में चुना गया था।

अंशु मलिक

18 वर्षीय पहलवान दो बार की एशियाई कैडेट चैंपियनशिप पदक विजेता है। वह 57 किग्रा वर्ग में जूनियर एशियाई चैंपियन भी हैं। उनके चाचा पवन ने एसएएफएफ खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व किया, जबकि उनके पिता धर्मवीर अपनी बेटी को बेहतर समर्थन देने के लिए सेवानिवृत्त होने से पहले सीआरपीएफ में एक पहलवान थे।

बता दें कि देश में खेलो इंडिया की शुरुआत 2018 में हुई। इसके तहत एथलेटिक्स, कबड्डी, कयाकिंग, कराटे, कुश्ती, कैनोइंग, क्रिकेट, खो-खो, जिम्नास्टिक, जूडो, टेबल टेनिस, तलवारबाजी, ताइक्वांडो, तीरंदाजी, तैराकी, निशानेबाजी, नौकायन, फुटबॉल, बास्केटबॉल, बैडमिंटन, मुक्केबाजी, लॉन टेनिस, वॉलीबॉल, वुशु, वेटलिफ्टिंग, शतरंज, साइकिलिंग, सेपाकटेकरो खेली जाती है। वहीं अब इसमें योगासन और मल्लखंब को भी जोड़ दिया गया है।

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