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कालिया दम्पति निभा रहे कोरोना योद्धा की भूमिका, एंबुलेंस की दे रहे नि:शुल्क सेवा

कोरोना की दूसरी लहर में समाज के हर एक अंग ने अपनी अहम भूमिका निभाई है, लेकिन हमारे योद्धाओं ने इस काम को बखूबी अंजाम दिया है। इसी कड़ी में एंबुलेंस की भूमिका काफी महत्वपूर्ण रही है, जो 24 घंटे अलर्ट मोड में रहकर, जिंदगियों को बचाने का काम कर रहे हैं। दिल्ली में भी एक ऐसे ही दम्पति है, जो अपनी जान की परवाह न करते हुए, कोरोना संक्रमितों को समय पर अस्पताल पहुंचाने में अपनी अहम भूमिका निभा रहे हैं।

दिल्ली के रहने वाले हिमांशु कालिया और उनकी पत्नी ट्विंकल कालिया कोरोना की पहली लहर और दूसरी लहर में भी लोगों को नि:शुल्क एंबुलेंस की सेवा दे रहे हैं। खास बात यह है कि दोनों खुद भी एंबुलेंस चलाते हैं और मरीजों की सेवा में लगे रहते हैं।

देश की पहली महिला एंबुलेंस चालक
आपको जानकर हैरानी होगी हिमांशु कालिया की पत्नी ट्विंकल कालिया भी इस काम में उनका साथ देती है, जो कैंसर पीड़ित भी हैं। ट्विंकल ने 2007 से एंबुलेंस चलाना शुरू किया था और वो देश की पहली महिला एंबुलेंस चालक भी हैं, इसके लिए उन्हें दुबई में 2015 में एक संगठन ने सम्मानित किया था। उन्हें राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद द्वारा 2019 में नारी शक्ति पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है।

महामारी में लोगों की मदद के लिए बाहर निकलने पर ट्विंकल कहती हैं कि अगर कुछ होना होगा तो घर बैठे भी हो जाएगा, लेकिन जब लोगों का फोन आता है, तो हिम्मत खुद आ जाती है। कई बार लोगों के फोन आते हैं कि डेड बॉडी पड़ी है, कोई रिश्तेदार नहीं है, अकेले हैं, पैसे भी नहीं है तो हम मदद के लिए पहुंचते हैं। हमें लगता है कि जब देश की सेना, डॉक्टर और तमाम लोग अपनी सेवा दे रहे हैं, तो हम यह काम क्यों नहीं कर सकते हैं।

मदद करने का जज्बा
‘एंबुलेंस मैन’ के नाम से मशहूर हो चुके हिमांशु कालिया बताते हैं कि उनके पास 12-13 गाड़ियां हैं, हमें ये कभी नहीं लगा कि ये गाड़ियां भी कम पड़ जाएंगी, लेकिन एक हिंदुस्तानी नागरिक और मानवता के नाते हम क्या और कितना कर सकते हैं, इसका अपने अंदर जज्बा पैदा किया। तब से लेकर, हम आज भी उन लोगों को ढूंढते हैं, जिनके पास पैसे नहीं हैं, साधन नहीं है ताकि उन्हें सेवा दे सकें, समय पर अस्पताल पहुंचा सकें।

मदद के लिए इन नंबरों पर कर सकते हैं कॉल
उन्होंने बताया कि हमारे पास 200-250 फोन रोजाना आते हैं। सभी तक मदद के लिए पहुंचना एक चुनौती है, लेकिन अगर कोई दिल्ली या आसपास के इलाके के हैं तो 8804102102 नंबर पर संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा अगर किसी की मृत्यु हुई है तो भी नि:शुल्क शव वाहन भी मंगा सकते हैं।

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