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जहांगीरपुरी हिंसा: शुरूआत ठेके से लूटी शराब की बोतलों हुई

जहांगीरपुरी हिंसा: थाने के बाहर महिलाओं ने किया हंगामा.विहिप ने कहा, जहांगीरपुरी हमले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए.

नई दिल्ली । उत्तर पश्चिमी जिले के जहांगीरपुरी में हुई हिंसा में पुलिस सूत्रों का कहना है कि दंगा की शुरूआत अंसार ने ही की थी। जब विवाद हुआ तो वह अपने साथियों के साथ कुछ ही कदमों की दूरी पर स्थिति एक ठेके की दुकान में जबरन साथियों के साथ घुस गया और वहां से शराब की बोतलों को लूटा।दुकान के कर्मचारियों व गार्ड आदी ने विरोध करने पर उसने उनको धमकी दी। जिसके बाद बोतलों को लेकर श्रद्धालुओं पर फैंकना शुरू किया। उसके बाद सड़कों पर पड़ी ईंट व पत्थर फैंकने शुरू कर दिये। पुलिस को सड़कों पर बोतलों के टुकड़ों का ढेर पड़ा मिला है। पुलिस ठेका मालिक व कर्मचारियों के भी बयान दर्ज कर रही है। ठेके में लगे सीसीटीवी कैमरों की भी फुटेज को कब्जे में लिया है।

खुद को दुकान में बंद कर घरवालों को दी थी हिंसा की खबर

ठेके पर काम करने वाले कर्मचारियों ने बताया कि सब दुकान के बाहर खड़े होकर शोभा यात्रा को देख रहे थे। लेकिन जब हिंसा हुई ताे अचानक से आधा दर्जन दंगाई दुकान में जबरन घुसे। जिन्होंने बोलतों को उठाना शुरू कर दिया। विरोध करने पर धमकी दी। कर्मचारियों ने हिंसा देखकर किसी तरह से अपनी दुकान का शटर बंद करके खुद को अंदर बंद कर लिया। जिसके बाद मालिक व मैनेजर आदी को मामले की जानकारी दी गई। उन्होंने अपने परिवार वालों को भी फोन करके हिंसा होने की जानकारी दी। आधे से पौन घंटे तक उन्होंने खुद को अंदर ही बंद रखा था। जब पुलिस बल आया और दंगाईयों को हटाया गया तब जाकर वह दुकान से बाहर निकले।

दंगा की जगह पर बोतलें, पत्थर, जूता चप्पल ही नजर आए

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि दंगे वाली जगह पर पुलिस को सबसे ज्यादा शराब की बोतलों के टूकड़े और पत्थर ही मिले हैं। इसके अलावा जूते चप्पल,कपड़े भी मिले हैं। जिनको साक्ष्य के तौर पर जब्त किया गया है, लेकिन एक ही जगह पर इतने सारे ईंट पत्थर कहां से आए। जांच टीमें भी हैरान हैं। जिससे दंगा सुनियोजित होने का शक जाहिर हो रहा है।

क्या हिंसा करने के बाद दंगाई हुए फरार !

पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि हिंसा करने के बाद जिस तेजी से पुलिस की जांच शुरू हुई है और दंगाईयों को पकड़ा जा रहा है। उससे दंगाई पकड़े जाने के डर से अपने अपने घरों से फरार हो गए हैं। ऐसे दंगाईयों के परिवार वालों से पूछताछ कर उनके ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। उनके मोबाइल फोन को सर्विलांस पर लगाकर उनकी लोकेशन को ट्रेस करने की कोशिश की जा रही है। इस मामले में यह भी सामने आ रहा है कि कुछ दंगाई वहां के नहीं रहने वाले थे। जिनको पहचानने की कोशिश की जा रही है।

लोगों ने बताई दंगे की आंखों देखी

-एच ब्लॉक के आरडब्ल्यूए प्रेसिडेंट विजय जिंदल

वह परिवार के साथ यहां पर काफी वर्षो से रह रहे हैं। लेकिन ऐसा दंगा कभी भी नहीं देखा। अगर कोई यह बोलता है कि हमने लोगों को बचाया तो वह शायद पूरी तरह से गलत बोल रहे है। क्योंकि वहां पर बचने की कोई जगह नहीं थी। हर तरफ से पथराव हो रहा था बस। काफी डरावना सीन था।

-नवरंग निवासी जहांगीरपुरी

यहां मैं अपने परिवार के साथ सन 76 से रह रहा हूं। कभी भी ऐसा नहीं हुआ है, लेकिन पिछले दो से तीन सालों में यहां के हालत पूरी तरह से बदल गए हैं। बाहरी लोग यहां आकर बस गए हैं। जिससे कई प्रकार का अपराध बड़ा है। लोगों के पास पिस्टल तलवारे देखी गई है। दंगाई शोभा यात्रा को पूरी तरह से नष्ट कर लोगों को भी खत्म करना चाहते थे। लोगों को बचने की जगह तक नहीं मिल रही थी।

-जहांगीरपुरी के विष्णु

कोविड में बिना किसी जाति धर्म को देखकर हमने खाना दिया, उनकी मजबूरियों को देखकर हर प्रकार की सहायता करने की कोशिश की थी। भाई चारा बनाने की कोशिश की थी, लेकिन दंगाईयों ने जो किया है वो सोचने पर मजबूर कर रहा है। उनको सजा तो जरूर मिलनी चाहिए। ये कुछ ही लोग हैं, जो अपनी युवा पीढ़ियों को बढ़ने से पहले ही नरक में धकेलने की कोशिश कर रही है।

-जयराम-जहांगीरपुरी

कश्मीर में जैसा होता था वैसा यहां पर देखा हमने, तलवार,लोहे की रोड,बड़े बड़े चाकू लहराते हुए दंगाईयों को देखा,वो अपने धर्म के नारे लगाकर दहशत मचाने की कोशिश कर रहे थे। जिनमें नाबालिग भी मौजूद थे। उनको देखकर बस डर ही लग रहा था। घरों की बेटियां व महिलाएं कांप रही थी और जल्द से जल्द दंगा बंद होने की प्रार्थना कर रही थी।

-राजेन्द्र यादव-जहांगीरपुरी

कश्मीर में ही लड़कियों को पत्थरबाजी करते हुए देखा था,लेकिन अब अपने ब्लॉक में भी देख लिया। उनको किसने बोला था ऐसा करने के लिये पुलिस को जरूर जांच करनी चाहिए,उनकी छतों पर ईंट पत्थर कहां से और कब पहुंचे,किसी को नहीं पता लगा,लेकिन दंगा सुनियोजित था यह पक्का हो गया है।

-जीतू मालिक-जहांगीरपुरी

अब डर लगने लगा है, हम घर छोड़कर तो बिल्कुल नहीं जाएगें,क्योंकि हमकों हमारी पुलिस पर पूरा भरोसा है। वो भरोसा रात शनिवार से रविवार तक देख भी लिया। बस अब खुद को सावधान रखने के बारे में सोचना पड़ेगा। अब भरोसा पूरा टूट चुका है इनपर से, जहां एक तरफ भजनों का आनंद ले रहे थे। कुछ ही मिनट में इन्होंने सुनियोजित तरीके से यात्रा पर पथराव कर दिया। जिसमें बच्चे,बेटियां व महिलाएं भी थी शर्मनाक हुआ।

संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा कर्मियों को किया गया तैनात

उत्तर-पश्चिमी दिल्ली के जहांगीरपुरी इलाके में शनिवार को हनुमान जयंती पर निकाली गई शोभा यात्रा के दौरान हुई हिंसा के बाद इलाके में शांति है। जहांगीरपुरी तथा अन्य संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा कर्मियों को तैनात किया गया है। विशेष आयुक्त, कानून-व्यवस्था (जोन-1) दीपेंद्र पाठक ने कहा कि मौके पर शांति है। हम लोगों के साथ बातचीत कर रहे हैं। हमने उनसे शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की है। जहांगीरपुरी में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उन्होंने कहा, हमने पर्याप्त संख्या में पुलिसबल तैनात किया है और हमने स्थिति पर काबू पा लिया है।

पुलिस अधिकारी ने बताया कि जहांगीरपुरी हिंसा मामले में अब तक 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के मुताबिक, शनिवार को हुई हिंसा में आठ पुलिसकर्मियों और एक नागरिक सहित नौ लोग घायल हुए हैं और अस्पताल में उनका इलाज किया गया। एक सब-इंस्पेक्टर को गोली लगी। उसकी हालत स्थिर है। पुलिस ने 27 आर्म्स एक्ट के साथ आईपीसी की धारा 147, 148, 149, 186, 353, 332, 323, 427, 436, 307, 120बी आईपीसी के तहत मामला दर्ज किया है। सूत्रों के मुताबिक, खुफिया एजेंसियों को जहांगीरपुरी हिंसा के पीछे कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की बड़ी साजिश का शक है।

‘अवैध प्रवासियों’ की भूमिका की जांच की मांग

वहीं, भाजपा की दिल्ली इकाई के नेताओं ने जहांगीरपुरी में हनुमान जयंती के अवसर पर आयोजित शोभा यात्रा के दौरान हुई झड़प को ‘साजिश’ करार दिया और घटना में ‘अवैध प्रवासियों’ की भूमिका की जांच की मांग उठाई। भाजपा दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष आदेश गुप्ता और पार्टी सांसद मनोज तिवारी ने कहा कि शोभा यात्रा पर “हमला अचानक हुई घटना नहीं बल्कि एक साजिश थी।” भाजपा नेता कपिल मिश्रा ने आरोप लगाया कि जुलूस पर पथराव एक ‘आतंकवादी हमला’ था। उन्होंने देश से अवैध प्रवासियों को तत्काल बाहर निकालने की मांग की।

आदेश गुप्ता ने कहा कि वह केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मिलेंगे और उनसे हिंसा की जांच का आदेश देने का आग्रह करेंगे। उन्होंने यह भी सवाल किया कि दिल्ली में अवैध रूप से रह रहे रोहिंग्याओं और बांग्लादेशियों की बस्ती को पानी और बिजली के कनेक्शन कैसे दिए गए ? उन्होंने एक वीडियो संदेश में कहा, “मैं (मुख्यमंत्री) अरविंद केजरीवाल से पूछना चाहता हूं कि वह शहर में अवैध रूप से रह रहे रोहिंग्याओं और बांग्लादेशियों को पानी और बिजली क्यों मुहैया करा रहे हैं।”भाजपा नेता ने दिल्लीवासियों से शांति बनाए रखने की भी अपील की और कहा कि पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल क्षेत्र का दौरा करेगा। मनोज तिवारी ने घटना के बाद ट्वीट किया, ‘अवैध प्रवासी बड़ा खतरा हैं और इसकी जांच की जरूरत है क्योंकि वे हमारे देश के सद्भाव को नुकसान पहुंचा रहे हैं, जो लोग उनका संरक्षण कर रहे हैं और उन्हें यहां बसने में मदद कर रहे हैं, वे एक बड़ा खतरा हैं।’

इस बीच, मध्य प्रदेश के खरगोन में रामनवमी पर हिंसा भड़काने के संबंध में विपक्ष द्वारा लगाए गए आरोपों का सामना कर रहे कपिल मिश्रा ने कहा कि सभी अवैध प्रवासियों के कागजात की जांच की जानी चाहिए और उन्हें तुरंत निकाला जाना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘हनुमान जयंती पर शोभा यात्रा पर हमला एक संयोग नहीं बल्कि एक प्रयोग था। यह एक आतंकवादी हमला था। बांग्लादेशी घुसपैठियों की बस्तियां अब हमलों में शामिल हैं।’दिल्ली कांग्रेस के अध्यक्ष चौधरी अनिल ने कहा कि दिल्ली का भाईचारा कायम रखें. किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें। दिल्ली को बचाने के लिए, भाईचारा एवं शांति कायम करने के लिए मिल-जुलकर काम करें। उन्होंने जहरीले बयानों और ऐसे संदेशों को भी नजरअंदाज करने की अपील की। लोगों को भड़काऊ और ज्वलंत ट्वीट या संदेश फैलाने से भी बचने की अपील की है। इसके साथ ही उन्होंने ईमानदारी से जांच करवाकर दोषियों को सजा दिलाने की मांग की है।

जहांगीरपुरी हिंसा में निकले दो अहम किरदार

उत्तर पश्चिमी जिले के जहांगीरपुरी इलाके में शनिवार रात हुई हिंसा मामले की जांच में जुटी पुलिस ने दंगे के दो अहम किरदार का खुलासा किया है। इन दोनों को पुलिस ने गिरफ्तार भी कर लिया है। इसमें से एक पर शोभायात्रा के दौरान कहासुनी करते हुए पथराव की शुरूआत करने का आरोप है तो दूसरे पर दंगे के दौरान गोली चलाने का आरोप है। वहीं हैरानी वाली बात है कि दोनों का ही आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। यह खुलासा भी मामले की जांच के दौरान हुआ। वहीं जांच के दौरान जो एक महत्वपूर्ण बात सामने आई, वह यह कि जहांगीरपुरी इलाके का वर्ष-2020 में राजधानी में हुए दंगे से भी कनेक्शन रहा है।

पहला आरोपित: अंसार

जहांगीरपुरी हिंसा के सिलसिले में गिरफ्तार किए गए 14 संदिग्धों में से एक अंसार को इस सांप्रदायिक झड़प का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। पुलिस सूत्रों ने यह जानकारी दी है कि स्थानीय अंसार ने कथित तौर पर अपराध की साजिश रची थी। पुलिस अंसार से पूछताछ कर रही है। साथ ही उसके कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) की जांच भी कर रहे हैं, क्योंकि यह अभीतक की जांच का मुख्य संदिग्ध है।मामले की जांच में जुटी पुलिस के मुताबिक दो शोभा यात्रा गुजर चुके थे और यह तीसरा था, जिसे अंसार और उसके सहयोगियों ने कथित तौर पर रोका था और लोगों को उकसाया और पथराव करने का सूत्रधार भी था। अंसार इस घटना की अगुवाई कर रहा था। उससे पूछताछ कर अब यह पता लगाया जा रहा है कि उसके पीछे कोई और तो नहीं है।

दूसरा आरोपित: असलम

वहीं जहांगीरपुरी हिंसा मामले के मास्टरमाइंड के रूप में दूसरे किरदार के रूप में शोभायात्रा पर फायरिंग के आरोपित असलम उर्फ खोडू उर्फ असलम अली की पहचान की गई है। पुलिस की मानें तो असलम सीडी पार्क के पास का रहने वाला है और इसने ही गोली चलाई थी। उसके पास से वारदात के दौरान इस्तेमाल की गई एक पिस्टल बरामद हुई है। मामले की जांच में जुटी पुलिस यह पता करने का प्रयास कर रही है कि इसने आखिरकार क्यों गोली चलाई ? क्या इसके पीछे भी कोई कहानी तो नहीं है ? असकी जांच के लिए इससे लगातार सघन पूछताछ की जा रही है। खासबात यह है कि उसके खिलाफ जहांगीरपुरी थाना में 2020 के एक मामले में आईपीसी की धारा 324/188/506/34 के तहत भी केस दर्ज किया गया था। पुलिस की मानें तो यह आरोपी आदतन अपराधी है।

जहांगीरपुरी का रहा है 2020 दंगे से भी कनेक्शन

जहांगीरपुरी में जिस कुशल चौक, सी ब्लॉक में हनुमान जयंती की शोभा यात्रा के दौरान हिंसा हुई, उसका कनेक्शन साल-2020 में दिल्ली में हुए दंगों से भी रहा है। ये खुलासा साल 2020 के दंगों की जांच के दौरान हुआ था। जिसकी रिपोर्ट पुलिस ने तैयार की थी। दिल्ली पुलिस ने 2020 दंगों को लेकर तैयार रिपोर्ट में यह खुलासा किया था कि सीएए/एनआरसी हिंसा के दौरान कुशल चौक से कुछ संदिग्ध लोगों को, महिलाओं, बच्चों और पुरुषों के साथ शाहीन बाग प्रोटेस्ट में शामिल करने के लिए बसों में भरकर लाया गया, जिसकी संख्या सैकड़ों में बताई गई थी।

एफआईआर के हैं मुख्य बिंदु:

—शाम 6 बजे शोभा यात्रा जहांगीरपुरी के जामा मस्जिद पहुंची।

—अंसार नाम का आदमी 4-5 साथियों के साथ पहुंचा।

—अंसार ने शोभा यात्रा में शामिल लोगों से बहस की।

—झगड़ा बढ़ा और पत्थरबाजी शुरू हो गई।

-हिंसा काबू करने के लिए 40-50 आंसू गैस के गोले छोड़े गए।

—भीड़ की तरफ से फायरिंग भी की गई।

-गोली लगने से एसआई मेदालाल जख्मी हो गए।

-फायरिंग, पथराव कर सांप्रदायिक दंगा किया गया।

15 और संदिग्धों से हो रही है पूछताछ

वहीं मामले की जांच में जुटी पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से हुई पूछताछ और वीडियो फुटेज के आधार पर भीड़ के बीच दिखाई दिए जाने वाले अन्य 15 संदिग्धों से पूछताछ कर रही है। इसके अलावा पुलिस टीमें कुछ अन्य संदिग्धों की तलाश में संभावित स्थानों पर छापेमारी भी कर रही हैं। उधर पूछताछ की जद में आने वाले 15 संदिग्धों में से कुछ अन्य के भी गिरफ़्तार होने की संभावना है। पुलिस का कहना है कि जैसे ही इनसे संबंधित साक्ष्य पुलिस के हाथ लगेंगे, वैसे ही इन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

घायल एएसआई ने कहा पत्थर और ईंटों से मारा

दिल्ली के जहांगीरपुरी इलाके में शनिवार रात हुई हिंसा मामले में आठ पुलिसकर्मी और एक आम नागरिक समेत कुल नौ गंभीर रूप से घायल हुए हैं। घायलों में एसआई मेधालाल, हेडकांस्टेबल दिनेश,कांस्टेबल सुमन साहूकार,एएसआई अरुण कुमार,एएसआई बृज भूषण,कांस्टेबल दीपक,हेड कांस्टेबल प्रीतम,इंस्पेक्टर राजीव रंजन और एक आम नागरिक उमा शंकर शामिल हैं। इन सभी की एमएलसी बनी है। वहीं पथराव के दौरान मौके पर मौजूद दोनों पक्षों के करीब दर्जन भर से ज्यादा अन्य लोग भी हैं, जो मामूली रूप से घायल हुए और वे अस्पताल इलाज के लिए नहीं गए। वहीं जहांगीरपुरी हिंसा मामले में घायल एएसआई अरुण कुमार ने बातचीत में बताया कि उनपर पत्थर और ईंटों से हमला किया गया, जिससे उनके पैर और कंधे में चोट आई है। उन्होंने बताया कि वे शुरुआत से ही शोभायात्रा में मौजूद थे। उन्होंने बताया कि हम उस गाड़ी के पीछे ही थे जिसमें हनुमान जी की यात्रा निकाली जा रही थी। आगे से अचानक पीछे की तरफ भीड़ आई। इसके बाद दोनों तरफ से बहस होने लगी। हमने बहुत शांत करवाने की कोशिश की, लेकिन कोई सुनने को तैयार नहीं था। सबके हाथ में डंडे, पत्थर व अन्य सामान थे।

एक साथ करीब डेढ़ हजार लोग आ गए

उन्होंने बताया कि करीब एक से डेढ़ हजार लोग एक साथ निकलकर सामने आ गए थे। कुशल चौक पर शोभायात्रा के पहुंचते ही विवाद शुरू हुआ था। विवाद बढ़ने के बाद लोग अपनी अपनी गाड़ियों को छोड़कर भाग रहे थे। मैं सबको वहां से हटाने को कोशिश कर रहा था। वहीं उनके साथी अरुण कुमार ने बताया कि उपद्रवी गाड़ियों को जलाने की कोशिश कर रहे थे। हम उन्हे मना कर रहे थे, लेकिन कोई सुनने को तैयार नहीं था।

साजिश के तहत घटना को दिया गया अंजाम

वहीं मामले की जांच में जुटी पुलिस का कहना है कि जिस तरह से अचानक ही करीब डेढ़ हजार लोग मौके पर पूरी तैयारी के साथ पहुंच गए, उससे तो यह आशंका जताई जा रही है कि साजिश के तहत वारदात को अंजाम दिया गया है। फिलहाल पुलिस सभी कोणों को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच कर रही है।

जांच में स्पेशल सेल व अपराध शाखा भी

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और अपराध शाखा भी जांच में जुटी है। माना जा रहा है कि जहांगीरपुरी हिंसा मामले की जांच इन दोनों यूनिट में से किसी को ट्रांसफर किया जा सकता है। हालांकि वर्तमान में स्थानीय पुलिस स्पेशल सेल और क्राइम ब्रांच की टीम की मदद से मामले की जांच की जा रही है। पुलिस मामले की विस्तृत रिपोर्ट भी तैयार कर रही है जिसे गृह मंत्रालय को भेजा जाएगा।

जहांगीरपुरी हिंसा: आरोपितों की संख्या पहुंची 20, दो नाबालिग भी पकड़े

उत्तर पश्चिमी जिले के जहांगीर पुरी हिंसा मामले में पुलिस पूरी तरह एक्शन मोड पर है। रविवार शाम को डीसीपी उषा रंगनानी ने बताया कि उक्त मामले में दो नाबालिग समेत आठ लोगों को पकड़ा गया है। इसमें कानून का उल्लंघन करने वाले दो किशोरों को पकड़ा गया है। जबकि छह आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपितों के पास पुलिस ने तीन तमंचा और पांच तलवारें बरामद की हैं। यह गिरफ्तारी इलाके से सौ से ज्यादा मिली वीडियों फुटेज के आधार पर की गई है। सभी आरोपित जहांगीरपुरी के रहने वाले हैं। आरोपितों की पहचान अंसार (35) अकरम (22), जाकिर(22), इम्तियाज(29), जाहिद(22), आतिर(35), मो.अली उर्फ जसोद्दीन(27), शहजाद(37), मुख्तियार अली(28), आमिर(22), असतर(36), नूर असलम(28), मो. असलम उर्फ कुड्डू (22) और मो. अली हसन(22), शेख सौरभ(42), सूरज(21), नीरज (19), सुकन (45), सुरेश (43), सुजीत सरकार (38) और दो नाबालिग शामिल है।

जहांगीरपुरी हिंसा: थाने के बाहर महिलाओं ने किया हंगामा

उत्तर पश्चिमी जिले के जहांगीरपुरी थाने के बाहर रविवार शाम को खूब हंगामा हुआ। दरअसल मुस्लिम समुदाय की कुछ महिलाएं थाने के बाहर पहुंच गई। इनका आरोप था कि पुलिस इनके परिजनों को जबरदस्ती उठाकर थाने ले आई है। वहीं दूसरी ओर कुछ हिन्दू संगठन के युवक भी वहां पहुंच गए। आमने-सामने खड़े होकर दोनों ओर से नारेबाजी होने लगी। हालात यह हुए कि थाने के गेट पर अंदर से ताला लगा दिया गया। बाद में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने लोगों को समझा-बुझाकर वहां से हटाया। महिलाओं को आश्वासन दिया गया कि किसी भी बेकसूर को नहीं पकड़ा जाएगा। इसके बाद महिलाओं को वापस भेज दिया गया।

जानकारी के अनुसार रविवार शाम करीब 4.00 बजे अचानक करीब 50 महिलाएं जहांगीरपुरी थाने के बाहर इकट्ठा हो गई। वहां पहले से हिंदू संगठनों के लोग इकट्ठा थे। दरअसल थाने में पहले उत्तर-पश्चिम दिल्ली से भाजपा सांसद हसंराज हंस पहुंचे थे। इसके बाद भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदेश गुप्ता व अन्य लोगों को आना था। महिलाओं को देखते ही इन लोगों ने धार्मिक नारेबाजी शुरू कर दी। आमने-सामने जाकर दोनों ओर से धार्मिक नारेबाजी होने लगी। करीब पंद्रह मिनट हंगामे के बाद थाने से वरिष्ठ पुलिस अधिकारी निकले। उन्होंने दोनों पक्षों से शांति बनाने की अपील की। बाद में दोनों ओर के लोगों को वापस अपने-अपने घर भेज दिया।

विहिप ने कहा, जहांगीरपुरी हमले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए

विश्व हिन्दू परिषद (विहिप) ने दिल्ली के जहांगीरपुरी में हनुमान जन्मोत्सव के अवसर पर शनिवार को शोभायात्रा पर हमले को सुनियोजित षड्यंत्र बताते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। विहिप ने कहा है कि हमलावरों की पहचान कर उन पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। विहिप दिल्ली प्रांत के अध्यक्ष कपिल खन्ना के नेतृत्व में रविवार को संगठन का एक प्रतिनिधिमंडल पुलिस आयुक्त राकेश अस्थाना से मिला। विहिप नेताओं ने पुलिस आयुक्त से कहा कि पूर्व सूचना होने के बावजूद समुचित सुरक्षा उपलब्ध नहीं कराने के दोषी अधिकारियों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। असामाजिक तत्वों को रोकने की बजाए धार्मिक यात्राओं को रोकने की कोशिश करने वाले अधिकारियों पर भी कार्रवाई होनी चाहिए। कपिल खन्ना ने कहा कि अगर दिल्ली पुलिस धार्मिक यात्राओं को समुचित सुरक्षा उपलब्ध कराने में सक्षम नहीं है तो यह भी बताए। हम बजरंग दल के कार्यकर्ताओं के सहयोग से धार्मिक यात्राओं की सुरक्षा के प्रबंध स्वयं करेंगे।

पुलिस आयुक्त को सौंपे पत्र में विहिप ने कहा है कि हनुमान जन्मोत्सव पर विहिप एवं बजरंग दल के नेतृत्व में निकाली गई शोभायात्रा निर्धारित समय शाम 4:30 बजे जहांगीरपुरी के डबल ई प्रयास नामक स्थान से बाबू जगजीवन राम मार्ग होते हुए बीसी रोड पहुंची। यात्रा शांतिपूर्ण ढंग से आगे बढ रही थी। इसी बीच सी ब्लॉक मस्जिद के सामने से कुछ असामाजिक तत्व अभद्र नारे लगाने लगे। थोड़ी देर बाद बस्तियों से भीड़ निकलकर आई और लाठी-डंडे से हमला शुरू कर दिया। आसपास के छतों से पत्थरबाजी भी शुरू कर दी गई। इसमें विहिप के कुछ कार्यकर्ता जख्मी हो गए। इसी बीच असामाजिक तत्वों का एक जत्था मस्जिद से अचानक बाहर आया और पत्थर, एसिड, कांच के टुकड़े, बोतलों से हमला शुरू कर दिया। इसमें भी कई कार्यकर्ता जख्मी हो गए। कार्यकर्ता की गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया गया। कई हिन्दुओं की दुकानों में लूटपाट की गई। दिल्ली पुलिस को इस हमले के दोषियों पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।न्यूज़ सोर्स (हि.स.)

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