State

बुलडोजर रोकने के लिए जमीयत की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार को सुनवाई

नई दिल्ली । सुप्रीम कोर्ट उत्तर प्रदेश में तोड़फोड़ (बुलडोजर एक्शन) के खिलाफ जमीयत-उलेमा-ए-हिंद की याचिका पर कल यानी 16 जून को सुनवाई करेगा। जस्टिस एएस बोपन्ना और जस्टिस विक्रम नाथ की वेकेशन बेंच सुनवाई करेगी।जमीयत ने याचिका दायर कर उप्र में आगे कानून का पालन किए बगैर कोई भी तोड़फोड़ नहीं करने का दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की है। याचिका में मांग की गई है कि बिना किसी कानूनी प्रक्रिया का पालन किए घरों को गिराने वाले अफसरों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।

जमीयत-उलेमा-ए-हिंद की यह याचिका दिल्ली के जहांगीरपुरी में दुकानों और घरों को गिराने के विरोध में दायर याचिका के संदर्भ में दायर की गई है। सुप्रीम कोर्ट जहांगीरपुरी में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पर रोक लगा चुकी है। वकील कबीर दीक्षित और सरीम नावेद की ओर से दाखिल इस नयी याचिका में कहा गया है कि कानपुर में आरोपितों की आवासीय और व्यावसायिक संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने का कानून से इतर कोई भी कार्रवाई करने पर रोक लगाने का दिशा-निर्देश जारी किया जाए।

याचिका में कहा गया है कि भाजपा के दो नेताओं की ओर से कुछ आपत्तिजनक बयान जारी किए गए, जिससे देश के कई हिस्सों में सांप्रदायिक तनाव पैदा हो गया। इन दोनों नेताओं के बयानों के विरोध में कानपुर शहर में बंद का आह्वान किया गया था। इस दिन दो समुदायों के बीच पत्थरबाजी हुई। इसके बाद राज्य के मुख्यमंत्री समेत दूसरे अधिकारियों ने सार्वजनिक बयान दिया कि संदिग्धों की संपत्ति कुर्क की जाएगी और उन्हें बुलडोजर से गिराया जाएगा। याचिका में कहा गया है कि आरोपितों को नोटिस दिए बिना और उनका पक्ष सुने बिना उनकी संपत्ति को नहीं गिराया जा सकता है।(हि.स.)

BABA GANINATH BHAKT MANDAL  BABA GANINATH BHAKT MANDAL

Related Articles

Back to top button