
धूमधाम से मनाया गया भारद्वाज पब्लिक स्कूल का स्थापना दिवस
पति के सपनो को साकार करना ही मेरा उद्देश्य :सुनीता पाठक.बेहतर शिक्षा के साथ सुलभ स्वास्थ्य सेवा ही मेरा लक्ष्य:डॉ0 ऋषभ पाठक.
पीपीगंज।भारद्वाज पब्लिक स्कूल के 14 वें स्थापना दिवस समारोह रविवार को पीपीगंज स्थित उत्सव मैरेज हाल में पूरे हर्षोल्लाश के साथ मनाया गया।इस दौरान स्कूल के छात्र छात्राओं ने तमाम तरह के धार्मिक,सांस्कृतिक,राष्ट्रवाद,आतंकवाद,नृत्य एवं अनेक प्रकार के प्रेरणात्मक कार्यक्रम प्रस्तुत कर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।

इस अवसर पर समारोह को सम्बोधित करते हुए नगर पंचायत अध्यक्ष लछमण विश्वकर्मा ने कहा कि स्वर्गीय डॉ एस एन पाठक जी की सोच एवं कृतित्व स्वामी विवेकानंद जी से पूरी तरह प्रेरित थी और उन्हीं के पदचिन्हों पर चलते हुए उन्होंने सामान्य परिवार और परिवेश एवं संघर्षों से चिकित्सा छेत्र की उच्चतम योग्यता हासिल करने के बावजूद बड़े शहरों की मोटी कमाई का अवसर छोड़ इस पिछड़े छेत्र के गरीबो को बेहतर चिकित्सा सेवा देने का संकल्प लेते पीपीगंज को अपनी कर्मभूमि बनाकर निरन्तर सेवा करते हुए अपने प्राणों की आहुति तक दे दी।उनकी सोच थी कि चिकित्सा के साथ ही इस छेत्र के बच्चो के बेहतरीन भविष्य के लिए भारद्वाज पब्लिक स्कूल की स्थापना की जहां निरन्तर उनकी पत्नी सुनीता पाठक जी तमाम विपरीत परिस्थितियों के बावजूद अनुशाशन के साथ ही बेहतरीन शिक्षा उपलब्ध कराकर उनके सपनों को साकार करने का पूरा प्रयास कर रही है जिसके लिए हम सब इस परिवार के आजीवन ऋणी है।
जबकि विद्यालय के संरक्षक एवं स्व0 डॉ एसएन पाठक के सुपुत्र डॉ0 ऋषभ पाठक ने कहा कि मेरे पिता के मुझे डॉक्टर बनाने के सपनो को साकार करने के लिए मेरी माँ स्वास्थ्य खराब होने के बावजूद निरन्तर संघर्ष करती रही और आज उन्ही की देन है और मुझे इस बात का गर्व है कि मुझे एक डॉक्टर बनकर आज आप सभी के बीच मंच पर आने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है।आने वाले दिनों में मैं अपनी माँ के साथ आप सभी के सहयोग उनके द्वारा चिकित्सा एवं शिक्षा के पावन सेवा के अवसर को पूरी निष्ठा एवँ ईमानदारी से करने लिए कृत संकल्पित है।

वही भारद्वाज पब्लिक स्कूल एवं भारद्वाज हॉस्पिटल की निदेशक सुनीता पाठक ने कहा कि मैं और मेरा पूरा परिवार स्व0 डॉ एसएन पाठक जी के सपनो को पूरा करने एवं लोगो को बेहतर चिकित्सा के साथ साथ बेहतर शिक्षा,संस्कार एवं अनुशाशन इस छेत्र के बच्चों को देकर उनके उज्जवल भविष्य के लिए हर सम्भव प्रयास कर रहे है।आज बच्चो की शिक्षा में मोबाइल जितना उपयोगी है उससे कही ज्यादा हानिकारक है,इसके लिए अभिभावकों को जागरूक होकर अपने बच्चो को मोबाइल के दुष्प्रभावों से बचाने के लिए उन्हें समय के साथ साथ प्रेरणात्मक किस्से,कहानियां अपनी संस्कृति से जोड़ना होगा जिससे उनमें शिक्षा के साथ ही एक अच्छा इंसाम बनकर देश एवं समाज की बेहतरीन सेवा करते हुए आगे बढ़े।
इस दौरान स्कूल के छात्र छात्राओ ने तमाम तरह के सांकृतिक एवं देशभक्ति के साथ ही प्रेंरणादायक कार्यक्रम प्रस्तुत कर समारोह में मौजूद सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।समारोह के अंत मे सभी सह भागियो को निदेशक एवं संरक्षक द्वारा सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर विद्यालय के सभी शिक्षक एवं कर्मचारी और भारी संख्या में अभिभावक भी मौजूद रहे।



