BHU के पूर्व डीन प्रो. जी.पी. वर्मा का निधन, 81 वर्ष की आयु में ली अंतिम सांस
बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के विधि संकाय के पूर्व अध्यक्ष और प्रख्यात संविधान विशेषज्ञ प्रो. (डॉ.) जी.पी. वर्मा का 1 अक्टूबर 2026 को 81 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वह एक सप्ताह से IMS BHU में उपचाराधीन थे। पांच दशक से अधिक के करियर में उन्होंने विधि शिक्षा, संवैधानिक अध्ययन और राष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण योगदान दिया।
वाराणसी। बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के विधि संकाय के पूर्व संकायाध्यक्ष एवं प्रख्यात संविधान विशेषज्ञ प्रो. (डॉ.) जी.पी. वर्मा का 1 अक्टूबर 2026 को निधन हो गया। वह पिछले एक सप्ताह से बीएचयू के चिकित्सा विज्ञान संस्थान (आईएमएस) में उपचाराधीन थे। उन्होंने 81 वर्ष की आयु में अंतिम सांस ली।
प्रो. वर्मा का पांच दशक से अधिक का शैक्षणिक एवं विधिक करियर अत्यंत प्रतिष्ठित रहा। उन्होंने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में कई महत्वपूर्ण दायित्वों का निर्वहन किया। वह आईएमएस में विधिक मामलों के प्रमुख (हेड ऑफ लीगल) के रूप में भी कार्यरत रहे। इसके अतिरिक्त विश्वविद्यालय के विभिन्न कुलपति स्तरीय प्रशासनिक एवं शासी समितियों के विश्वसनीय सदस्य के रूप में भी उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
संविधान कानून के क्षेत्र में प्रो. वर्मा की विशेष पहचान थी। उन्हें देश के प्रमुख विधि विशेषज्ञों में गिना जाता था। उनका योगदान केवल शैक्षणिक जगत तक सीमित नहीं रहा, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी उन्होंने महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। वह लखनऊ स्थित राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय (एनएलयू) के संस्थापक कुलपति रहे। इसके अलावा उन्होंने भारत सरकार के मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष के रूप में भी अपनी सेवाएं दीं।
प्रो. वर्मा के निधन से देश ने विधि शिक्षा, संवैधानिक अध्ययन और न्यायिक विमर्श के क्षेत्र की एक प्रतिष्ठित हस्ती को खो दिया है। उनके पांच दशकों से अधिक के अनुभव, विधिक ज्ञान, नेतृत्व और संस्थागत योगदान ने देश के शैक्षणिक एवं विधिक ढांचे को समृद्ध करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
उनके निधन से शिक्षा एवं विधि जगत में शोक की लहर है। उनके परिवार में पत्नी, लंदन में रह रहे एक पुत्र और दिल्ली में रह रही एक पुत्री हैं। प्रो. जी.पी. वर्मा का निधन भारतीय विधि एवं शिक्षा जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है। उनका शैक्षणिक योगदान और विधिक क्षेत्र में स्थापित प्रतिष्ठा लंबे समय तक स्मरणीय रहेगी।
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