
EVM पर सवाल, बैलट पेपर पर भी ऐतराज, अखिलेश यादव पर भूपेंद्र सिंह-राजभर का तीखा हमला
उत्तर प्रदेश में शिक्षक और स्नातक एमएलसी चुनाव को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। कैबिनेट मंत्री चौधरी भूपेंद्र सिंह और सुभासपा प्रमुख ओमप्रकाश राजभर ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाने का आरोप लगाया। भाजपा के मुख्य प्रवक्ता दिनेश प्रताप सिंह ने सभी 11 सीटों पर जीत का दावा किया। भाजपा नेताओं ने एमएलसी चुनाव को 2027 विधानसभा चुनाव का ट्रेलर बताते हुए सपा की रणनीति पर सवाल उठाए।
लखनऊ : उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री चौधरी भूपेंद्र सिंह ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करना अखिलेश यादव की पुरानी मानसिकता है। उन्होंने कहा कि सपा को पहले ईवीएम से आपत्ति होती थी और अब बैलट पेपर से मतदान हो रहा है तो उसमें भी उन्हें धांधली नजर आ रही है। जब एमएलसी चुनाव के परिणाम आएंगे तो समाजवादी पार्टी को अपनी जमीनी हकीकत और वास्तविक स्थिति का सही आकलन करने का अवसर मिलेगा।
2027 के चुनाव का ट्रेलर है एमएलसी चुनाव
भूपेंद्र सिंह ने कहा कि एमएलसी चुनाव 2027 के विधानसभा चुनाव का ट्रेलर है। भारतीय जनता पार्टी फिर से प्रचंड जीत दर्ज करने जा रही है। इस चुनाव में अखिलेश यादव के बड़बोलेपन की हार होने जा रही है। परिणाम आने के बाद वह जनता व मीडिया से मुंह छिपाते फिरेंगे। इससे पहले उत्तर प्रदेश की जनता राज्यसभा चुनावों में भी अपना रुझान दिखा चुकी है। सपा को अब अपने नेतृत्व की क्षमता और अपनी सक्रियता की समीक्षा करनी चाहिए।
रामगोपाल यादव ने मानी कार्यकर्ताओं की नाकामी
चौधरी भूपेंद्र सिंह ने कहा कि सपा अपनी नाकामियों का ठीकरा दूसरों पर फोड़ती है। उन्होंने सपा के राष्ट्रीय महामंत्री रामगोपाल यादव के बयान का हवाला देते हुए कहा कि उन्होंने खुद यह स्वीकार किया है कि चुनाव में अधिकारियों की कोई गलती नहीं थी। सपा कार्यकर्ताओं ने मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने का प्रयास करने में कोई मेहनत नहीं की। अखिलेश यादव को कम से कम अपने चाचा के इस बयान से सीख लेनी चाहिए।
‘EVM से चुनाव हो तो दिक्कत, बैलट पेपर से हो तो दिक्कत’, ओपी राजभर ने अखिलेश पर कसा तंज
उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री और सुभासपा प्रमुख ओमप्रकाश राजभर ने सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। एमएलसी चुनाव को लेकर उन्होंने दावा किया कि अखिलेश यादव केवल हार का बहाना ढूंढ रहे हैं। ईवीएम से चुनाव हो तो भी आरोप लगाते हैं और बैलट पेपर से चुनाव होने पर भी सवाल उठाते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करते हैं और यही उनकी फितरत है। वहीं, भाजपा के मुख्य प्रवक्ता दिनेश प्रताप सिंह ने दावा किया कि एमएलसी चुनाव में सभी 11 सीटें भाजपा के खाते में जाएंगी और 2027 में प्रचंड बहुमत से एनडीए की ही सरकार बनेगी।
राजभर ने कहा कि खुद रामगोपाल यादव ने मतदाता सूची में नाम जुड़वाने और कटवाने की प्रक्रिया समय पर पूरी नहीं करने के लिए सपा कार्यकर्ताओं को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने अखिलेश से सवाल किया कि जब दोनों के बयान अलग हैं, तो सही किसे माना जाए? ऐसे में अखिलेश यादव को पहले अपनी पार्टी के भीतर उठे सवालों का जवाब देना चाहिए।
‘हर चुनाव से पहले बड़बोलापन करते हैं अखिलेश’
एमएलसी चुनाव को 2027 के विधानसभा चुनाव का ट्रेलर बताते हुए राजभर ने दावा किया कि भाजपा जीतने जा रही है। उन्होंने कहा कि अखिलेश चुनाव से पहले बड़े-बड़े दावे करते हैं, लेकिन नतीजे आने पर उन्हें जमीनी हकीकत का एहसास होता है। इस चुनाव के परिणाम से सपा की वास्तविक स्थिति का पता चल जाएगा।
‘बैलट पेपर से भी सपा को मिलेगी हार’
वहीं, भाजपा के मुख्य प्रवक्ता दिनेश प्रताप सिंह ने भी सपा सुप्रीमो पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव खुद बैलट पेपर से चुनाव कराने की मांग करते रहे हैं और अब शिक्षक और स्नातक एमएलसी चुनाव बैलट पेपर से हो रहे हैं तो फिर वही पुराना राग अलाप रहे हैं। अखिलेश को परिणाम का इंतजार करना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि भाजपा सभी 11 सीटें जीतेगी।
दिनेश प्रताप सिंह ने आरोप लगाया कि हार की आशंका में अखिलेश पहले से ही चुनाव आयोग और अन्य एजेंसियों पर सवाल उठा रहे हैं। 2017 के बाद से सपा लगातार चुनाव हार रही है और 2027 में भी प्रचंड बहुमत के साथ तीसरी बार एनडीए ही सरकार बनाएगी।
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