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जनता के पैसे पर डकैती डालने वालों की जेबें प्रधानमंत्री मोदी ने खाली कराईं: मुख्यमंत्री

लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जनसेवा के 25 वर्ष पूरे होने पर आयोजित कार्यक्रम में विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने जनधन खातों, गरीब कल्याण योजनाओं, आवास, उज्ज्वला, स्वास्थ्य बीमा, स्टार्टअप और बुनियादी ढांचे के विस्तार का उल्लेख किया। ‘नमो सेवा अनकही कहानियां’ नाट्य श्रृंखला में गुजरात भूकंप से पुनर्निर्माण तक की यात्रा दिखाई गई। गांधी जयंती पर सीएम योगी ने ग्राम स्वराज, 57,600 ग्राम सचिवालयों और 11,350 ग्राम पंचायतों की डिजिटल लाइब्रेरी का भी जिक्र किया।

लखनऊ : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि जनधन खाते खोले जा रहे थे तो विपक्ष खिल्ली उड़ाता था कि खाली खाते खोलकर क्या होगा। आज पता चल गया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने जनता के पैसे पर डकैती डालने वालों की जेबें खाली कराईं और गरीब का पैसा सीधे उसके खाते तक पहुंचाया। जिनकी जेबों तक जनता का पैसा पहुंचता था, उन्हें बुरा लगना और उनका विरोध करना स्वाभाविक है।

बिना रुके, बिना झुके और बिना डिगे 25 वर्ष

मुख्यमंत्री शुक्रवार को लोकभवन सभागार में सेवा संकल्प अभियान के तहत ‘नमो सेवा अनकही कहानियां’ पर आधारित नाट्य श्रृंखला मंचन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी 7 अक्टूबर को गुजरात के मुख्यमंत्री और देश के प्रधानमंत्री के रूप में जनसेवा के 25 वर्ष पूरे करेंगे। यह बिना रुके, बिना झुके और बिना डिगे सेवा की यात्रा है। इसमें विरासत और विकास के समन्वय के साथ बिना भेदभाव योजनाओं को समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुंचाया गया।

उन्होंने कहा कि सात अक्टूबर 2001 को मोदी जी ने ऐसे समय गुजरात की जिम्मेदारी संभाली, जब राज्य भूकंप की त्रासदी से जूझ रहा था। इसके बाद दंगों की चुनौती भी आई। इन परिस्थितियों के बीच गुजरात तेजी से उभरते राज्य और विकास के मॉडल के रूप में सामने आया।

यूपीए सरकार के दस वर्षों पर साधा निशाना

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2004 से 2014 के बीच कांग्रेस नेतृत्व वाली यूपीए सरकार के भ्रष्टाचार, अराजकता और अकर्मण्यता से देश में अविश्वास था। आंतरिक और बाह्य सुरक्षा के साथ अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर भी चुनौतियां थीं। वर्ष 2014 में गांव, गरीब, किसान, नौजवान और महिलाओं ने नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व पर विश्वास जताया। इसके बाद किसी जाति, मत, मजहब, क्षेत्र या भाषा के बजाए 140 करोड़ भारतीयों को केंद्र में रखकर योजनाएं आगे बढ़ाई गईं। पहले योजनाएं बनती थीं, लेकिन प्रभावी ढंग से जमीन तक नहीं पहुंचती थीं। आज गरीबों तक आवास, रसोई गैस, शौचालय, स्वास्थ्य बीमा और मुफ्त राशन जैसी सुविधाएं पहुंच रही हैं।

हवाई चप्पल वाला भी कर रहा हवाई यात्रा

मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं के लिए स्टार्टअप और रोजगार के नए अवसर बने हैं। हाईवे, एक्सप्रेसवे, रेलवे, मेट्रो और एयरपोर्ट का विस्तार हुआ है। पहले कोई प्रधानमंत्री यह दावा नहीं कर पाया कि हवाई चप्पल पहनने वाला भी हवाई जहाज की यात्रा कर सकता है। प्रधानमंत्री मोदी जी ने इसे केवल कहा नहीं, करके दिखाया। 7 अक्टूबर हर भारतीय के लिए प्रेरणा का दिन होना चाहिए। यह यात्रा 15 अगस्त 2047 तक आत्मनिर्भर और विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने से जुड़ी है।

देश में कोई व्यक्ति भूखा नहीं सोता

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन लोगों तक कभी आवास नहीं पहुंचा था, उनको आवास दिलाया गया। 12 करोड़ गरीबों के घरों में शौचालय बन गए। उज्जवला योजना के जरिए रसोई गैस भी उपलब्ध कराई गई। जो गरीब उपचार से कोसों दूर थे, उनको 5 लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा कवर उपलब्ध कराया गया। आज देश में कोई व्यक्ति भूखा नहीं सो सकता, क्योंकि प्रधानमंत्री गरीब अन्न योजना के माध्यम से मुफ्त में अनाज की सुविधा उपलब्ध हो रही है।

देश में अब नौकरी देने वाले नौवजवान

मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन सरकार में आईआईटी, आईआईएम, एम्स, ट्रिपल आईटी, एनआईटी की श्रृंखलाएं खड़ी हुई हैं। मेडिकल कॉलेज और इंजीनियरिंग संस्थान बन रहे हैं। देश में 2.5 लाख से ज्यादा स्टार्ट अप हो चुके हैं। अब हमारे नौजवान केवल नौकरी लेने वाले नहीं, बल्कि नौकरी देने वाले बन रहे हैं। 12 करोड़ किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के साथ जोड़ने का काम भी मोदी जी के नेतृत्व में संभव हो पाया है।

प्रदेशभर में होगा नाट्य श्रृंखला का मंचन

सीएम के संबोधन से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनसेवा के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में 17 सितंबर से चल रहे सेवा संकल्प अभियान के क्रम में संस्कृति विभाग के तहत भारतेंदु नाट्य अकादमी के कलाकारों ने प्रस्तुति दी। नाट्य प्रस्तुति में वर्ष 2001 के गुजरात भूकंप की तबाही से लेकर कच्छ के पुनर्निर्माण और पीएम नरेन्द्र मोदी की जनसेवा की यात्रा को मंच पर उतारा गया। मुख्यमंत्री ने प्रस्तुति की सराहना करते हुए इसे पूरे प्रदेश तक विस्तारित करने के निर्देश दिए।

सीएम योगी ने कहा कि पूर्वांचल में भोजपुरी, मध्य क्षेत्र में अवधी, ब्रज में ब्रज भाषा और बुंदेलखंड में बुंदेलखंडी शब्दों के साथ स्थानीय लोकगीत भी इस प्रस्तुति में जोड़े जाएं। मुख्यमंत्री ने बाल कलाकारों और भारतेंदु नाट्य अकादमी के दल की सराहना की और कार्यक्रम के बाद कलाकारों के साथ तस्वीर भी खिंचवाई। इस दौरान उन्होंने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को उनकी जयंती पर नमन करते हुए श्रद्धांजलि भी अर्पित की।

कार्यक्रम में ये रहे मौजूद

इस अवसर पर भाजपा अवध क्षेत्र के अध्यक्ष अवधेश द्विवेदी, लखनऊ महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी, लखनऊ जिलाध्यक्ष विजय मौर्य, विधान परिषद सदस्य मुकेश शर्मा, भाजपा के प्रदेश मंत्री अंकुर शर्मा व योगेंद्र पटेल, विधायक डॉ. नीरज बोरा, ओम प्रकाश श्रीवास्तव, पवन सिंह चौहान और प्रदेश सरकार के सलाहकार अवनीश अवस्थी समेत अन्य लोग मौजूद रहे।

‘ग्राम स्वराज कोई राजनीतिक नारा नहीं, आत्मनिर्भर यूपी का संकल्प है’ :सीएम योगी आदित्यनाथ

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 2 अक्टूबर को गांधी जयंती के अवसर पर ग्राम स्वराज को लेकर अपनी सरकार के कामकाज और गांवों में किए गए बदलावों का जिक्र करते हुए पिछली सरकारों की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा कि 2017 से पहले गांवों को विकास के बजाय सिर्फ वादे मिले और गांवों के नाम पर राजनीति होती रही। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार गांवों को विकास की अंतिम सीढ़ी नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश और नए भारत की पहली इकाई मानकर काम कर रही है।

‘2017 से पहले गांवों को विकास नहीं, सिर्फ वादे मिले’

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, “वर्ष 2017 से पहले गांवों को विकास नहीं, सिर्फ वादे मिले। गांवों के नाम पर राजनीति होती रही, लेकिन व्यवस्था में न पारदर्शिता थी, न जवाबदेही। आय और जाति प्रमाण-पत्र बनवाने के लिए तहसील, थाना और जिला मुख्यालयों के चक्कर काटने पड़ते थे।” उन्होंने आगे कहा, “जिन्होंने गांवों को सिर्फ अराजकता और जातिवाद की आग में झोंका, गांवों को केवल वोट बैंक समझा, उनकी राजनीति की वजह से गांव पीछे रह गए।”

‘गांवों को लेकर हमारी सोच अलग है’- सीएम योगी

सीएम योगी ने कहा कि उनकी सरकार की सोच गांवों को लेकर अलग है। उन्होंने कहा, “हमारी सरकार गांव को विकास की अंतिम सीढ़ी नहीं, नए भारत के आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश की पहली इकाई मानकर काम कर रही है।” मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले साढ़े नौ वर्षों में सरकार ने गांवों से जुड़ी व्यवस्थाओं में बदलाव किया है। उन्होंने कहा, “पिछले साढ़े नौ वर्षों में हमारी सरकार ने इस व्यवस्था को बदला है।”

57,600 ग्राम सचिवालयों में डिजिटल सुविधा

मुख्यमंत्री ने गांवों में डिजिटल सुविधाओं और पंचायत व्यवस्था का जिक्र करते हुए कहा, “57,600 ग्राम सचिवालयों में आज ई-ग्राम स्वराज, डिजिटल भुगतान, ऑनलाइन मॉनिटरिंग और ग्राम सचिवालयों के माध्यम से ग्राम वासियों को समस्त सुविधाएं गांव में मिल रही हैं। पंचायतों के कामकाज पारदर्शी और जवाबदेह हैं।” उन्होंने यह भी कहा कि ग्राम सचिवालयों के संचालन से गांवों में रोजगार के अवसर पैदा हुए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, “ग्राम सचिवालयों के संचालन से प्रत्येक गांव में 5 से 7 रोजगार के अवसर सृजित हुए हैं।”

11,350 ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी

सीएम योगी ने गांवों में शिक्षा और डिजिटल सुविधाओं का जिक्र करते हुए कहा कि 11,350 ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित की जा रही है। ग्राम स्वराज की अवधारणा को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा, “हमारे लिए ग्राम स्वराज कोई राजनीतिक नारा नहीं, महात्मा गांधी के सपनों के गांव और उसकी आत्मनिर्भरता का संकल्प है।”

उन्होंने अपनी पोस्ट के अंत में कहा, “सशक्त पंचायत, समृद्ध गांव और आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश- यही हमारा ग्राम स्वराज है। हमारे ग्राम स्वराज में परिवारवादी मॉडल की कोई जगह नहीं है।”

सोशल मीडिया पर विपक्ष के दुष्प्रचार का तथ्यों से जवाब दें : विनोद तावड़े

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