वाराणसी में बाढ़ का कहर: महापौर और नगर आयुक्त ने नाव से किया प्रभावित इलाकों का निरीक्षण
वाराणसी में गंगा और वरुणा नदी का जलस्तर बढ़ने से तटवर्ती इलाकों में बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई है। महापौर अशोक कुमार तिवारी और नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने मोटरबोट व नाव से प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। राहत शिविरों में भोजन, पेयजल, स्वास्थ्य, रोशनी और स्वच्छता की बेहतर व्यवस्था के निर्देश दिए गए। मच्छरों व जलजनित बीमारियों से बचाव के लिए एंटी-लार्वा छिड़काव, फॉगिंग और क्लोरीन टैबलेट वितरण पर जोर दिया गया।
वाराणसी : बनारस में गंगा और वरुणा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से तटवर्ती इलाकों में बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए महापौर अशोक कुमार तिवारी ने शुक्रवार को मोटरबोट ( स्टीमर ) बोट के जरिए बाढ़ प्रभावित तटवर्ती इलाकों का विस्तृत जायजा लिया।
महापौर व नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने नमो घाट से अपना निरीक्षण शुरू किया और कोनिया, दनियालपुर, हुकुलगंज होते हुए सरैया और पुरानापुल तक बाढ़ की स्थिति देखी। इसके बाद उन्होंने अंधरापुल स्थित बाढ़ राहत शिविर का औचक निरीक्षण कर वहां शरण लिए प्रभावित लोगों से सीधे बातचीत की और उनका हाल जाना।
निरीक्षण के दौरान महापौर ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि राहत शिविरों में रह रहे नागरिकों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने पीने के पानी, भोजन और स्वास्थ्य जैसी सभी मूलभूत सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराने को कहा। महापौर ने जोर देकर कहा कि आपदा की इस कठिन घड़ी में बेहतर प्रबंधन के साथ काम करें और हर संभव मदद पीड़ितों तक पहुंचाएं, ताकि प्राकृतिक आपदा के प्रभाव को कम कर लोगों को तुरंत राहत दी जा सके।
महापौर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मंशा के अनुरूप, काशी के प्रत्येक नागरिक की सुरक्षा और कल्याण के लिए नगर निगम एवं प्रशासन पूरी तत्परता के साथ कार्य कर रहा है।प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में हमारी पहली प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि इस आपदा की स्थिति में किसी भी परिवार को परेशानी का सामना न करना पड़े। निरीक्षण के दौरान स्थानीय पार्षद मदन मोहन दुबे, अशोक मौर्या, जोनल अधिकारी पवन कुमार समेत नगर निगम के अन्य अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।
नगर आयुक्त ने सलारपुर के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का नौका से लिया जायजा, दिए निर्देश
गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर के कारण वरुणा नदी भी उफान पर है। बाढ़ की स्थिति को देखते हुए शुक्रवार को नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने सलारपुर वार्ड के बाढ़ प्रभावित इलाकों का नौका (नाव) के जरिए निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने रसूलगढ़, सलारपुर, कोनिया, सरैयां, पुलकोहना और खालिसपुर क्षेत्रों का जायजा लिया और मौके पर मौजूद अधिकारियों को राहत कार्य व सफाई व्यवस्था को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
इस दौरान नगर आयुक्त ने वरुणा नदी के किनारे उत्पन्न होने वाली गंदगी की तत्काल सफाई कराने का निर्देश दिया, ताकि कचरा बहकर नदी में न जाए। मच्छरों के प्रकोप और बीमारियों को फैलने से रोकने के लिए तटीय इलाकों में कीटनाशक दवाएं, एंटी-लार्वा का छिड़काव और नियमित फॉगिंग कराने के सख्त आदेश दिए गए। दूषित जल के सेवन से फैलने वाली बीमारियों से बचाव के लिए प्रभावित क्षेत्रों के निवासियों को क्लोरीन टैबलेट बांटने और उनके प्रयोग की विधि समझाने के निर्देश दिए गए।
इसके साथ ही, सलारपुर स्थित बाढ़ राहत शिविर (शेल्टर होम) में पर्याप्त रोशनी, शौचालय और समय-समय पर सफाई की उत्कृष्ट व्यवस्था बनाए रखने को कहा गया, ताकि शरण लेने वाले लोगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। निरीक्षण के दौरान स्थानीय पार्षद हनुमान प्रसाद, सारनाथ के जोनल अधिकारी इंद्र विजय यादव, सफाई निरीक्षक, सिविल व जलकल विभाग के अवर अभियंता समेत नगर निगम के कई अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
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