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फिक्की ने दिग्गज उद्योगपति रतन टाटा के निधन पर जताया शोक

रतना टाटा के निधन पर फिल्मी सितारों ने दी श्रद्धांजलि

नयी दिल्ली : भारतीय वाणिज्य एवं उद्योग महासंघ (फिक्की) ने उद्योग जगत के दिग्गज नेता रतन टाटा के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए गुरुवार को कहा कि टाटा समूह के मानद चेयरमैन अपने पीछे एक ऐसी विरासत छोड़ गए हैं जिसने भारतीय व्यापार और परोपकार के परिदृश्य को अमिट आकार प्रदान किया है।उद्योग मंडल ने कहा कि “टाटा संस के मानद चेयरमैन श्री रतन टाटा एक उत्कृष्ट परोपकारी व्यक्ति थे। अपने नेतृत्व में उन्होंने यह सुनिश्चित किया कि संसाधनों को शिक्षा, स्वास्थ्य देखभाल और ग्रामीण विकास जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में लगाया जाए, जिससे पूरे भारत में लाखों लोगों की जिंदगी खुशहाल हो। बाद के वर्षों में स्टार्टअप्स में उनके व्यक्तिगत निवेश और युवा उद्यमियों को सलाह देने से देश में नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने की उनकी प्रतिबद्धता प्रदर्शित हुई।

”फिक्की ने एक मीडिया विज्ञप्ति में कहा कि भारतीय उद्योग जगत में रतन टाटा का योगदान उद्यमिता, स्टार्ट-अप और कॉर्पोरेट सामाजिक जिम्मेदारी में विशेष योगदान माना जाता है।इसमें कहा गया कि “2014 में यूनाइटेड किंगडम से मानद नाइटहुड (जीबीई) की उपाधि प्राप्त करना उनके वैश्विक कद को दर्शाता है। उनका रणनीतिक कौशल नैतिक व्यावसायिक प्रथाओं के प्रति उनके समर्पण से मेल खाता था।”फिक्की ने कहा कि 1991 से 2012 तक टाटा समूह के शीर्ष पर उनके कार्यकाल में टाटा कंपनी बड़े पैमाने पर घरेलू इकाई से वैश्विक पावरहाउस में परिवर्तन हुई, जिसने वैश्विक मंच पर भारतीय व्यवसायों के लिए नए मानक स्थापित किए।

फिक्की के अध्यक्ष डॉ. अनीश शाह ने कहा, “फिक्की श्री रतन टाटा को न केवल एक सफल व्यवसायी के रूप में, बल्कि एक आदर्श के रूप में याद करता है, जिन्होंने ईमानदारी, विनम्रता और सामाजिक जिम्मेदारी के मूल्यों को अपनाया। नैतिक पूंजीवाद के उनके दृष्टिकोण और समाज को लाभ पहुंचाने के लिए व्यवसाय को एक शक्ति के रूप में उपयोग करने के उनके प्रयासों ने उद्यमियों और कॉर्पोरेट नेताओं की पीढ़ियों को प्रेरित किया है।”

वित्त मंत्री ने रतन टाटा के निधन पर शोक व्यक्त किया, उन्हें उत्कृष्ट नेता कहा

उद्योग जगत के दिग्गज नेता रतन टाटा को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए, केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने उद्योग और समाज में उनके योगदान की सराहना की। रतन टाटा का निधन 86 वर्ष की आयु में बुधवार रात मुंबई के एक अस्पताल में हो गया।सीतारमण ने एक्स पर अपने शोक संदेश में कहा, “उत्कृष्ट नेता, दूरदर्शी उद्योगपति और परोपकारी व्यक्तित्व श्री रतन टाटा के निधन से दुखी हूं, जिनके योगदान ने हमारे समाज पर एक अमिट छाप छोड़ी है।”वित्त मंत्री ने कहा कि नवाचार, नैतिक व्यावसायिक प्रथाओं और सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति टाटा के गहरे संकल्प ने उद्योग जगत को बदल दिया और समुदायों का उत्थान किया।उन्होंने कहा, “श्री टाटा के परिवार, दोस्तों और उन सभी लोगों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं, जिनके जीवन को उन्होंने प्रभावित किया। उनकी उल्लेखनीय विरासत आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी।

“रतन टाटा ने 1991 में 100 अरब डॉलर के नमक-से-सॉफ्टवेयर समूह के अध्यक्ष के रूप में पदभार संभाला और समूह के विभिन्न व्यवसायों को सफलतापूर्वक बढ़ाया। वह 28 दिसंबर, 2012 को अपनी सेवानिवृत्ति तक इस पद पर रहे। उसके बाद, रतन टाटा को टाटा संस, टाटा इंडस्ट्रीज, टाटा मोटर्स, टाटा स्टील और टाटा केमिकल्स के मानद अध्यक्ष की उपाधि से सम्मानित किया गया।उन्हें शीर्ष उद्योगपतियों, राजनीतिक नेताओं और प्रतिष्ठित हस्तियों की ओर से श्रद्धांजलि अर्पित की जा रही है।प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने शोक संदेश में कहा कि टाटा एक दूरदर्शी व्यापार नेता, दयालु आत्मा और एक असाधारण इंसान थे।

मोदी ने कहा “उन्होंने भारत के सबसे पुराने और सबसे प्रतिष्ठित व्यापारिक घरानों में से एक को स्थिर नेतृत्व प्रदान किया। साथ ही, उनका योगदान बोर्डरूम से बहुत आगे निकल गया। विनम्रता, दयालुता और हमारे समाज को बेहतर बनाने की अटूट प्रतिबद्धता के कारण वह कई लोगों के चहेते बन गए।”लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने कहा कि रतन टाटा एक दूरदृष्टि वाले व्यक्ति थे। उन्होंने कहा कि दिवंगत उद्योगपति ने व्यापार और परोपकार दोनों पर एक अमिट छाप छोड़ी है।

यह भारत और भारतीय उद्योग जगत के लिए बहुत दुखद दिन है : मुकेश अंबानी

असल में रिलायंस के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक मुकेश अंबानी ने रतन टाटा को भारत के सबसे प्रतिष्ठित और परोपकारी बेटों में से एक बताया। उन्होंने अपने शोक संदेश में कहा, ‘यह भारत और भारतीय उद्योग जगत के लिए बहुत दुखद दिन है। रतन टाटा का निधन न केवल टाटा समूह के लिए बल्कि प्रत्येक भारतीय के लिए बड़ी क्षति है। व्यक्तिगत स्तर पर रतन टाटा के निधन से मुझे बहुत दुख हुआ है क्योंकि मैंने एक प्रिय मित्र खो दिया है।’

टाटा को भारत को बेहतर बनाने की गहरी चिंता थी: सुंदर पिचाई

गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा, ‘रतन टाटा के साथ गूगल में मेरी आखिरी मुलाकात हुई थी। यहां हमने वेमो की प्रगति के बारे में बात की और उनका विजन सुनना प्रेरणादायक था। वे एक असाधारण व्यवसाय और परोपकारी विरासत छोड़ गए हैं और भारत में आधुनिक व्यावसायिक नेतृत्व को मार्गदर्शन और विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्हें भारत को बेहतर बनाने की गहरी चिंता थी। उनके प्रियजनों के प्रति गहरी संवेदना और श्री रतन टाटा जी को शांति मिले।’

टाटा सिर्फ एक कारोबारी नेता नहीं थे : अदाणी

वहीं अरबपति गौतम अदाणी ने कहा, ‘भारत ने एक दिग्गज, एक दूरदर्शी व्यक्ति को खो दिया, जिन्होंने आधुनिक भारत के मार्ग को फिर से परिभाषित किया। रतन टाटा सिर्फ एक कारोबारी नेता नहीं थे, उन्होंने ईमानदारी, करुणा और व्यापक भलाई के लिए एक अटूट प्रतिबद्धता के साथ भारत की भावना को मूर्त रूप दिया। उनके जैसे दिग्गज अमर रहते हैं।ओम शांति।’

आपको भुलाया नहीं जाएगा: आनंद महिंद्रा

उद्योग जगत के एक अन्य दिग्गज आनंद महिंद्रा ने भी टाटा के निधन पर शोक प्रकट किया। उन्होंने कहा कि आज भारत की अर्थव्यवस्था ऐतिहासिक छलांग लगाने के कगार पर खड़ी है। इस स्थिति में आने में रतन का बहुत बड़ा योगदान है। उन्होंने आगे कहा, ‘मुझे रतन टाटा की अनुपस्थिति स्वीकार करने में कठिनाई हो रही है। भारत की अर्थव्यवस्था ऐतिहासिक प्रगति के कगार पर खड़ी है और इस मुकाम तक पहुंचने में रतन टाटा के जीवन और कार्यों का बहुत बड़ा योगदान है। इस समय, उनका मार्गदर्शन और परामर्श अमूल्य होता। लेकिन उनके जाने के बाद, अब हमारा कर्तव्य है कि हम उनके आदर्शों का अनुसरण करें। क्योंकि वे ऐसे व्यवसायी थे जिनके लिए वित्तीय समृद्धि और सफलता का सबसे बड़ा उपयोग वैश्विक समुदाय की सेवा में होता था। अलविदा।आपको भुलाया नहीं जाएगा, क्योंकि लेजेंड्स अमर होते हैं।’

घड़ी की सुई थम गई: गोयनका

आरपीजी ग्रुप के चेयरमैन हर्ष गोयनका ने एक्स पर कहा, ‘घड़ी की सुई थम गई है। टाइटन अब नहीं रहे। रतन टाटा नैतिक नेतृत्व, ईमानदारी और परोपकार का एक प्रतीक थे, जिन्होंने व्यापार जगत और उससे परे अपनी अमिट छाप छोड़ी है। वे हमारी यादों में हमेशा रहेंगे। श्रद्धांजलि।’

व्यापार जगत के सबसे बड़े प्रतीक थे टाटा: मजूमदार

बायोकॉन लिमिटेड की एग्जीक्यूटिव चेयरपर्सन किरण मजूमदार शॉ ने कहा, ‘यह सबसे दुखद समाचार है। वह व्यापार जगत के सबसे बड़े प्रतीक थे। मुझे उनका साथ पाने का सौभाग्य प्राप्त हुआ था। कितने महान व्यक्ति और अद्भुत सोच के धनी थे। ओम शांति।’

रतना टाटा के निधन पर फिल्मी सितारों ने दी श्रद्धांजलि

प्रसिद्ध उद्योगपति एवं टाटा संस के मानद अध्यक्ष पद्म विभूषण रतन एन टाटा के निधन पर फिल्मी सितारों ने उन्हें श्रंदाजलि दी है।भारत मे दिग्‍गज उद्योगपति रतन टाटा का बुधवार की रात निधन हो गया। रतन टाटा के निधन की खबर आने के बाद से देश में शोक की लहर है। सोशल मीडिया पर लोग रतन टाटा को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं। बॉलीवुड और दक्षिण भारतीय फिल्मों के सितारों ने रतन टाटा के निधन पर शोक व्यक्त करते हुये उन्हें श्रद्धांजलि दी है।संजय दत्त ने एक्स पर पोस्ट कर रतन टाटा के निधन पर दुख जताया।उन्होंने लिखा, भारत ने आज एक सच्चा दूरदर्शी खो दिया है. वह सत्यनिष्ठा और करुणा के प्रतीक थे जिनका योगदान बिजनेस से परे था, जिसने अनगिनत जिंदगियों को प्रभावित किया।उनकी आत्मा को शांति मिले।

सलमान खान ने अपने एक्स अकाउंट पर पोस्ट कर रतन टाटा को नम आखों से श्रद्धांजलि दी है। सलमान खान ने अपनी पोस्ट में लिखा है, मिस्टर रतन टाटा के निधन पर गहरा दुख हुआ।प्रियंका चोपड़ा ने लिखा,अपनी दयालुता से आपने लाखों लोगों के जीवन को छुआ। आपके नेतृत्व और उदारता की विरासत पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी। आपने हमारे देश के लिए जो कुछ भी किया उसके प्रति आपके जुनून और समर्पण के लिए धन्यवाद। आप हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत रहे हैं और आपकी बहुत याद आएगी सर।अजय देवगन ने एक्स पर लिखा, दुनिया एक दूरदर्शी के निधन पर शोक मनाती है। रतन टाटा की विरासत पीढ़ियों को हमेशा प्रेरित करती रहेगी. भारत और उससे परे उनका योगदान अतुलनीय है। हम अत्यंत आभारी हैं। आपकी आत्मा को शांति मिले सर।

अक्षय कुमार ने एक्स अकाउंट पर लिखा, दुनिया उस व्यक्ति को अलविदा कह रही है जिसने सिर्फ एक साम्राज्य से कहीं ज्यादा का निर्माण किया. श्री रतन टाटा के निधन के बारे में सुनकर दिल टूट गया. दयालुता, नवीनता और नेतृत्व की उनकी विरासत पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी. रेस्ट इन पीस, एक सच्चे लीजेंड. ॐ शांति।सुष्मिता सेन अपनी इंस्टाग्राम पोस्ट को शेयर करते हुए लिखा है कि क्या शानदार इंसान थे. आर आई पी सर।करण जौहर ने लिखा,भगवान आपकी आत्मा को शांति दे मिस्टर रतन टाटा, पूरी दुनिया आपका विजन और आपकी विरासत को आप मिस करेगी।रोहित शेट्टी ने प्रणाम इमोजी के साथ लिखा है कि रियल हीरो, भगवान आपकी आत्मा को शांति दे।

श्रद्धा कपूर ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर एक पोस्ट शेयर किया और लिखा, सर रतन टाटा ने हमें दिखाया कि सच्ची सफलता उन जिंदगियों से मापी जाती है, जिन्हें हम छूते हैं।उनकी प्रेरणा और हमें दयालुता के साथ नेतृत्व करना सिखाने के लिए आभारी हूं। सच्ची विरासतें उन पर बनती हैं, जो हम पीछे छोड़ते हैं… हर चीज के लिए धन्यवाद, सर।अनुष्का शर्मा ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरीज पर दिवंगत रतन टाटा की एक तस्वीर साझा की और लिखा, श्री रतन टाटा की दुखद खबर से बहुत दुखी हूं. उन्होंने अपने हर काम के माध्यम से अखंडता और गरिमा के मूल्यों को बरकरार रखा और वास्तव में भारत के एक प्रतीक और ताज थे। आरआईपी सर, आपने कई जिंदगियों को प्रभावित किया है।

रतन टाटा की करीबी दोस्त रहीं सिमी ग्रेवाल ने लिखा, ‘वो कहते हैं कि तुम चले गए। तुम्हारा नुकसान सहन करना बहुत मुश्किल है…बहुत ही मुश्किल। अलविदा मेरे दोस्त।’तारा सुतारिया ने लिखा, रतन टाटा के निधन की खबर सुनकर बेहद दुखी हूं। ग्रेट लीडर और सबका दिल जीतने वाले ह्यूमन बींग को अलविदा। रितेश देशमुख एक्स अकाउंट पर पोस्ट शेयर कर लिखा है, असा माणूस पुन्हा होणे नाही. यह जानकर बहुत दुख हुआ कि मिस्टर रतन टाटा जी अब नहीं रहे. परिवार और प्रियजनों के प्रति संवेदनाएं. रेस्ट इन ग्लोरी सर।बोमन इरानी ने लिखा, उद्योग से लेकर, परोपकार, शान-शौकत, मानवता और जानवरों के लिए उनका प्रेम। उन्होंने देश में बड़ा योगदान दिया है। उनके जाने के बाद भी वह सबके लिए इंडिया के हमेशा सर्वश्रेष्ठ नागरिक रहेंगे। वह हमेशा हमारी यादों में रहेंगे।

एस एस राजामौली ने लिखा, ‘महापुरुष जन्म लेते हैं और हमेशा जीवित रहते हैं। टाटा उत्पाद का उपयोग किए बिना एक दिन की कल्पना करना कठिन है… रतन टाटा की विरासत रोजमर्रा की जिंदगी में समाहित है। अगर कोई पंचभूतों के साथ समय की कसौटी पर खरा उतर सकता है, तो आप हैं। भारत के लिए आपने जो कुछ भी किया है और अनगिनत लोगों के जीवन को प्रभावित किया है। उसके लिए आपका धन्यवाद सर। आपने एक ऐसी छाप छोड़ी है जो पीढ़ियों तक याद रहेगी। आपको सलाम… आपका प्रशंसक… जय हिंद।’वरुण धवन ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर रतन टाटा की एक पुरानी तस्वीर शेयर की और लिखा, ‘आईआइपी, रतन टाटा सर।

‘रणदीप हुड्डा ने लिखा, ‘भारत का सबसे मूल्यवान व्यक्ति जिनके मूल्यों के लिए उन्हें हमेशा याद किया जाएगा। आपकी ईमानदारी और विनम्रता से कई लोगों प्रेरणा मिली है। कभी दिखावा नहीं किया, लेकिन हमेशा स्टार रह #रतन टाटा जी ने जो जीवन जिया, वह हमेशा प्रेरणादायी रहेगा।’राणा दग्गुबाती ने सोशल मीडिया पर टाटा को एक ऐसे नेता के रूप में याद किया, जिन्होंने देश पर अमिट छाप छोड़ी। उन्होंने पोस्ट किया, ‘नेतृत्व, परोपकार और नैतिकता के प्रतीक!! उनकी विरासत पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी। भारत ने आज एक दिग्गज को खो दिया है। #आरआईपीरतनटाटाटा।

कमल हासन एक्स पर रतन टाटा के योगदान पर प्रकाश डालते हुए एक नोट शेयर है, जिसमें उन्होंने लिखा है, ‘रतन टाटा जी मेरे निजी हीरो थे, जिनके जैसा बनने की मैंने पूरी जिंदगी कोशिश की है। एक राष्ट्रीय खजाना जिसका राष्ट्र निर्माण में योगदान आधुनिक भारत की कहानी में हमेशा के लिए अंकित रहेगा. उनकी असली समृद्धि भौतिक संपदा में नहीं बल्कि उनकी नैतिकता, ईमानदारी, विनम्रता और देशभक्ति में निहित थी।चिरंजीवी ने एक्स पर रतन टाटा की थ्रोबैक तस्वीर पोस्ट की और लिखा है, यह सभी भारतीयों के लिए दुखद दिन है. पीढ़ियों से एक भी भारतीय ऐसा नहीं है, जिसका जीवन किसी न किसी तरह से उनकी सेवाओं से प्रभावित न हुआ हो।

जूनियर एनटीआर ने एक्स पर लिखा है, ‘उद्योग जगत के दिग्गज, सोने का दिल। रतन टाटा जी के निस्वार्थ परोपकार और दूरदर्शी नेतृत्व ने अनगिनत लोगों के जीवन को बदल दिया है। भारत उनका ऋणी है। भगवान उनकी आत्मा को शांति दें।नयनतारा ने एक्स पर रतन टाटा के गोल्डन वर्ल्ड के साथ एक टेस्ट फोटो पोस्ट किया है।इस पोस्ट के कैप्शन में लिखा है, ‘हम में से कई लोगों के लिए एक प्रेरणा।आप बहुत याद आएंगे सर’।थलपति विजय ने अपने एक्स पोस्ट में लिखा है, ‘रतन टाटा जी के निधन के बारे में सुनकर बहुत दुख हुआ। एक दूरदर्शी नेता, एक दयालु आत्मा और भारतीय उद्योग के एक सच्चे प्रतीक, उनकी विरासत हमें हमेशा प्रेरित करेगी। समुदायों के उत्थान और एक बेहतर भारत के निर्माण के लिए उनका समर्पण बेजोड़ है. शांति से आराम करें, सर. आपकी दयालुता और बुद्धिमत्ता की बहुत याद आएगी।

रतन टाटा ने अमिताभ बच्चन के लिए बनाई थी इकलौती फिल्म

टाटा समूह के चेयरमैन रतन टाटा की मौत ने पूरे देश को गम में डुबो दिया है। रतन टाटा की शख्सियत एक बिजनेसमैन से परे रही। बड़े दिल वाले रतन टाना एक विजन के साथ जिए और उन्होंने अपनी लाइफ को एक मिशन में तब्दील किया। देश के हर घर में रतन टाटा, टाटा ग्रुप के जरिए किसी न किसी तरह समाए हुए हैं। रतन टाटा ने हर फील्ड को एक्सप्लोर किया। देश के सबसे बड़े कॉन्गलोमरेट के चेयरमैन ने अलग-अलग फील्ड्स में अलग-अलग पैमाने तय किए और सफलता भी हाथ लगी। अगर वो किसी क्षेत्र को अपना नहीं बना सके तो वो सिर्फ फिल्म इंडस्ट्री है। जी हां, उन्होंने इस क्षेत्र में भी हाथ आजमाया था, लेकिन खासा सफलता उनके हाथ नहीं लगी। अगर आप सोच रहे हैं कि रतन टाना एक्टर बने या फिल्म की कहानी का लेखन किया तो ऐसा नहीं है, उन्होंने फिल्म बनाने के लिए पैसे लगाए, यानी उनकी भूमिका एक प्रोड्यूसर की रही।

रतन टाटा ने बतौर प्रोड्यूसर फिल्मों में कदम जमाने की कोशिश लेकिन उनकी पहली कोशिश नाकाम साबित हुई। इसके बाद ही उन्होंने फिल्मों से तौबा कर लिया और इसे टेढ़ी खीर भी माने। रतन टाटा की बनाई इकलौती फिल्म ‘ऐतबार’ है, जो 2004 में सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी। इस फिल्म को रतन टाटा ने जितिन कुमार, खुशबू भधा और मंदीप सिंह के साथ मिलकर प्रोड्यूस किया था। फिल्म का निर्देशन विक्रम भट्ट ने किया और इसमें अमिताभ बच्चन, जॉन अब्राहम, बिपाशा बसु, सुप्रिया पिलगांवकर, अली असगर, टॉम आल्टर और दीपक शिरके जैसे कलाकारों ने महत्वपूर्ण रोल अदा किए थे। फिल्म के म्यूजिक पर काम राजेश रोशन ने किया था।

क्या थी ‘ऐतबार’ की कहानी

‘ऐतबार’ 1996 में रिलीज हुई अमेरिकी फिल्म ‘फियर’ का रूपांत्रण थी। ‘फियर’ पर पहले भी एक हिंदी रूपांतरण बन चुका था, जिसका नाम ‘इंतेहा’ है। खास बात ये है कि इस फिल्म को भी विक्रम भट्ट ने ही डायरेक्ट किया था। ये फिल्म सिर्फ तीन महीने पहले ही अक्टूबर 2003 में रिलीज हुई थी। ऐतबार’ की कहानी एक बाप डॉ. रणवीर मल्होत्रा (अमिताभ बच्चन) की है, जो अपने बेटे रोहित को खोने के बाद बेटी रिया (बिपाशा बसु) को लेकर बेहद प्रोटेक्टिव है। वो अपनी बेटी को पजेसिव और अनप्रेडिक्टेबल लड़के आर्यन (जॉन अब्राहम) के साथ संबंध रखने से रोकने की कोशिश में लगा है, लेकिन बेटी उसे नजरअंदाज करते हुए उससे मिलना-जुलना जारी रखती है।

फ्लॉप हुई थी फिल्म

23 जनवरी 2004 को रिलीज हुई इस फिल्म ‘ऐतबार’ के बॉक्स ऑफिस वर्डिक्ट की बात करें तो यह फिल्म फ्लॉप रही थी। फिल्म ने लागत के पैसे भी नहीं वसूल किए। 9.30 करोड़ रुपये में बनीं इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर 7.96 करोड़ का ही कलेक्शन किया था। यह फिल्म कमर्शियली फेलियर साबित हुई और यही वजह बनी कि रतन टाटा फिर कभी किसी फिल्म में पैसा नहीं लगाए।(वार्ता) (वीएनएस)।

प्रसद्धि उद्योगपति रतन टाटा का 86 वर्ष की आयु में निधन

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