
नई दिल्ली । भारत में पिछले वर्ष अत्यधिक गर्मी से अनाज की पैदावार कम हो गई और उत्तराखंड में कई जंगलों में आग लग गई। जून में उत्तर पूर्व में बाढ़ की खबर आई। विश्व मौसम विज्ञान संगठन (डब्ल्यूएमओ) की ओर से शुक्रवार को जारी एक रिपोर्ट के अनुसार, देश में बाढ़ और भूस्खलन से करीब 700 लोगों की मौत हो गई, वहीं 900 अन्य लोग आसमानी बिजली गिरने से मारे गए। बाढ़ के कारण असम में 6.63 लाख लोग विस्थापित हो गए।
‘स्टेट ऑफ द ग्लोबल क्लाइमेट 2022’ रिपोर्ट के अनुसार, यूक्रेन में संघर्ष की शुरुआत के बाद भारत में गेहूं और चावल के निर्यात पर पाबंदियां लगीं। इससे अनाज की कमी से प्रभावित देशों के लिए भारी जोखिम पैदा हो गया। जलवायु परिवर्तन के सबसे बुरे प्रभावों से बचने के लिए वैश्विक तापमान वृद्धि को 1.5 डिग्री सेल्सियस की सीमा से नीचे रखना जरूरी है। डब्ल्यूएमओ ने कहा कि 2022 में मानसून से पहले की अवधि में भारत और पाकिस्तान में अत्यधिक गर्मी थी।(वीएनएस)



