Health

अखिलेश के कार्यकाल में सपाइयों की “अराजकता” ही कानून था : गिरीश चंद यादव

सपाई नेता सत्ता में हो या सत्ता के बाहर गुंडई और अराजकता भरा व्यवहार करते हैं : अखिलेश सरकार में गुंडई और अराजकता का था बोलबाला : गिरीश चंद यादव

लखनऊ  : प्रदेश के आवास एवं शहरी नियोजन राज्यमंत्री गिरीश चंद्र यादव ने समाजवादी पार्टी (सपा) मुखिया अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। राज्यमंत्री ने कहा है, सपा के नेता और कार्यकर्ता सत्ता में हो या सत्ता के बाहर ये लोग गुंडई और अराजकता भरा व्यवहार करते हैं। चंदौली में बीते दिनों डीएसपी के साथ जो व्यवहार किया यह उसका सबूत है। सपा राज में इतनी अराजकता फ़ैल गई थी, जिसके चलते लोगों ने “जिस गाडी में सपा का झंडा, उसमें कोई जाना पहचाना गुंडा” का नारा ही तब दे दिया था। ऐसे आचरण और कानून-व्यवस्था की धज्जियां उड़ाने वाले सपा नेता जब राज्य में कानून व्यवस्था को बेहतर करने की बात करें तो इससे बड़ा मजाक कोई और हो ही नहीं सकता।

राज्यमंत्री गिरीश चंद्र यादव ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा प्रदेश की जनता ने देखा है कि कैसे सपा ने अपने हर कार्यकाल में कानून-व्यवस्था की नई परिभाषा रची थी। पहली बार जब सपा ने बसपा के साथ गठबंधन कर सरकार बनायी तो सपा नेताओं ने लखनऊ के स्टेट गेस्ट हाउस में घुस कर मायावती सबक सिखाने का प्रयास किया था। इसके बाद वर्ष 2003 में मुलायम सिंह यादव के शरणग्रहण समारोह में सपा नेताओं ने जमकर तांडव किया था। फिर अखिलेश यादव के शपथ ग्रहण समारोह के समापन के तत्काल बाद सपाइयों ने पूरे मंच को ही तहस-नहस कर दिया था। इसके बाद अखिलेश सरकार के पूरे पांच साल के कार्यकाल में सपाइयों की “अराजकता” ही कानून था। कानून-व्यवस्था की खुलेआम धज्जियां उड़ाने वाले गरीबों की संपत्ति लूटकर अपनी हवेलियां खड़ी करने वाले अतीक अहमद और मुख्तार अहमद जैसे दुर्दांत माफिया ही उनके समय मे सबसे बड़े कानून रखवाले हुआ करते थे।

राज्यमंत्री कहते हैं कि अब जब अवैध तरीके से बनाई गई माफियाओं की हवेलियों को योगी आदित्यनाथ की सरकार में बुलडोजर से जमींदोज करवाया जा रहा है। इनकी अरबों की चल-अचल संपत्तियां जब्त/कुर्क की जा रही हैं तो इनको खाद-पानी देने वालों के दिल में दर्द हो रहा है। यहीं नहीं अखिलेश सरकार में माफियाओं पर कार्यवाई करने की बजाय उन अफसरों को ही सजा देती थी जो माफियाओं पर करवाई करते थे। आईएएस अधिकारी दुर्गा नागपाल इसका उदाहरण हैं। हद तो तब हो गई जब अपने मिठास के लिए देश-दुनिया में मशहूर मुजफ्फरनगर सरकार प्रायोजित दंगों की आग जल रहा था तो नीरो की तरह अखिलेश सैफई के जश्न में मशगूल थे। यह सपा के राष्ट्रघाती तुष्टीकरण के सबसे बड़े उदाहरणों में से एक है। तुष्टिकरण की राष्ट्रघाती राजनीति के लिए अखिलेश की सपा सरकार तो निर्दोषों का खून बहाने वाले आतंकियों तक की आका बन गई। वाराणसी में आतंकियों ने बम धमाके के आरोपी वलीउल्लाह और शमीम के मुकदमे वापस लेने के लिए आपकी सरकार ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। ऐसे समाजवादी अखिलेश यादव प्रदेश का कोई भला नहीं कर सकते। यूपी की जनता यह जान चुकी है, इसलिए अब अखिलेश यादव के झांसे में वह नहीं फसेगी।

BABA GANINATH BHAKT MANDAL  BABA GANINATH BHAKT MANDAL

Related Articles

Back to top button