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डॉक्टर आनंद बोस पश्चिम बंगाल के नए राज्यपाल

कोलकाता । राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने पूर्व आईएएस अधिकारी सीवी आनंद बोस को पश्चिम बंगाल के नए राज्यपाल के तौर पर नियुक्त किया है। गुरुवार देर शाम राष्ट्रपति भवन से जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि भारत के राष्ट्रपति डॉ सी वी आनंद बोस को पश्चिम बंगाल के नियमित राज्यपाल के रूप में नियुक्त करके प्रसन्न हैं।

इसके पहले बोस मेघालय सरकार के सलाहकार रहे हैं। इतना ही नहीं वह उन अधिकारियों में से हैं जिन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकास के सपने को साकार किया है। उनकी दक्षता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि वह उस वर्किंग समिति के चेयरमैन थे जिसने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार के लिए विकास एजेंडा तैयार किया था। यहां तक कि अफॉर्डेबल हाउसिंग का कांसेप्ट भी सीवी आनंद बोस ने ही तैयार किया था जिसे केंद्र की सरकार ने अपनाया है।

दो जनवरी 1951 को केरल के कोट्टायम में जन्मे बोस को शहरी क्षेत्रों में हरियाली प्रबंधन के क्षेत्र में शानदार काम के लिए यूनाइटेड नेशंस ग्लोबल बेस्ट प्रैक्टिस सिंगापुर गवर्नमेंट अवार्ड भी मिल चुका है। इसके पहले भारत सरकार के सचिव और मुख्य सचिव के पद पर भी वह रह चुके हैं।

जिलाधिकारी से करियर की शुरुआत करने वाले बोस कमाल के लेखक और आलोचक भी हैं। उनकी दक्षता की वजह से ही भारत सरकार ने उन्हें यूरोपियन काउंसिल फॉर न्यूक्लियर रिसर्च में भारत का प्रतिनिधित्व करने जेनेवा भेजा था। इसके अलावा फ्रांस में आयोजित हुए इंटरनेशनल फ्यूजन एनर्जी ऑर्गेनाइजेशन में भी उन्होंने भारत का प्रतिनिधित्व किया है। एटॉमिक एनर्जी एजुकेशन सोसायटी के वह चेयरमैन भी रह चुके हैं। इसके अलावा वह भारत के मशहूर श्री पद्मस्वामी मंदिर ट्रेजरस के लिए गठित सुप्रीम कोर्ट की समिति के अध्यक्ष भी थे।

कलमवीर भी हैं नए राज्यपाल

सीवी आनंद बोस को पहले जवाहरलाल नेहरू फैलोशिप मिला है। इसके अलावा वह मंसूरी में लाल बहादुर शास्त्री नेशनल एकेडमी ऑफ एडमिनिस्ट्रेशन के पहले फेलो भी रहे। यहां टॉप सिविल सर्विस ऑफिसर्स को ट्रेनिंग दी जाती है। इसके साथ ही वह कमाल के लेखक हैं। उन्होंने उपन्यास, लघुकथाएं, कविताएं और निबंध सहित अंग्रेजी, मलयालम और हिंदी में 40 पुस्तकें प्रकाशित की है। अब पश्चिम बंगाल के नए राज्यपाल के तौर पर उनकी नियुक्ति हुई है।

राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी विज्ञप्ति में बताया गया है कि उनके पदभार संभालने के साथ ही उनकी नियुक्ति होगी। पश्चिम बंगाल एक ऐसा राज्य रहा है जहां अमूमन सरकार और राजभवन के बीच टकराव होता रहा है। निवर्तमान राज्यपाल और भारत के वर्तमान उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के साथ ममता सरकार का टकराव जगजाहिर था। उसके बाद मेघालय के राज्यपाल ला गणेशन गत जुलाई महीने से कार्यकारी राज्यपाल का प्रभार संभाल रहे थे। अब सी वी बोस नियमित राज्यपाल के तौर पर नियुक्त हुए हैं।(हि.स.)

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