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किसान अर्थव्यवस्था की रीढ़ है: धनखड़

नयी दिल्ली : उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने किसानों से कृषि उत्पादों के बाजार से जुड़ने का आह्वान करते हुए शुक्रवार को कहा कि कृषक समाज देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है।श्री धनखड़ ने आज उनसे मिलने के लिए आए हरियाणा के किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि जब किसान हंसता है तो पूरा देश हंसता है‌ और सभी वर्गों में खुशहाली आती है।उन्होंने कहा कि किसानों को कृषि उत्पादों के व्यापार में आगे आना चाहिए।कृषि उत्पादों का व्यापार दुनिया में बहुत बड़ा है।

उपराष्ट्रपति ने किसानों से मूल्य संवर्धन और किसान उत्पादक संगठन के गठन पर जोर देने को कहा।‌ उन्होंने हरियाणा सरकार से पुरस्कृत प्रगतिशील किसानों को संसद भवन में बुलाकर सम्मानित किया‌ और संसद में किसानों के साथ किया दोपहर का भोजन भी किया।श्री धनखड़ आठ अक्टूबर को हरियाणा के हिसार में एकदिवसीय यात्रा पर गये थे, जहां उन्होंने चौधरी चरण सिंह कृषि विश्वविद्यालय में कृषि विकास मेले के उद्घाटन किया था। इस समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने किसानों को नया संसद भवन देखने के लिए आमंत्रित किया था।

उपराष्ट्रपति ने सभी किसानों से बातचीत की और उनको प्रमाण पत्र एवं शॉल भेंट कर सम्मानित किया। किसानों के साथ हरियाणा के कृषि मंत्री जय प्रकाश दलाल और कृषि विभाग के अधिकारीगण भी उपस्थित थे।किसानों को संबोधित करते हुए श्री‌ धनखड़ ने किसानों को अर्थव्यवस्था की रीढ़ की हड्डी बताया। उन्होंने कहा कि भारतीय संसद दुनिया की सबसे बड़ी पंचायत है। इस पंचायत में किसानों की चर्चा होनी चाहिए।उपराष्ट्रपति ने कहा कि कृषि उत्पादों और खाने पीने की वस्तुओं का बहुत बड़ा व्यापार है, और आज बड़े प्रबंधन संस्थानों से पढ़े हुए युवा भी इस व्यापार में आ रहे हैं। (वार्ता)

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