
दुद्धी,सोनभद्र : मकर संक्रान्ति पर्व पर क्षेत्र के कनहर एवं ठेमा नदी के संगम तट पर लगने वाले पारम्परिक मेले में इस बार भारी भीड़ रही। इस वर्ष नियत तिथि 14 और 15 जनवरी दो दिन मकर संक्रांति का पर्व मनाया गया। बतादें कि सैकड़ो वर्ष से कनहर-ठेमा संगम तट पर स्नान करने की परम्परा आज भी लोगों की आस्था का प्रतिविम्ब बना हुआ है। रविवार को प्रातःकाल से ही दुद्धी, विंढमगंज, महुली, पतारिहा, पोलवा, जोरूखांड़, मल्देवा, बीड़र,रजखड़,जाबर, खजुरी समेत पड़ोसी प्रान्त झारखण्ड के नगर ऊंटारी आदि स्थानों से आने वाले श्रद्धालुओं से नदी का संगम तट पट चुका था।

कनहर में आस्था की डुबकी लगाकर,सूर्य नारायण को अर्ध्य देने की होंड़ श्रद्धालुओं में लगी रही।वहीं मेले में लाई, तिलवा समेत खीचड़ी बनाकर पारिवारिक समूह में बैठकर खाने की परंपरा आज भी ग्रामीण क्षेत्र की संस्कृति एवं परम्परा का जीता जागता उदाहरण देखने को मिला।इस ऐतिहासिक मेले में उमड़ने वाली हजारों की भीड़ को देखते हुए झारखण्ड एवं यूपी के सैकड़ो छोटे-बड़े व्यवसायी भी मेले में अपने व्यवसाय के लिए खिंचे चले आते हैं,जिससे मेले में तरह तरह के व्यंजन,झूले व आकर्षक स्टाल से मेले में चार चांद लग जाती है।

मेले की बढ़ती लोकप्रियता के कारण बढ़ रहे भीड़ से रीवां-रांची हाइवे का मुख्य कनहर पुल से दोनों तरफ जाम की स्थिति उत्पन्न होती रही। पुल पर लगी जाम को हटाने की कमान विंढमगंज के प्रभारी निरीक्षक मनोज ठाकुर ने स्वयं संभाली, तब जाकर आधे घंटे बाद जाम से मुक्ति मिली। मेला क्षेत्र में इलाकाई विंढमगंज पुलिस एवं दुद्धी पुलिस काफी चौकन्नी दिखी। पुलिस के जवान कड़ी मेहनत व सतर्कता के साथ हाईवे पर मेले की उमड़ी भीड़ को कंट्रोल कर,यातायात बहाल रखने में डटे रहे।



