
नयी दिल्ली : उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के प्रारुप का प्रस्ताव तैयार हो गया है और इसे जल्द ही उत्तराखंड सरकार को सौंप दिया जाएगा।यूसीसी के प्रारूप को तैयार करने के लिए उत्तराखंड सरकार द्वारा गठित विशेषज्ञ समिति के सदस्यों ने शुक्रवार को यहां संवाददाता सम्मेलन में यह जानकारी देते हुए बताया कि कानून के प्रारुप का प्रस्ताव तैयार है और जल्द ही प्रकाशित कर इसे उत्तराखंड सरकार को सौंप दिया जाएगा। प्रारुप में समाज के सभी वर्गों के हितों को महत्व दिया गया है और महिलाएं तथा विकलांग के साथ ही हर वर्गों को इसमे शामिल किया गया है। उनका कहना था इससे समाज के सभी वर्गों का हित होगा और सभी नागरिक के कल्याण को सुनिश्चित किया जा सकेगा।
समिति के सदस्यों ने बताया कि उत्तराखंड सरकार ने 27 मई 2022 को व्यक्तिगत नागरिक मामलों को नियंत्रित करने वाले सभी नागरिकों के अधिकारों को सुरक्षित करने के लिए विशेषज्ञ समिति का गठन किया था जिसकी पहली बैठक गत वर्ष चार जुलाई को हुई और तब से समिति की 63 अलग-अलग बैठकें हो चुकी हैं। समिति ने समाज के सभी वर्गों के लोगों से मिलने के लिए उप समिति भी बनाई जिसने सबसे पहले राज्य के सीमांत तथा आदिवासी बाहुल्य गांव माणा के लोगों से बात की। उपसमिति ने राज्य के विभिन्न जिलों में लोगों से मुलाकात कर उनके विचार जानें और इस कड़ी में आखिरी बैठक गत 24 जून को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में हुई जहां प्रवासी उत्तराखंड के लोगों के विचार लिए गये।
उप समिति ने 143 अलग-अलग बैठक के इस प्रस्ताव को तैयार करने के लिए करके की विशेषज्ञ समिति नेबात की।विशेषज्ञ समिति के सदस्यों ने बताया कि उसने उत्तराखंड की विविध संवैधानिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों से भी बात की है। इसके अलावा भारत सरकार के विधि आयोग के साथ भी विशेषज्ञ समिति ने गत दो जून को बैठक की। यूसीसी से जुड़े लोगों की राय लेने के लिए समिति ने देश तथा विदेश में भी यूसीसी पर विचार विमर्श किया है।उन्होंने बताया कि देश में यूसीसी को लेकर समिति को दो लाख 31 हजार से ज्यादा लिखित प्रस्ताव मिले हैं। इसके अलावा समिति तथा उप समिति के लोगों ने 20 हज़ार लोगों से जगह-जगह जाकर बात की है।(वार्ता)



